खंडवा में वन विभाग रेंजर द्वारा आदिवासियों से बदसलूकी पर भड़के उमंग सिंघार, BJP को घेरा, मुख्यमंत्री से जांच की मांग
खंडवा जिले के नरमलाया गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंचे वन रेंजर द्वारा आदिवासी परिवारों को कथित तौर पर धमकाने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का मामला अब राजनीतिक स्तर पर गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना को बीजेपी सरकार की आदिवासी विरोधी मानसिकता करार दिया है।
उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री से तुरंत निष्पक्ष जांच करने और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में किसी भी आदिवासी के साथ इस तरह का अन्याय एवं अभद्र व्यवहार दोबारा न हो।
ये है मामला
खंडवा जिले के माथाता विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नरमलाया गांव में वन विभाग की बताई जा रही जमीन पर करीब 20 आदिवासी परिवार दशकों से रह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन पहले राजस्व विभाग के अंतर्गत थी और उनकी चार पीढ़ियां यहां 80 साल से बसी हुई हैं। 2022 में ओंकारेश्वर क्षेत्र में वन भूमि के बदले राजस्व विभाग ने नरमलाया में 9.36 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को ट्रांसफर की थी। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी वन विभाग ने इसका कब्जा नहीं लिया था। अब जब अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के साथ वन अमले के साथ रेंजर शंकर सिंह चौहान पहुंचे तो स्थानीय आदिवासियों ने विरोध जताया। इसी दौरान रेंजर ने गुस्से में कहा “ज्यादा फालतू बात मत करना…मैं यहीं तुम्हारी कब्र बना दूंगा तुम्हारे गांव वाली सब देखते रह जाएंगे”। यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें रेंजर की तीखी और धमकी भरी भाषा साफ सुनाई दे रही है।
उमंग सिंघार ने की जांच की मांग
इस मामले में उमंग सिंघार ने सरकार और प्रशासन को घेरा है। उन्होंने कहा कि “आदिवासी परिवारों को डराने-धमकाने और ‘कब्र बना दूंगा’ जैसी शर्मनाक भाषा का इस्तेमाल भाजपा के तथाकथित सुशासन और आदिवासी प्रेम की असलियत सामने लाता है। यह कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि सत्ता के संरक्षण में अधिकारियों द्वारा गरीब और आदिवासी समाज को दबाने की सोच को दर्शाता है।” नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आदिवासी हमारे प्रदेश की अस्मिता हैं। उनके सम्मान और अधिकारों से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आदिवासियों को डराने या कुचलने की हर कोशिश का सशक्त जवाब दिया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से कड़े शब्दों में मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषी अधिकारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में प्रदेश के किसी भी आदिवासी के साथ इस तरह का अन्याय या अभद्र व्यवहार न हो।
अंडरवर्ल्ड डॉन से रिश्ता, टॉपलेस फोटोशूट और ड्रग तस्कर से शादी, ये हैं ममता कुलकर्णी के कारनामे
Mamta Kulkarni Birthday: 90 के दशक की चर्चित और विवादों में घिरी रहीं एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. जैसा कि हम सभी जानते हैं ममता कुलकर्णी बेहतरीन एक्ट्रेसेस में से एक हैं. जी हां, बॉलीवुड को उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं और इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बनाई. फैंस उन्हें आज भी 'राणा जी माफ करना' गाने के लिए याद करते हैं. वहीं ममता कुलकर्णी फिल्मों के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी खूब चर्चा में रहीं. तो ऐसे में चलिए आज उनके 54वें बर्थडे पर उनके फिल्म करियर और पर्सनल लाइफ के बारे में जानते हैं.
फिल्मी करियर की शुरुआत और सफलता
ममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल 1972 को मुंबई में एक मराठी परिवार में हुआ था. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1991 में तमिल फिल्म 'ननबरगल' से की. इसके बाद 1992 में फिल्म 'तिरंगा' से बॉलीवुड में एंट्री ली. हालांकि उन्हें असली पहचान 1993 में आई फिल्म आशिक आवारा' से मिली, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर न्यू फेस अवॉर्ड भी मिला. इसके बाद उन्होंने लगातार कई हिट फिल्मों में काम किया, जिनमें 'करण अर्जुन', 'क्रांतिवीर', 'वक्त हमारा है' और 'सबसे बड़ा खिलाड़ी' शामिल हैं. वहीं अपने ग्लैमरस अंदाज और बोल्ड इमेज के कारण वो 90 के दशक की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं.
टॉपलेस फोटोशूट विवाद
ममता का नाम सबसे पहले 1993 में एक बड़े विवाद में आया, जब उन्होंने एक चर्चित मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट करवाया. इस फोटोशूट के बाद भारी विरोध हुआ, प्रदर्शन हुए और मामला इतना बढ़ गया कि उन्हें जुर्माना भी भरना पड़ा. हालांकि यह भी कहा जाता है कि यह मैगजीन ब्लैक में काफी ऊंची कीमत पर बिकी.
अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की चर्चाएं
इतना ही नहीं, उनका नाम अंडरवर्ल्ड से भी जोड़ा गया. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनका संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन से था. यहां तक कहा गया कि इसी वजह से उन्हें एक फिल्म से बाहर कर दिया गया था, लेकिन बाद में फोन कॉल के जरिए उन्हें वापस लिया गया.
हालांकि इन दावों की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई और ममता ने हमेशा इन आरोपों को गलत बताया.
ड्रग केस और शादी की खबरें
साल 2016 में ममता एक बार फिर सुर्खियों में आईं जब उनका नाम ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी के साथ जुड़ा. दोनों की शादी की खबरें सामने आईं. इसी दौरान केन्या एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी और एक बड़े ड्रग रैकेट का खुलासा भी हुआ. हालांकि बाद में ममता को इस मामले में राहत मिल गई और वो लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं.
आध्यात्म की ओर बड़ा कदम
अब सालों बाद ममता कुलकर्णी ने पूरी तरह से नया जीवन अपनाने का फैसला किया है. प्रयागराज के महाकुंभ में संन्यास लेकर वो किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी हैं. उनका नया नाम ‘श्री यमाई ममता नंद गिरि’ रखा गया है. कभी अपने ग्लैमरस अंदाज से सुर्खियां बटोरने वाली ममता अब आध्यात्म और साधना की राह पर चल पड़ी हैं.
एक बदली हुई पहचान
ममता कुलकर्णी का जीवन फिल्मी दुनिया की चमक-दमक, विवादों और रहस्यों से भरा रहा है. लेकिन अब उनका यह नया अध्याय पूरी तरह अलग है, जहां वो सांसारिक जीवन को त्यागकर आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ रही हैं. उनकी ये यात्रा बॉलीवुड की सबसे अनोखी और चौंकाने वाली ट्रांसफॉर्मेशन में से एक मानी जाती है.
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