बिहार में रेलवे की जमीन पर कब्जा करने वालों की खैर नहीं, चलेगा विशेष अभियान; डीएम को दिए गए सख्त निर्देश
Bihar News: बिहार में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब रेलवे की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए कमर कस ली है. विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों यानी डीएम को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रेलवे की जमीन को चिन्हित करें और वहां से अवैध कब्जे हटाने के लिए विशेष अभियान चलाएं. सरकार ने इस काम को अपनी प्राथमिकता सूची में रखा है और अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए.
डीएम को मिले सख्त निर्देश और टीम का गठन
राजस्व विभाग के प्रधान सचिव ने राज्य के सभी डीएम को एक औपचारिक पत्र भेजा है. इस पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि रेलवे की जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर विशेष टीमों का गठन करें. इन टीमों में पुलिस बल और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे जो मौके पर जाकर पैमाइश करेंगे और अवैध निर्माण को ध्वस्त करेंगे. सरकार चाहती है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो और प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई इतनी प्रभावी हो कि भविष्य में दोबारा कोई कब्जा न कर सके.
रेलवे की जमीन पर निजी दावा होगा अमान्य
इस अभियान की सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार ने रेलवे की जमीन पर किए गए किसी भी तरह के बंदोबस्ती या मालिकाना हक के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे की जमीन केवल सार्वजनिक उपयोग और रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए होती है. यदि कोई व्यक्ति इस जमीन पर अपना अधिकार जताने के लिए कोई कागज या दस्तावेज पेश करता है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. सरकार के अनुसार, रेलवे की जमीन पर किया गया हर कब्जा पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसे खाली कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है.
कोर्ट और रेलवे के आदेशों का आधार
बिहार सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे इस बड़े अभियान के पीछे माननीय न्यायालय के आदेश और रेलवे विभाग की अपील भी शामिल है. ईस्ट सेंट्रल रेलवे, हाजीपुर के महाप्रबंधक ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई थी. इन कानूनी दस्तावेजों और उच्च अधिकारियों के पत्रों के आधार पर ही प्रशासन अब सख्त कदम उठा रहा है. कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अवैध कब्जाधारियों पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि वे खुद ही जमीन खाली कर दें, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए उन्हें हटाया जाएगा.
रक्षा मंत्रालय की जमीन की तर्ज पर होगी कार्रवाई
आपको बता दें कि बिहार सरकार ने इससे पहले रक्षा मंत्रालय की जमीनों को भी अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए इसी तरह का बड़ा अभियान चलाया था. उस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़ी कार्रवाई की गई थी और करोड़ों की सरकारी जमीन को कब्जे से छुड़ाया गया था. अब रेलवे की जमीन के मामले में भी उसी तर्ज पर काम करने की योजना है. सरकार का मानना है कि सरकारी जमीनों को बचाना बहुत जरूरी है ताकि आने वाले समय में जमीन से जुड़े विवादों में कमी आए और सरकारी संपत्तियों का सही उपयोग हो सके.
विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार
रेलवे की जमीन खाली होने का सीधा फायदा बिहार की आम जनता को मिलने वाला है. जब रेलवे को अपनी जमीन वापस मिलेगी, तो नई रेल लाइनों को बिछाने, स्टेशनों के विस्तार और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने में आसानी होगी. अक्सर अतिक्रमण की वजह से रेलवे की कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटक जाती हैं. सरकार का यह कदम जनहित से जुड़ा हुआ माना जा रहा है. अवैध कब्जे हटने से न केवल रेलवे की व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे. आने वाले कुछ ही हफ्तों में पूरे राज्य में इस अभियान का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगेगा.
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Gold Price Update: सोना खरीदने का सुनहरा मौका या बढ़ेगी कीमत? जानें आपके शहर का ताजा भाव
Gold Price Update: भारत में त्योहारों और शुभ मुहूर्त पर सोना खरीदना केवल निवेश ही नहीं, बल्कि एक गहरी परंपरा का हिस्सा है. 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाने वाला है, लेकिन सोने के बाजार ने ग्राहकों और निवेशकों दोनों को हैरान कर दिया है. अखिल भारतीय सर्राफा संघ की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. दिल्ली में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत में 1,600 रुपए की कमी आई है, जिसके बाद अब यह 1,56,200 रुपए के स्तर पर पहुंच गया है. इस गिरावट ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जो त्योहार के लिए पहले से खरीदारी की योजना बना रहे थे.
वायदा बाजार में दिखा अलग रुख
एक तरफ जहां फिजिकल मार्केट या सर्राफा बाजार में कीमतें गिरती नजर आ रही हैं, वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर तस्वीर कुछ अलग है. एमसीएक्स पर 5 जून 2026 का गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट महंगा हुआ है. वायदा बाजार में सोने की कीमतों में 1453 रुपए की जोरदार तेजी देखी गई है. इस उछाल के बाद सोना 1,53,152 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है. बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और वैश्विक आर्थिक स्थितियों के कारण वायदा बाजार में यह बढ़त देखने को मिली है. सर्राफा बाजार और वायदा बाजार के बीच कीमतों का यह अंतर निवेशकों के लिए एक पहेली बना हुआ है.
सांस्कृतिक महत्व और निवेश का संगम
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना पारंपरिक रूप से सांस्कृतिक महत्व और अच्छे वित्तीय लाभों का एक मिला जुला रूप रहा है. हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई संपत्ति कभी खत्म नहीं होती और घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है. यही कारण है कि इस दिन देश भर के ज्वेलरी शोरूम में भारी भीड़ उमड़ती है. समृद्धि और धन संपत्ति बढ़ाने से जुड़ा एक शुभ अवसर माने जाने वाले इस त्योहार के समय, ऐतिहासिक रूप से सोने की कीमतों में लंबे समय के लिए बढ़त देखी गई है. पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें तो अक्षय तृतीया के आसपास खरीदा गया सोना हमेशा भविष्य में मुनाफे का सौदा साबित हुआ है.
शहरों के अनुसार सोने का भाव
देश के अलग अलग हिस्सों में सोने की कीमतों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत की वजह से थोड़ा अंतर होता है. दिल्ली के अलावा मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े महानगरों में भी भाव में बदलाव देखने को मिला है. हालांकि दिल्ली में रेट कम हुए हैं, लेकिन दक्षिण भारत के कुछ शहरों में डिमांड बढ़ने की वजह से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. अक्षय तृतीया के दिन डिमांड अपने चरम पर होती है, जिसे देखते हुए ज्वेलर्स ने भी कई तरह के मेकिंग चार्ज डिस्काउंट और ऑफर पेश किए हैं. ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें ताकि शुद्धता को लेकर कोई जोखिम न रहे.
| क्रमांक | शहर | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| 1 | कोलकाता | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 2 | चेन्नई | 142100 रुपए | 155020 रुपए |
| 3 | गुवाहाटी | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 4 | इंदौर | 141400 रुपए | 154250 रुपए |
| 5 | अहमदाबाद | 141400 रुपए | 154250 रुपए |
| 6 | वडोदरा | 141400 रुपए | 154250 रुपए |
| 7 | सूरत | 141400 रुपए | 154250 रुपए |
| 8 | दिल्ली | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 9 | मुंबई | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 10 | केरल | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 11 | चंडीगढ़ | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 12 | जयपुर | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 13 | लुधियाना | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 14 | पटना | 141400 रुपए | 154250 रुपए |
| 15 | लखनऊ | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 16 | अयोध्या | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 17 | रायपुर | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 18 | हैदराबाद | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 19 | पुणे | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 20 | नागपुर | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 21 | नासिक | 141380 रुपए | 154230 रुपए |
| 22 | बैंगलोर | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 23 | भुवनेश्वर | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 24 | कटक | 141350 रुपए | 154200 रुपए |
| 25 | कानपुर | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 26 | मेरठ | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 27 | गाजियाबाद | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 28 | नोएडा | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
| 29 | गुरुग्राम | 141500 रुपए | 154350 रुपए |
क्या कहते हैं बाजार के एक्सपर्ट्स?
सोने की कीमतों में चल रही इस मजबूत तेजी के बावजूद, बाजार के जानकारों को इस साल त्योहारों के आस पास कीमतों में कुछ नरमी की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतें 1.55 लाख रुपए से 1.75 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम की एक बड़ी रेंज में रहने की संभावना है. कीमतों में यह बड़ा दायरा वैश्विक अस्थिरता और डॉलर की मजबूती के कारण है. अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स के अनुसार मौजूदा भाव पर थोड़ा थोड़ा सोना खरीदना एक सही रणनीति हो सकती है. अक्षय तृतीया के दिन बाजार में भारी भीड़ और डिमांड बढ़ने से कीमतों में अचानक उछाल की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.
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