रसायन छोड़ ‘जीवामृत’ से खेती का नया रास्ता, पाली में वैज्ञानिकों का फॉर्मूला बदल रहा किसानों की तकदीर, देखें वीडियो
Organic Farming Methods : आज के समय में खेती में रसायनों का बढ़ता उपयोग मिट्टी की उर्वरता और लोगों की सेहत दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है. ऐसे में पाली स्थित काजरी के वैज्ञानिक किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दे रहे हैं, जो कम लागत और बेहतर उत्पादन का विकल्प बनकर उभर रही है. वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पद्धति में बाजार से महंगे खाद और कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं होती, बल्कि देशी गाय के गोबर और गौमूत्र से ‘जीवामृत’ जैसे लिक्विड खाद तैयार किए जाते हैं. यह न केवल मिट्टी को उपजाऊ बनाता है, बल्कि फसलों को कीटों से भी बचाता है. काजरी द्वारा किए गए प्रयोगों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. सरकार भी इसे मिशन मोड में बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा और स्वस्थ खेती का नया रास्ता मिल रहा है.
गंगा जलमार्ग से बनेगा इनलैंड पोर्ट सिटी, कारोबार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा सहारा, यूरोपीय तर्ज पर कानपुर में होगा शुरू
कानपुर शहर को इनलैंड पोर्ट सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. गंगा नदी के जरिए जलमार्ग व्यापार शुरू करने की योजना पर काम तेज हो गया है. शासन से मंजूरी मिलने के बाद कानपुर मंडल प्रशासन ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मंडलायुक्त विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि यह परियोजना पीपीपी मॉडल यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर विकसित की जाएगी. इसके तहत गंगा किनारे बसे शहरों को कानपुर से जोड़ा जाएगा. इससे सामान की ढुलाई आसान होगी और व्यापारियों को सस्ता व तेज परिवहन विकल्प मिलेगा.
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