इंदौर मेट्रो पर लगा सियासी ब्रेक, उद्घाटन की तारीख अभी भी अटकी, 17 KM का ट्रैक हुआ तैयार
इंदौर के लोगों का मेट्रो में सफर करने का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। हालांकि गांधीनगर से रेडिसन चौराहे तक करीब 17 किलोमीटर का मेट्रो रूट पूरी तरह तैयार है और सुरक्षा मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद मेट्रो का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। वजह उद्घाटन कार्यक्रम की तारीख तय न होना बताई जा रही है।
दरअसल मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक 26 मार्च को ही कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी ने इस रूट पर मेट्रो संचालन के लिए क्लियरेंस दे दिया था। इसके बाद उम्मीद थी कि जल्द ही आम लोगों के लिए मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी। शहर में चर्चा थी कि रामनवमी या हनुमान जयंती के मौके पर मेट्रो की शुरुआत हो सकती है लेकिन दोनों ही मौके गुजर गए और मेट्रो स्टेशन अब भी खाली पड़े हैं।
इंदौर मेट्रो उद्घाटन में क्यों हो रही देरी?
रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए अब अंतिम मंजूरी उच्च स्तर से आनी बाकी है। राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। इसमें यह सुझाव दिया गया है कि मेट्रो का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअली किया जाए या फिर केंद्र सरकार का कोई मंत्री इंदौर आकर इसका शुभारंभ करे। इसी वजह से कार्यक्रम की तारीख तय नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि फिलहाल पांच राज्यों में चल रहे चुनाव भी इस देरी की एक वजह हैं। राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी व्यस्तता के कारण मेट्रो के उद्घाटन का फैसला टलता जा रहा है।
इस रूट पर कुल कई प्रमुख स्टेशन बनाए गए
दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद मेट्रो के निर्माण और सुरक्षा से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर ली गई थीं। तकनीकी तौर पर मेट्रो चलाने में कोई रुकावट नहीं है। लेकिन उद्घाटन कार्यक्रम के बिना इसे शुरू नहीं किया जा सकता। इंदौर मेट्रो का पहला चरण शहर के व्यस्त इलाकों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। वहीं इस रूट पर कुल कई प्रमुख स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें सुपर कॉरिडोर, भोरासला चौराहा, एमआर-10 रोड, आईएसबीटी, चंद्रगुप्त चौराहा, हीरा नगर, बापट चौराहा, मेघदूत गार्डन, विजय नगर चौराहा और मालवीय नगर चौराहा जैसे इलाके शामिल हैं।
जानकारी दे दें कि यह रूट खास तौर पर आईटी पार्क, एयरपोर्ट रोड और शहर के कमर्सिअल क्षेत्रों को जोड़ता है। वहीं इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने भी कहा है कि मेट्रो का संचालन कब शुरू होगा, इसका अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय इस कार्यक्रम की योजना बना रहा है और कोशिश की जा रही है कि जल्द ही लोगों को मेट्रो की सुविधा मिल सके।
MP Board 2026: कक्षा 10वीं-12वीं छात्रों के लिए अपडेट, 7 मई से द्वितीय परीक्षा, 22 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन, जानें सारी डिटेल्स
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं में जो छात्र अनुपस्थित ,अनुत्तीर्ण या असफल रहे हैं या जो अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं वे मई 2026 में होने वाली ‘द्वितीय परीक्षा’ या पूरक परीक्षा (Second Examination) में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक परीक्षार्थी 22 अप्रैल रात 12 बजे तक mponline पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
