बॉलीवुड का पंगेबाज हीरो, एक्टर से डायरेक्टर तक को बखेड़ा कर किया जलील, कहलाया अक्खड़
बॉलीवुड में 70-80 के दौर में एक ऐसा सितारा था, जिसकी दहाड़ सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी गूंजती थी. उनकी आवाज सुनना आसान नहीं था, उनके सामने बोलना और भी मुश्किल. यह वह शख्स था जिसने डायरेक्टरों की स्क्रिप्ट ठुकराई, एक्टर्स की नाक में दम किया और सुपरस्टार्स की आंखों में आंखें डालकर जवाब दिया. उनके बारे में कहा जाता था कि वह चलते-फिरते बिना फिल्टर का एक तूफान थे.उनका नाम आते ही दूसरे एक्टर्स कांप जाते थे, आज हम उनके एक बेहद अक्खड़ किरदार की कहानी लेकर आए हैं.
पंजाब कैबिनेट बैठक के फैसले: 6 जिलों के आरक्षण रोस्टर में बदलाव को मंजूरी, इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को पंजाब सरकार की मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के छह जिलों मोहाली, पटियाला, फाजिल्का फिरोजपुर, मलेरकोटला और संगरूर के आरक्षण रोस्टर में बदलाव को पंजाब कैबिनेट की मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा सरकार ने अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है।
बता दें कि कैबिनेट बैठक में मिली प्रस्तावों को मंजूरी की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। वित्त मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ आई थी। उसमें सतलुज और घग्गर नदी के साथ लगती जमीन पर किसानों को डिसिल्टिंग की भी मंजूरी दी गई है।
पंजाब कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
पंजाब कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दि पंजाब पंचायती राज अधिनियम 1994 के नियमों में संशोधन किया गया। जब पंचायत समिति व जिला परिषद बनी थी। उस समय तय किया था जब किसी जिले या तहसील या ब्लॉक सीमा घटेगी या बढ़ेगी तो उस समय रिजर्वेशन की तबदीली की जा सकती है।
वहीं बैठक में छह जिलों मोहाली, पटियाला, फाजिल्का फिरोजपुर, मलेरकोटला और संगरूर के आरक्षण रोस्टर में बदलाव को पंजाब कैबिनेट की मंजूरी दे दी गई। अब लोगों से इस पर आपत्तियां मांगी गई हैं। 10 दिन के भीतर लोग आपत्तियां दे सकते हैं।
इसके अलावा कैबिनेट ने सतलुज और घग्गर नदी के कई इलाकों में गाद निकालने मंजूरी दी है।
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੀਟਿੰਗ ਦੇ ਅਹਿਮ ਫ਼ੈਸਲਿਆਂ ਬਾਰੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ !!
???? ਸਤਲੁਜ ਤੇ ਘੱਗਰ ਦੇ ਨੇੜਲੇ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਆਪਣੀ ਜ਼ਮੀਨ ‘ਚੋਂ ਕੱਢ ਸਕਦੇ ਨੇ ਦਰਿਆ ‘ਚੋਂ ਆਈ ਗਾਰ
???? ਜ਼ਮੀਨ ਮਾਲਕ ਨੂੰ ਲੈਣੀ ਪਵੇਗੀ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮਨਜ਼ੂਰੀ pic.twitter.com/dDkwxTSC7p
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 17, 2026
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