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Iran-US Peace Talks पर सस्पेंस, तेहरान बोला- फाइनल समझौते में अभी लगेगा काफी वक्त

ईरान और अमेरिका के बीच जल्द ही दूसरे दौर की शांति वार्ता होने की उम्मीद है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौता होने में अभी काफी समय लगेगा। चूंकि बुधवार को दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म हो रहा है, इसलिए दोनों पक्षों पर समझौते का दबाव है।

ईरान का दावा, अमेरिका ने हमारी मांगें मानीं

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने स्पष्ट किया कि अभी कई बुनियादी मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने दावा किया कि हालिया युद्ध के दौरान ईरान का पलड़ा भारी रहा है। गालिबफ के अनुसार, अमेरिका ने युद्धविराम केवल इसलिए स्वीकार किया क्योंकि उन्होंने ईरान की शर्तें मान ली थीं।
 

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण

गालिबफ ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य पूरे करने में नाकाम रहा है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। उनके मुताबिक, बातचीत करना संघर्ष का ही एक तरीका है ताकि ईरान अपने अधिकारों को मजबूती से रख सके।
 

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वार्ता की अभी कोई तारीख तय नहीं

पिछले दिनों इस्लामाबाद में गालिबफ और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मुलाकात हुई थी, जो 1979 के बाद से दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे उच्च-स्तरीय संपर्क था। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक के बावजूद अभी तक बातचीत के अगले दौर के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है।

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भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत, एसेट क्वालिटी और क्रेडिट मांग से मिल रहा सपोर्ट : रिपोर्ट

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत बना हुआ है और इसे एसेट क्वालिटी में सुधार, मजबूत कैपिटल बेस, रिटेल और एसएमई क्षेत्र में क्रेडिट की मांग और निजी पूंजीगत खर्च में रिकवरी से सपोर्ट मिल रहा है। यह जानकारी एक सर्वेक्षण में रविवार को दी गई।

फिक्की और इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के सर्वेक्षण में कहा गया है कि निकट भविष्य में बैंकिंग क्षेत्र में वृद्धि को लेकर दृष्टिकोण व्यापक रूप से सकारात्मक है, जिसे मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर आर्थिक गतिविधियों और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर मांग का समर्थन प्राप्त है।

सर्वेक्षणकर्ताओं का मानना ​​है कि आने वाले महीनों में वर्तमान मौद्रिक नीति व्यापक रूप से स्थिर रहेगी, जिससे संकेत मिलता है कि मौजूदा नीतिगत ढांचा विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए उपयुक्त रूप से समायोजित है।

सर्वेक्षण में केवल सहकारी बैंकों के सभी उत्तरदाताओं ने 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि की उम्मीद जताई।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि क्रेडिट मांग को लेकर उम्मीदें सकारात्मक बनी हुई हैं, और बैंक नॉन-फूड क्रेडिट मांग में निरंतर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।

वहीं,सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) भविष्य को लेकर विशेष रूप से आश्वस्त दिखाई देते हैं, जो बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत पूंजी स्थिति और कॉरपोरेट लोन में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

सर्वेक्षण में निजी बैंकों ने क्रेडिट वृद्धि के प्रति संतुलित और चयनात्मक दृष्टिकोण प्रदर्शित किया, जबकि विदेशी बैंकों ने कॉरपोरेट और संस्थागत क्षेत्रों में अपने केंद्रित निवेश के अनुरूप मध्यम आशावाद दिखाया।

क्षेत्रीय रूप से, सेवा और खुदरा क्षेत्रों से लोन मांग क्रेडिट वृद्धि का एक प्रमुख चालक बने रहने की उम्मीद है। सेवा क्षेत्र के दृष्टिकोण में विस्तार की मजबूत उम्मीदें झलकती हैं, जिन्हें रियल एस्टेट, वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन से संबंधित उद्योगों की गतिविधियों का समर्थन प्राप्त है।

लगभग 46 प्रतिशत प्रतिभागियों को उम्मीद है कि कुल नॉन-फूड क्रेडिट वृद्धि 11 प्रतिशत से 13 प्रतिशत के बीच रहेगी।

रिटेल लोन भी मजबूत रहने का अनुमान है, जो बैंकिंग क्षेत्र के विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में इसकी भूमिका को और मजबूत करेगा।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए लोन की मांग विशेष रूप से मजबूत रहने की उम्मीद है, क्योंकि सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने इस क्षेत्र में निरंतर विस्तार के प्रति उच्च विश्वास व्यक्त किया है। यह छोटे उद्यमों में बेहतर व्यावसायिक गतिविधि, क्रेडिट चैनलों के अधिक औपचारिक होने और एमएसएमई के विकास को समर्थन देने पर नीतिगत जोर को दर्शाता है।

बैंकों ने साइबर सुरक्षा जोखिम को अपने सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया। जनवरी से फरवरी 2026 के बीच किए गए इस सर्वेक्षण में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों, लघु वित्त बैंकों और सहकारी बैंकों सहित कुल 24 बैंकों ने भाग लिया।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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7 साल पहले हुआ था बड़ा बवाल! मैच खत्म होने के बाद विराट कोहली ने अंपायर को रोका, बोले- फिर से कराओ आखिरी बॉल

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