कीव में बंदूकधारी ने सुपरमार्केट के अंदर चलाई गोलियां, कई लोग मारे गए, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी
यूक्रेन की राजधानी कीव से बड़ा मामला सामने आया है. यहां की मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि शनिवार को कीव में एक बंदूकधारी ने लोगों पर गोलियां बरसाईं हैं. इसमें कई लोग मारे गए. वहीं अन्य घायल हो गए. उन्होंने जानकारी दी कि हमलावर अभी भी फरार है. क्लिट्स्को ने बताया कि गोलीबारी करने वाले शख्स को पकड़ने का प्रयास हो रहा है. इसके लिए एक खास अभियान चलया जा रहा है. यह वर्तमान में एक सुपरमार्केट के अंदर है. प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि सुपरमार्केट के अंदर भी गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं." उन्होंने बताया कि यूक्रेन की पुलिस की ओर से जानकारी मिली है कि इस हमले में कई लोग घायल हो गए हैं. इसमें कई लोगों की मौत हुई है.
स्वस्थ रीढ़ और बेहतर पाचन के लिए रामबाण है बद्ध पद्मासन
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। योग शास्त्र में आसन सिर्फ शरीर को लचीला बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन के बीच एक गहरा सेतु स्थापित करने की कला है। इसी कला का एक बेहद शक्तिशाली आसन है बद्ध पद्मासन, जिसे बंधा हुआ कमल भी कहा जाता है।
बद्ध पद्मासन को पद्मासन का एक उन्नत रूप माना जाता है। इसमें पैरों को कमल की तरह मोड़कर हाथों से पीठ के पीछे बांधा जाता है। बद्ध का अर्थ बंधा हुआ और पद्म का अर्थ कमल का फूल होता है। यह आसन शरीर की स्थिरता, संतुलन और लचीलापन बढ़ाने में कारगर होता है।
आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देशों और योग परंपरा के अनुसार, बद्ध पद्मासन एक उन्नत योगासन है, जो पद्मासन की स्थिति में बैठकर किया जाता है। इसे लॉक्ड लोटस पोज भी कहते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। फिर, बाएं पैर को दाईं जांघ पर और दाएं पैर को बाईं जांघ पर रखें, ताकि एड़ियां नाभि के नीचे मिल जाएं। अब दोनों हाथ पीछे ले जाएं। बाएं हाथ से बाएं पैर का अंगूठा और दाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़ लें। छाती को आगे की ओर खोलें और रीढ़ को सीधा रखें। शुरुआत में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। सांस सामान्य रखें और आंखें बंद करके ध्यान केंद्रित करें।
इसके नियमित अभ्यास से पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और रीढ़ की हड्डी में खून का बहाव बेहतर होता है, जिससे रीढ़ स्वस्थ रहती है। वहीं, लेटकर किए जाने पर पेट पर हल्का दबाव पड़ता है, जो पाचन को सुधारता है और कब्ज जैसी समस्याओं में मदद करता है।
यह छाती को खोलता है, जिससे सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और फेफड़े अच्छे से काम करते हैं। साथ ही, यह मन को शांत करता है और ध्यान व सोचने की क्षमता को बेहतर बनाता है।
यह एक उन्नत आसन है। यदि आपको घुटने, टखने या पीठ में गंभीर दर्द या चोट हो तो इसका अभ्यास न करें। इसे योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए।
--आईएएनएस
एनएस/डीकेपी
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