चीन स्थिर आर्थिक वृद्धि का रुझान बनाए रखेगाः चीनी राजकीय विकास व सुधार आयोग
बीजिंग, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी राजकीय विकास और सुधार आयोग के उपाध्यक्ष वांग छांगलिन ने 17 अप्रैल को हुई एक प्रेस वार्ता में 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान आर्थिक व सामाजिक विकास का गुणवत्तापूर्ण विकास बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जटिल परिस्थितियों में इस साल की पहली तिमाही में चीनी आर्थिक विकास की अच्छी शुरुआत हुई। अगले चरण में पाँच पहलुओं के कार्य पर जोर लगाया जाएगा।
पहला, परिस्थिति के मुताबिक समय पर समग्र आर्थिक नीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। दूसरा, घरेलू प्रभावकारी ज़रूरतों के विस्तार पर खास बल दिया जाएगा। वर्ष 2026-2030 घरेलू मांग के विस्तार की रणनीति बनायी जाएगी और शर्तों से मेल खाने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शीघ्र ही निर्माण आरंभ किया जाएगा। तीसरा, वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी सृजन को प्रगाढ़ कर नवोदित व्यवसायों के विकास को गति दी जाएगी। चौथा, रोजगार व आय की वृद्धि पर जोर लगाया जाएगा। पांचवां, सुरक्षित विकास का आधार मजबूत किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति के बदलाव से चीनी तेल व गैस के आयात पर पड़े प्रभाव की चर्चा में उन्होंने कहा कि चीन ने कई कदम उठाकर घरेलू तेल उत्पादों की पर्याप्त सप्लाई को सुनिश्चित किया है और बाजार का स्थिर संचालन चल रहा है। चीन गैर-रासायनिक ऊर्जा की सप्लाई बढ़ाएगा। अनुमान है कि 2035 तक गैर रासायनिक ऊर्जा सप्लाई का पैमाना वर्ष 2025 से दस गुने से अधिक बड़ा होगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप पेइचिंग)
--आईएएनएस
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Bade Miyan Kidhar Chale: ममता बनर्जी के सामने BJP के सुवेंदु, भवानीपुर सीट पर इस बार गढ़ बचेगा या कमल खिलेगा?
Bade Miyan Kidhar Chale: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सबसे हॉट और वीवीआईपी सीटों में एक है- कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट. भाजपी के टिकट पर इस सीट से पश्चिम बंगाल के बीजेपी के बड़े चेहरे सुवेंदु अधिकारी खड़े हैं तो वहीं ममता बनर्जी फिर से भवानीपुर सीट से अपनी किस्मत आजमा रही हैं. भवानीपुर विधानसभा में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 23 फीसद से ज्यादा है लेकिन वोट कटने की वजह से मतदाताओं का समीकरण बदल गया है.
क्या एसआईआर से वोटरों पर पड़ा कोई असर
भवानीपुर में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 52 हजार है, लेकिन एसआईआर में सिर्फ मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटे हैं ऐसा बिल्कुल नहीं है गैर-मुस्लिम मतदाताओं के नाम भी हटे हैं. मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट या फिर अनमैप्ड जैसी श्रेणियों के तहत हटाए गए हैं. आंकड़ों की माने तो भवानीपुर में 25 फीसद नाम वोटर लिस्ट से डीलीट किए गए हैं, जो करीब 51 हजार से अधिक हैं.
भवानीपुर के बाजारों में चुनाव की चर्चा अधिक है. यहां ज्यादातर मुस्लिम समुदाय ने टीएमसी पर अपना भरोसा जताया है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बदलाव होना चाहिए. भाजपा को सत्ता में आना चाहिए.
1951 के बाद से 12 विधानसभा चुनाव हुए
1951 में भबानीपुर ने अपनी शुरुआत के बाद से 12 असेंबली चुनाव देखे हैं, जिसमें 2011 और 2021 में हुए दो उपचुनाव शामिल हैं. दोनों 1962 में शुरुआती चुनावों के बाद, भबनीपुर का नाम बदलकर कालीघाट कर दिया गया, इस नाम के साथ साल 1967 से लेकर 1972 के बीच चार चुनाव हुए.
ममता बनर्जी 2021 में सुवेंदु अधिकारी से हार गई थी
ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था. भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से वे 1,956 वोटों से हार गईं. हालांकि, उनकी पार्टी टीएमसी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया था. तृणमूल के पुराने नेता सोवनदेब चटर्जी ने भवानीपुर में BJP के रुद्रनील घोष को 28 हजार से अधिक वोटों से हरा दिया था.
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