एक ही देश में 2 मौसम! कहीं 45°C की आग, कहीं मूसलाधार बारिश; IMD का चौंकाने वाला अपडेट
Imd Weather Alert today: देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है. दिल्ली, यूपी, राजस्थान और मध्य भारत के इलाकों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है. IMD के मुताबिक साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के समय गर्मी और ज्यादा महसूस हो रही है.
वहीं, दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है. आने वाले दिनों में लू चलने की आशंका बनी हुई है. ऐसे में मौसम विभाग की सलाह है कि खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधान रहें और जरूरत न हो तो दिन में बाहर कम निकलें या छाता लेकर बाहर जाएं.
IMD has predicted heat wave conditions today over Rajasthan, Uttar Pradesh, Madhya Pradesh, Vidarbha, Chhattisgarh and Jharkhand.
— All India Radio News (@airnewsalerts) April 20, 2026
Gangetic West Bengal, Coastal Andhra Pradesh, Coastal Karnataka, Kerala and Mahe will also experience hot and humid weather for the next 2–3 days.… pic.twitter.com/4OiXyDCX1l
नॉर्थ-ईस्ट में भारी बारिश और तूफान, दिल्ली में क्या होगा?
जहां एक तरफ उत्तर भारत झुलस रहा है वहीं, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में तेज बारिश हो रही है. कई जगहों पर आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण इन इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है.
क्यों बन रहे हैं ऐसे हालात? आगे देशभर में मौसम का हाल...
मौसम विभाग का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम सिस्टम सक्रिय हैं. जैसे उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम है, जिससे गर्मी बढ़ रही है. वहीं, पूर्वोत्तर में नमी और हवा का दबाव बारिश को बढ़ा रहा है.
दिल्ली-NCR में बढ़ेगी गर्मी, 40-42°C तक जाएगा पारा
दिल्ली-NCR में बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 39-41°C और न्यूनतम 20-23°C के बीच दर्ज किया गया. कुछ इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री ज्यादा रहा, जिससे लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है. IMD के मुताबिक 21 अप्रैल को भी मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा. 22 अप्रैल को तापमान और बढ़ने के संकेत हैं. इस दिन अधिकतम तापमान 40-42°C और न्यूनतम तापमान 21-23°C रहने की उम्मीद है.
अगले 48 घंटे का कैसा रहेगा मौसम, IMD का पूर्वानुमान
IMD ने आने वाले दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में हीटवेव जारी रह सकती है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है. इसके अलावा कुछ जगहों पर आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वह स्थानीय प्रशासन की सलाह को मानें और मौसम पर अपडेट लेकर ही घर से निकलें.
पूर्वी भारत के कई इलाकों में लू चलने की संभावना है
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने से गर्मी बढ़ रही है, वहीं पूर्व और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन सक्रिय होने से बारिश और आंधी की गतिविधियां तेज हैं. अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में लू चलने की संभावना है, जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही कुछ राज्यों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और गर्म व उमस भरे मौसम की भी चेतावनी दी गई है.
FAQ
Q1. क्या पूरे देश में हीटवेव चल रही है?
नहीं, सिर्फ उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में हीटवेव जैसी स्थिति है.
Q2. नॉर्थ-ईस्ट में इतनी बारिश क्यों हो रही है?
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मौसम प्रणाली इसकी मुख्य वजह है.
Q3. क्या अगले दिनों में मौसम बदलेगा?
IMD के अनुसार फिलहाल यही स्थिति अगले 48 घंटे तक बनी रह सकती है.
Q4. हीटवेव से कैसे बचें?
धूप से बचें, पानी ज्यादा पिएं और जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें.
Q5. क्या यह जलवायु परिवर्तन का असर है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे चरम मौसम पैटर्न में जलवायु परिवर्तन की भूमिका हो सकती है, लेकिन हर घटना सीधे इससे जुड़ी हो, ऐसा जरूरी नहीं.
Swachh Gwalior Mission 2026: ग्वालियर नगर निगम की नई मुहिम, व्यापारियों और बच्चों के साथ मिलकर बनाया बड़ा प्लान
Swachh Gwalior Mission 2026: ग्वालियर को देश के नक्शे पर सबसे साफ सुथरे शहर के रूप में स्थापित करने के लिए नगर निगम ने एक नई और बड़ी पहल की शुरुआत की है. ग्वालियर के ऐतिहासिक राजवाड़ा इलाके से देश के सबसे बड़े स्वच्छता अभियान का आगाज किया गया. इस कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. इस अभियान का मुख्य मकसद केवल सफाई करना नहीं है, बल्कि ग्वालियर के हर नागरिक को इस मुहिम से जोड़कर शहर को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन पायदान पर लाना है. कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से ग्वालियर को सुंदर और स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया.
प्लास्टिक और नालियों की समस्या पर कड़ा प्रहार
अभियान के दौरान टी प्रतीक राव ने एक बेहद गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि अक्सर लोग घरों का प्लास्टिक और पॉलिथीन नालियों में बहा देते हैं. यह प्लास्टिक आगे जाकर नालियों को पूरी तरह जाम कर देता है. पिछले साल हुई भारी बारिश के दौरान ग्वालियर की सड़कों और घरों में पानी भरने का सबसे बड़ा कारण यही चोक हुई नालियां थीं. निगम अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे प्लास्टिक को नालियों में फेंकने के बजाय नगर निगम की डोर टू डोर कचरा गाड़ियों को ही दें. यदि प्लास्टिक सही तरीके से कचरा प्रबंधन प्लांट तक पहुंचता है, तो उसका इस्तेमाल सड़क बनाने या सीमेंट प्लांट में किया जा सकता है, जो पर्यावरण के लिए भी बेहतर है.
बच्चों के जरिए जागरूकता और डिजिटल क्रांति
ग्वालियर के पूर्व महापौर विवेक शेजवलकर ने स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया. उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि स्वच्छता की आदत डालने के लिए स्कूली बच्चों को जागरूक करना सबसे प्रभावी तरीका है. जब बच्चे जागरूक होते हैं, तो वे अपने माता पिता और बड़ों को भी कचरा सही जगह फेंकने के लिए टोकते हैं. इसके अलावा उन्होंने कचरा संग्रहण प्रणाली में निरंतरता और सुधार की बात कही. उन्होंने सुझाव दिया कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल पर मैसेज के जरिए नागरिकों को सूचना मिलनी चाहिए कि कचरा गाड़ी उनके मोहल्ले में कब आने वाली है. इससे कचरा संग्रहण की व्यवस्था और अधिक सटीक और पारदर्शी हो जाएगी.
व्यापारियों की भूमिका और व्यावहारिक समाधान
शहर के व्यापारिक संगठनों ने भी इस अभियान में अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है. व्यापारी नेता प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है. व्यापारियों की एक व्यावहारिक समस्या यह है कि सुबह दुकान खुलने और सफाई होने के बाद कचरा गाड़ी का समय निकल चुका होता है. उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्य बाजारों में दोपहर के समय भी कचरा गाड़ी का एक राउंड होना चाहिए ताकि बाजार पूरी तरह साफ रहें. साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नालियों से निकलने वाली सिल्ट और कचरा तुरंत वहां से हटाया जाना चाहिए, वरना वह दोबारा बारिश के पानी के साथ नाली में चला जाता है.
सतत विकास और सामूहिक भागीदारी
ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने इस संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि स्वच्छता कोई एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है. निगम का उद्देश्य शहर के हर वार्ड तक पहुंचकर नागरिकों, युवाओं और बुजुर्गों को इस मिशन का हिस्सा बनाना है. जब तक जनता की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता. ग्वालियर को एक सुंदर और बेहतर शहर बनाने के लिए प्रशासन अब हर स्तर पर जनता के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहा है. इस अभियान के जरिए ग्वालियर ने अब सीधे तौर पर देश के सबसे स्वच्छ शहरों को चुनौती देने की तैयारी कर ली है. शहर की आर्थिक वृद्धि और विकास के लिए भी स्वच्छता को एक अनिवार्य कड़ी माना जा रहा है.
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