स्पॉटिफाई ने एक साल में हटाए 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक:एआई म्यूजिक का खतरा; रोज 50 हजार ट्रैक रिलीज, वर्चुअल बैंड्स के 10 लाख श्रोता
एआई से अब टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से सेकेंड्स में गाना तैयार हो रहा है और उसे किसी भी असली सिंगर के नाम से अपलोड किया जा सकता है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग न सिर्फ व्यूज बटोर रहे हैं, बल्कि रॉयल्टी भी कमा रहे हैं। गार्डियन न्यूजपेपर के अनुसार स्पॉटिफाई पर एआई से बनाए गए फेक आर्टिस्ट्स की बढ़ती संख्या अब एक बड़े इंडस्ट्री संकट में बदल गई है। अनुमान है कि कुल स्ट्रीम्स में 5% से 10% तक फर्जी हैं, जिससे हर साल 1 से 2 अरब डॉलर तक की रॉयल्टी गलत दिशा में चली जाती है। इस तरह बन रहे एआई से गाने AI टूल (जैसे Suno, Udio) से गाना तैयार हो जाता है। डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए प्लेटफॉर्म पर अपलोड होता है। असली आर्टिस्ट का नाम टैग कर देते हैं और एल्गोरिद्म उसे उसी आर्टिस्ट के फैंस तक पहुंचा देता है। इससे नकली गानों को व्यूज मिलते हैं। द वेलवेट संडाउन- इस AI बैंड के लाखों फैन ‘द वेलवेट संडाउन’ नाम के बैंड के स्पॉटिफाई पर 10 लाख लिसनर्स हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनका म्यूजिक, प्रमोशनल इमेज और यहां तक कि उनकी पूरी बैकस्टोरी भी एआई से बनाई गई है। समस्या - रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड हो रहे म्यूजिक प्लेटफॉर्म डीजर पर रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड होते हैं। वहीं स्पॉटिफाई ने 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक हटाए हैं। एपल म्यूजिक ने 2 अरब फर्जी स्ट्रीम्स को ब्लॉक किया है। समाधान - प्लेटफॉर्म्स में आर्टिस्ट प्रोटेक्शन की तैयारी बढ़ी स्पॉटिफाई अपने प्लेटफॉर्म में Artist Profile Protection टेस्ट कर रहा है। एपल म्यूजिक ने एआई कंटेंट के लिए ट्रांसपेरेंसी टैग शुरू किए हैं।
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