Responsive Scrollable Menu

सीटीआईएल ने अंतरराष्ट्रीय सब्सिडी पर डब्ल्यूटीओ के फैसले पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के व्यापार और निवेश विधि केंद्र (सीटीआईएल) ने दक्षिण एशियाई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विधि नेटवर्क (एसएआईएलएन) और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विधि सोसायटी (आईएसआईएल) के समन्‍वय से भारतीय अंतरराष्ट्रीय विधि सोसायटी में इंडोनेशिया से स्टेनलेस स्टील कोल्ड-रोल्ड फ्लैट उत्पादों पर यूरोपीय संघ के प्रतिपूरक और एंटी-डंपिंग शुल्क (डीएस 616) विवाद में अंतरराष्ट्रीय सब्सिडी पर डब्ल्यूटीओ पैनल के फैसले पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया। यह जानकारी वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से रविवार को दी गई।

मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि पैनल ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) पैनल के निष्कर्षों का विश्लेषण किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि एससीएम समझौते के अनुच्छेद 1.1(ए)(1) के तहत सरकार द्वारा ‘‘वित्तीय योगदान’’ की परिभाषा एक सीमित सूची है, जिससे सरकार-से-सरकार प्रलोभन इसके दायरे से बाहर हो जाता है। चर्चा में ‘‘सार्वजनिक निकाय’’ का दर्जा निर्धारित करने से संबंधित मुद्दों पर भी विचार किया गया, जिसमें किसी संस्था की विशेषताओं और सरकार के साथ उसके संबंधों के ठोस मूल्यांकन की आवश्यकता पर बल दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय सब्सिडी को विनियमित करने के लिए इस फैसले के व्यापक निहितार्थों की भी जांच की गई, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून और विकसित हो रही औद्योगिक नीतियों के बीच संबंधों पर इसके संभावित प्रभाव शामिल हैं। सत्र में सीमा पार राज्य सहायता तंत्रों की बढ़ती जटिलता और मौजूदा डब्ल्यूटीओ ढांचे के लिए उनके द्वारा उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया।

भारतीय अंतरराष्ट्रीय विधि सोसायटी (आईएसआईएल) के अध्यक्ष और धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (डीएनएलयू), जबलपुर के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा (वर्चुअल) ने उद्घाटन भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सीमा पार आर्थिक सहयोग और विकसित हो रही औद्योगिक रणनीतियों के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय व्यापार विनियमन की बढ़ती जटिलता पर जोर दिया।

इस पैनल चर्चा की अध्यक्षता सीटीआईएल के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. जेम्स जे. नेदुमपारा ने की और इसमें एएसएल लीगल के प्रबंध भागीदार शरद भंसाली; डब्ल्यूटीओ अध्ययन केंद्र के सहायक प्रोफेसर मुकेश भटनागर; आर्थिक कानून अभ्यास (ईएलपी) के भागीदार पार्थसारथी झा; और सीटीआईएल के शोध फेलो आशुतोष कश्यप शामिल हुए थे।

रिलीज में बताया गया कि सत्र का समापन अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश कानून अध्ययन केंद्र के निदेशक और धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (डीएनएलयू), जबलपुर में विधि के सहायक प्रोफेसर डॉ. उत्कर्ष के मिश्रा (वर्चुअल) के संबोधन के साथ हुआ।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

Trump Attack Cuba: ट्रंप ने अगला टारगेट किया सेट! क्या यहां भी होंगे वेनेजुएला जैसा हालात?

ईरान के बाद क्या क्यूबा का नंबर है? इस खबर से ही दुनिया परेशान है क्योंकि जिस तरह से ट्रंप लगातार दुनिया के तमाम देशों को धमकियां दे रहे हैं. उससे अब अमेरिका के सहयोगी देश भी परेशान हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लेटिन अमेरिकी देश पर कब्जे की रणनीति क्यों बना रहे हैं ट्रंप? एक-एक डिटेल इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं.

ट्रंप ने क्यूबा को धमकाना शुरू कर दिया है

ईरान पर हमला, वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण, ग्रीनलैंड पर कब्जा की धमकी और अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को धमकाना शुरू कर दिया है. अमेरिकी सत्ता को जब से डोनाल्ड ट्रंप ने संभाला है, पूरे जियोपॉलिटिक्स को बदल कर रख दिया है. पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची है. पूरी दुनिया टेंशन में है और अब एक देश को और टारगेट करने वाले हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. यूएसए टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक क्यूबा में पेंटागन के नेतृत्व में संभावित अभियान के लिए सैन्य योजना को चुपचाप गति दी जा रही है ताकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से वहां हस्तक्षेप करने का आदेश दिए जाने की स्थिति में कारवाई की जा सके. यह निर्देश संयुक्त राज्य अमेरिका और क्यूबा के बीच हालिया तनाव में वृद्धि का संकेत दे रहा है. 

ऐतिहासिक आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बातचीत

अमेरिका और क्यूबा ने स्वीकार किया है कि वो संकट से निकलने का रास्ता खोजने के शुरुआती चरण में हैं. लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष कितना समझौता करने को तैयार हैं. मार्च में यूएसए टुडेट ने खबर दी थी कि दोनों देश एक संभावित ऐतिहासिक आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बातचीत कर रहे थे जिससे संबंधों में सुधार आ सके. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारों इशारों में ही क्यूबा को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. जब उनसे एक रिपोर्टर ने क्यूबा के खिलाफ एक्शन लेने का सवाल पूछा. क्यूबा और अमेरिका के बीच मुख्य विवाद
की क्यूबा क्रांति के बाद से विचारधारा वाली लड़ाई है. पूंजीवाद और कम्युनिस्ट के बीच की लड़ाई है जो वक्त के
साथ और आगे बढ़ती गई.

