प्रफुल्ल हिंगे ने रोमांचक मैच में दिलाई SRH को दिलाई जीत, IPL 2026 में CSK को मिली चौथी हार
IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 26वें मैच में 24 वर्षीय तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने आखिरी ओवर में घातक गेंदबाजी कर अपनी सनराइजर्स हैदराबाद को जीत दिलाई. इस रोमांचक मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को 10 रनों से हराकर लगातार दूसरी जीत हासिल किया है. सनराइजर्स हैदराबाद के दिए 195 रनों के लक्ष्य के जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स 8 विकेट पर 182 रन ही बना सकी. सीएसके के लिए मैथ्यू शॉट ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए. वहीं एसआरएच के लिए ईशान मलिंगा ने 3 विकेट लिए. जबकि नीतीश कुमार रेड्डी 2 विकेट लिए.
शतक के अलावा IPL 2026 में पूरी तरह से खामोश है संजू सैमसन का बल्ला
सनराइजर्स हैदराबाद के दिए 195 रनों की लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स को 15 रन के स्कोर पर संजू सैमसन के रूप में पहला झटका लगा. सैमसन को 7 रन के निजी स्कोर पर नीतीश कुमार रेड्डी ने चलता किया. इसके बाद पांचवें ओवर में रेड्डी ने आयुष म्हात्रे को चलता किया. म्हात्रे 13 गेंद पर 30 रन बनाए.
CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ भी लगातार हो रहे फ्लॉप
कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के रूप में सीएसके को तीसरा झटका लगा. उन्हें ईशान मलिंग ने पवेलियन भेजा. गायकवाड़ 19 रन बनाए. फिर मलिंग ने ही सरफराज खान को चलता किया. सरफराज 19 गेंद पर 25 रन बनाए. इसके बाद शिवांग कुमार ने डेवाल्ड ब्रेविस को डक पर पवेलियन का रास्ता दिखाया. इस तरह 113 रन पर चेन्नई सुपर किंग्स की आधी टीम आउट हो चुकी थी.
चेन्नई सुपर किंग्स को मैथ्यू शॉट के रूप में ईशान मलिंगा ने छठां झटका दिया. मैथ्यू शॉट 30 गेंद पर 34 रन बनाए. इसके बाद साकिब हुसैन ने शिवम दुबे को क्लीन बोल्ड किया. दुबे 16 गेंद पर 21 रन बनाए.
ऐसी रही सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी
चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने 9 विकेट पर 194 रनों का स्कोर खड़ा किया था. हैदराबाद के लिए सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 22 गेंदों पर 59 रनों की तूफानी पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए. हेनरिक क्लासेन ने 39 गेंद पर 59 रन बनाए, जिसमें 6 चौका और 2 छक्का शामिल रहा. इसके अलावा ट्रेविस हेड ने 20 गेंदों में 23 रनों का योगदान दिया. वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए जेमी ओवरटन और अंशुल कंबोज ने 3-3 विकेट चटकाए. मुकुल चौधरी ने 2 विकेट लिए. जबकि गुरजप्रीत सिंह को 1 सफलता मिली.
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राजस्थान: जैसलमेर के छात्र ने बिना कोचिंग के, एआई की मदद से आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण की
जयपुर, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। जैसलमेर के पोखरण निवासी वीरेंद्र चारण ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया है, और यह उपलब्धि पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान में कदम नहीं रखा।
एक हेड कांस्टेबल के बेटे और वर्तमान में तहसीलदार के पद पर कार्यरत वीरेंद्र की यह यात्रा केवल रैंक हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तरीके को बदलने का प्रतीक है। जहां अधिकांश उम्मीदवार कोचिंग केंद्रों पर निर्भर रहते हैं, वहीं वीरेंद्र ने एक अलग रास्ता चुना: अनुशासन और प्रौद्योगिकी के स्मार्ट उपयोग के बल पर स्व-अध्ययन।
उन्होंने कहा, “मैंने चैटजीपीटी जैसे टूल्स का इस्तेमाल करके कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझा। जब भी मुझे कोई शंका होती, मैं सवाल पूछता और जवाबों को विस्तार से खोजता। इससे मुझे सतही तैयारी से आगे बढ़ने में मदद मिली।”
उनका यह तरीका उम्मीदवारों के बीच बढ़ते बदलाव को दर्शाता है, जहां सूचना तक पहुंच अब भूगोल या आर्थिक स्थिति से बाधित नहीं होती। जैसलमेर के सुदूर इलाकों से लेकर राज्य की शीर्ष मेरिट सूची तक, वीरेंद्र की कहानी इस बदलाव का प्रमाण है।
दिलचस्प बात यह है कि वीरेंद्र ने इंटरव्यू राउंड में टॉपर से भी बेहतर प्रदर्शन किया; उन्होंने बाड़मेर के दिनेश बिश्नोई से नौ अंक अधिक प्राप्त किए, जिन्होंने रैंक 1 हासिल की। दोनों के बीच का अंतर बहुत कम था, कुल मिलाकर सिर्फ आधा अंक।
वीरेंद्र ने बताया कि जब उनसे पूछा गया कि वे उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के रूप में बूंदी में पर्यटन को कैसे बढ़ावा देंगे, तो उन्होंने रात्रि पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन और ऐतिहासिक बावड़ियों के पुनरुद्धार का सुझाव दिया। उनका विचार विरासत को सतत विकास के साथ जोड़ना था।
इस वर्ष के परिणाम राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं। बाड़मेर, बालोतरा, बीकानेर, जैसलमेर और अनूपगढ़ के उम्मीदवारों ने अपनी छाप छोड़ी है, जो राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य में बदलाव का संकेत है। हालांकि, जयपुर और जोधपुर में अब भी सबसे अधिक चयनित छात्र हैं।
वीरेंद्र की सफलता की कहानी इस पुरानी धारणा को तोड़ती है कि शीर्ष सिविल सेवा परीक्षाओं को पास करने के लिए महंगे कोचिंग की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, यह जिज्ञासा, निरंतरता और डिजिटल उपकरणों के बुद्धिमानीपूर्ण उपयोग की शक्ति को रेखांकित करती है।
राजस्थान में नए अधिकारियों के स्नातकों के आगमन के साथ ही एक संदेश स्पष्ट रूप से उभर कर आता है: तैयारी का भविष्य अब भीड़भाड़ वाली कक्षाओं में नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी से जुड़े एकाग्रचित्त मन में निहित हो सकता है।
--आईएएनएस
एमएस/
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