60 या 80 की उम्र में भी मिल सकता है प्यार! जानिए क्यों उम्र के आखिरी पड़ाव में शादी बन सकती है खूबसूरत फैसला
Bhilwara Hindi News: समाज में लंबे समय तक यह धारणा रही है कि शादी एक निश्चित उम्र तक ही सीमित होती है, लेकिन बदलते समय के साथ यह सोच अब तेजी से बदल रही है. आज के दौर में 60 या 80 वर्ष की उम्र में भी लोग अपने लिए जीवन साथी चुन रहे हैं और एक नई शुरुआत कर रहे हैं. उम्र के इस पड़ाव पर शादी केवल साथ निभाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारा, दोस्ती और मानसिक संतुलन का भी आधार बनती है. अकेलेपन से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है. परिवार और समाज की सोच में भी बदलाव आ रहा है, जिससे ऐसे निर्णयों को स्वीकार्यता मिल रही है. सही समझ, आपसी सम्मान और सहयोग के साथ उम्र के किसी भी पड़ाव पर शादी एक सुखद और संतोषजनक अनुभव बन सकती है.
'मीलॉर्ड मेरी फाइल...' केजरीवाल की एक डिमांड और बदल गया जस्टिस स्वर्णकांता का मन, 2 घंटे बढ़ा दिया फैसले का वक्त
Arvind Kejriwal High Court Hearing: दिल्ली की कथित आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए अरविंद केजरीवाल ने अपनी फाइल रिकॉर्ड पर लेने की मांग की. जस्टिस स्वर्णकांता ने सुबह सुनवाई के दौरान पहले कहा था कि वह इस मामले पर आज 2:30 बजे फैसला सुनाएंगी. हालांकि अब उन्होंने फैसला का वक्त दो घंटे बढ़ा दिया है.
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