दो देशों के बीच साधारण मतभेद नहीं

क्यूबा और अमेरिका के संबंध दुनिया की सबसे जटिल और लंबे समय तक चले राजनीतिक संघर्षों में से एक रहे  हैं. यह दुश्मनी केवल दो देशों के बीच साधारण मतभेद नहीं है. बल्कि इसमें शीत युद्ध की राजनीति, विचारधारा का टकराव और आर्थिक हित और रणनीतिक महत्व जैसे कई पहलू जुड़े हुए हैं. कैरेबियन देश क्यूबा पर 1898 से लेकर 1950 के बीच में अमेरिका का परोक्ष या अप्रत्यक्ष कंट्रोल रहा. दरअसल 1898 से पहले क्यूबा एक उपनिवेश था जिस पर स्पेन की अधिसत्ता चलती थी. लेकिन 1898 में युद्ध हुआ. अमेरिकन फोर्सेस ने क्यूबा की आजादी में हस्तक्षेप किया. स्वतंत्रता मिली और स्वतंत्रता के साथ ही क्यूबा परोक्ष रूप से अमेरिका का ही उपनिवेश बनता हुआ नजर आया. क्यूबा में जो उद्योग थे खासतौर पर अगर चीनी मिल की बात करें तो उनका स्वामित्व पूरी तरीके से अमेरिकन कंपनियों के कंट्रोल में था. यहां तक कि क्यूबा के अंदर एक नौसैनिक अड्डा भी अमेरिकन फोर्सेस ने बनाकर दिखाया. लेकिन 1950 के बाद स्थितियां काफी प्रतिकूल हो गई और 1950 के बाद क्यूबा में अमेरिका का हस्तक्षेप और अमेरिका का प्रभाव खत्म होता हुआ नजर आया. क्यूबा अमेरिका के प्रभाव से निकलना चाहता था. लेकिन यह इतना आसान नहीं था. 1950 के दशक में क्यूबा में फुलगेंशओ बतिषता की तानाशाही सरकार थी. जिसे अमेरिका का समर्थन हासिल था. लिहाजा कोई दिक्कत नहीं लेकिन असली परेशानी तब शुरू हुई जब 1959 में क्यूबा में सरकार बदली. 1959 में फिदेल कास्तो के नेतृत्व में एक क्रांति हुई जिसने फुलगेंशियो बतिस्ता को सत्ता से हटा दिया.

Continue reading on the app

  Sports

Viral Video: हाथ में नींबू और SRH के फैन ने बुदबुदाया कुछ...शिवम दुबे के साथ जो हुआ, वो देख सब सन्न

आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले में एक अजीब घटना ने सभी का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक फैन स्टैंड्स में नींबू के साथ कुछ टोटका करता दिख रहा। हैरानी की बात यह रही कि उसी के तुरंत बाद शिवम दुबे अगली ही गेंद पर आउट हो गए। इस घटना को लेकर फैंस मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे।

मैच की बात करें तो यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसमें हैदराबाद ने चेन्नई को 10 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए SRH ने 194 रन बनाए। जवाब में CSK की टीम 184/8 ही बना सकी और लक्ष्य से 10 रन दूर रह गई।

चेन्नई के लिए लक्ष्य आसान लग रहा था क्योंकि आखिरी 10 ओवर में सिर्फ 84 रन चाहिए थे। लेकिन श्रीलंकाई तेज गेंदबाज Eshan Malinga ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके। उनके साथ युवा स्पिनर शिवांग कुमार ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया।

शिवम दुबे (21 रन) और मैथ्यू शॉर्ट (34 रन) ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन रन गति तेज नहीं कर पाए। आखिरी ओवर में CSK को 18 रन चाहिए थे, लेकिन प्रफुल हिंगे ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 7 रन दिए और टीम को जीत दिला दी।

इससे पहले CSK के लिए आयुष म्हात्रे (30 रन, 13 गेंद) ने तेज शुरुआत की, लेकिन हैमस्ट्रिंग चोट के कारण उनकी लय टूट गई। वहीं कप्तान रुतुराज गायकवाड़ (19 रन) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके।

SRH की बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा ने तूफानी अंदाज में 22 गेंदों में 59 रन बनाकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। हालांकि इसके बाद टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाए, लेकिन हेनरिक क्लासेन ने 59 रन की पारी खेलकर स्कोर 194 तक पहुंचाया।

चेन्नई के गेंदबाज जेमी ओवरटन और कम्बोज ने 3-3 विकेट लेकर SRH को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। एक समय हैदराबाद 225-230 तक पहुंच सकता था, लेकिन आखिरी ओवरों में विकेट गिरने से रन रफ्तार थम गई।

इस जीत के साथ SRH अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया, जबकि CSK सातवें स्थान पर बना हुआ है। गौरतलब है कि चेन्नई पिछले आठ सालों से 190 से ज्यादा का लक्ष्य चेज नहीं कर पाई है, जो टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मैच के बाद जहां एक ओर SRH की गेंदबाजी की तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी ओर फैन के ‘टोटके’ वाला वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

Sun, 19 Apr 2026 18:57:55 +0530

  Videos
See all

Viral Video | मां गंगा की डोली का भव्य स्वागत #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-19T14:10:04+00:00

US-ईरान के बीच इस्लामाबाद में हो सकती है वार्ता | Iran US War | Peace Talk | America Iran Ceasefire #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-19T14:06:51+00:00

इटली में कॉफी पीने का अनोखा अंदाज [the legendary Italian coffee bar] #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-19T14:15:02+00:00

Strait of Hormuz: भारतीय जहाज पर हमले का Audio Leak? Indian Merchant Ship News #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-19T14:08:27+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers