School Timing change: गर्मी-लू का असर, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों का समय बदला, जानें नई टाइमिंग
उत्तर प्रदेश में बढ़ते तापमान, तेज गर्मी और लू के प्रकोप को देखते और छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जिला प्रशासनों ने स्कूलों के समय में बदलाव किए हैं। इसके तहत अधिकांश जिलों में स्कूलों का संचालन अब सुबह की पाली में किया जा रहा है। यह आदेश सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, CBSE, ICSE और अन्य सभी बोर्ड के स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे।
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, झांसी, चंदौली, संतकबीर नगर, प्रतापगढ़, राजधानी लखनऊ, चित्रकूट और जौनपुर में जिले में अब स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे। मिर्जापुर, प्रयागराज, आगरा, जालौन, औरेया और हमीरपुर के सभी स्कूल अब दोपहर 12:00 बजे के बाद संचालित नहीं होंगे।
इसके अलावा शाहजहांपुर व काशी में कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूल अब 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक संचालित होंगे। अंबेडकरनगर में जिलाधिकारी के आदेश पर अब प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल सुबह 7:00 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक संचालित होंगे। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। नए समय का पालन जिले के सभी परिषदीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अनिवार्य रूप से किया जाएगा। सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार दर्ज किया जा रहा है। बीते 24 घंटों में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं प्रयागराज, झांसी, आगरा और वाराणसी में भी गर्मी का असर तेज रहा । सोमवार (20 अप्रैल 2026) को 2 दर्जन जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल 23-24 अप्रैल तक मौसम का मिजाज यूही बने रहने का अनुमान है।
आयुर्वेद का एंटी-एजिंग नुस्खा: 40 की उम्र में मिलेगा 20 जैसा चमकदार ग्लो
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियां आने के बाद सभी की पहली परेशानी होती है, स्किन का कैसे ख्याल रखा जाए। तेज गर्मी, पसीना और सन टैनिंग से स्किन अपना सारा ग्लो खो देती है।
स्किन को हमेशा स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए सिर्फ बाहरी देखभाल ही जरूरी नहीं है, उसके लिए आंतरिक देखभाल भी जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार त्वचा की खूबसूरती सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदरूनी स्वास्थ्य, सही आहार और सही देखभाल पर निर्भर करती है।
आयुर्वेद में सुंदरता को शरीर के संतुलन से जोड़कर देखा गया है। अगर शरीर में सब कुछ सही है, तो उसका ओज चेहरे पर साफ दिखता है। बढ़ती उम्र के साथ भी चेहरे पर कई परेशानियां दिखने लगती हैं। इन सभी परेशानियों से छुटकारा पाना बहुत आसान है, बस इसके लिए आपको आहार से लेकर लेपन में परिवर्तन लाना होगा। बाजार में बिकने वाले महंगे और केमिकल से भरे प्रोडक्ट की जगह घरेलू उपायों का सहारा लें। इसके लिए अपनी जीवनशैली में मसूर की दाल का फेसपैक और जायफल का फेसपैक शामिल कर सकते हैं।
अगर टैनिंग और चेहरे पर दाग-धब्बे हैं तो इसके लिए मसूर की दाल को हल्का भूनकर पेस्ट बना लें। पेस्ट में हल्दी, दूध और मुल्तानी मिट्टी मिलाकर चेहरे पर लगाए। सूख जाने पर चेहरे की हल्की मसाज करके पैक को धीरे-धीरे निकाले। यह चेहरे की गंदगी को गहराई से साफ करेगा और चेहरा पर ग्लो भी लाएगा। केसर और जायफल का पैक भी गर्मियों में चेहरे पर अच्छे रिजल्ट देता है।
इसके लिए केसर को दूध में भिगो दें और जायफल को पीसकर पेस्ट बना लें। जायफल में थोड़ा बेसन और केसर वाला दूध मिलाकर लगा लें। यह डार्क सर्कल और पिगमेंटेशन को ठीक करता है। हफ्ते में दो बार इसे लगा सकते हैं। जायफल को सीधे चेहरे पर लगाने से बचें, कुछ मिलाकर लगाएं। इसकी गर्म तासीर चेहरे को छील सकती है।
बाहरी सुंदरता के साथ आंतरिक सुंदरता भी जरूरी है। इसके लिए आहार में खूब सारा पानी, चुकंदर, ताजे फल, आंवला और अनार को जरूर शामिल करें। भोजन में विरुद्ध आहार से बचें, जैसे दूध के साथ नमकीन खाना, दूध के साथ दही, और मीठे फलों के साथ खट्टे फलों का सेवन करने से बचें।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
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