ध्यान रहे प्रथम परीक्षा में लिए गए विषयों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र अप्रैल अंत या मई के पहले हफ्ते में जारी किए जा सकते हैं। कक्षा 12वीं में केवल एक विषय में फेल होने वाले छात्र सप्लीमेंट्री के पात्र होते हैं, जबकि कक्षा 10वीं में दो विषयों तक फेल होने वाले छात्र इसमें शामिल हो सकते हैं। ‘
7 मई से परीक्षा, एक पाली में होगी
- मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के जारी कार्यक्रम के अनुसार, कक्षा 10वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 से 19 मई तक और 12वीं की परीक्षाएं 7 से 25 मई तक आयोजित की जाएंगी।
- परीक्षा का समय सुबह 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर सुबह 08:30 बजे तक रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
- इस परीक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत आयोजित किया जा रहा है। परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं आवंटित केन्द्रों पर 7 से 25 मई के मध्य संचालित की जाएगी।
- प्रैक्टिकल विषयों में केवल उसी भाग की परीक्षा देनी होगी जिसमें छात्र फेल हुआ है। लेकिन किसी भी छात्र को विषय बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि 15अप्रैल 2026 को कक्षा 10वीं-12वीं के नतीजे जारी किए गए थे। इस वर्ष कक्षा 10वीं का कुल परिणाम 73.42 प्रतिशत रहा, जो 2025 के 76.22 प्रतिशत से 2.80 प्रतिशत कम है। 10वीं में 7,87,595 नियमित परीक्षार्थियों में से 5,78,328 छात्र सफल हुए। वहीं 2,89,693 अनुत्तीर्ण हुए। वहीं, 12वीं में इस वर्ष रिजल्ट 76.01 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष 74.48 प्रतिशत से 1.53 प्रतिशत अधिक है। 12वीं में 6,13,318 नियमित परीक्षार्थियों में से 4,66,406 छात्र सफल और 1,99,608 असफल रहे।
पास होने के लिए 33% मार्क्स जरूरी
एमपी बोर्ड में कक्षा 10वीं में छात्रों को पास होने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत नंबर लाने अनिवार्य है। अगर एक या दो सब्जेक्ट में न्यूनतम पास प्रतिशत से कम अंक आते हैं, तो विद्यार्थी फेल माना जाएगा। जो छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण होंगे, उनके लिए मई महीने में होने वाली द्वितीय परीक्षाएं में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
MP BOARD: 12TH SECOND EXAM TIME TABLE
- 7 मई: बायोटेक्नोलॉजी, गायन वादन, तबला पखावज
- 8 मई: हिंदी
- 9 मई: रसायन, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन, एलिमेंट ऑफ साइंस एंड मैथेमेटिक्स, ड्राइंग एवं पेंटिंग, गृह प्रबंध पोषण व वस्त्र विज्ञान
- 11 मई: एनएसक्यूएफ के विषय, शारीरिक शिक्षा, एआई
- 12 मई: भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, एनिमल हस्बैंडरी, विज्ञान के तत्व, भारतीय कला का इतिहास
- 13 मई : भूगोल, क्रॉप प्रोडक्शन, स्टिल लाइफ एंड डिजाइन, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
- 14 मई : कृषि, होम साइंस, एकाउंटेंसी
- 15 मई : संस्कृत
- 16 मई : अंग्रेजी
- 18 मई: बायोलॉजी
- 19 मई: ड्राइंग एंड डिजाइन
- 20 मई: समाजशास्त्र
- 21 मई: गणित, मनोविज्ञान
- 22 मई: इंफारमेटिक प्रैक्टिसेस
- 23 मई: उर्दू, मराठी
- 25 मई: राजनीति शास्त्र
MP BOARD: 10TH SECOND EXAM TIME TABLE
- 7 मई: हिंदी
- 8 मई: मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी, चित्रकला, गायन, वादन, तबला, पखावज, कंप्यूटर
- 9 मई: उर्दू
- 11 मई: गणित (स्टैंडर्ड व बेसिक)
- 12 मई: एनएसक्यूएफ के विषय
- 13 मई: संस्कृत
- 14 मई: सामाजिक विज्ञान
- 16 मई विज्ञान
- 19 मई: अंग्रेजी
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