MP PCS प्रीलिम्स का एडमिट कार्ड जारी, यहां करें डाउनलोड
MP PCS Prelims Admit Card 2026: मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सर्विस परीक्षा में आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स का इंतजार खत्म हो गया है. मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (MPPSC) की तरफ से एमपी पीसीएस प्रीलिम्स परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है. उम्मीदवार mppsc.mp.gov.in पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
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समुद्र में आमने-सामने आए भारत और पाकिस्तान के युद्धपोत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास बढ़ी हलचल
ओमान के तट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास गुरुवार को एक गजब का नजारा देखने को मिला, जब भारतीय नौसेना और पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत एक-दूसरे से महज 18 नॉटिकल मील की दूरी पर ऑपरेट करते पाए गए. इस घटना की जानकारी ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस एनालिस्ट डेमियन साइमन ने दी है. साइमन ने सोशल मीडिया पर एक मैप शेयर करते हुए बताया कि दोनों देशों के जहाज एक-दूसरे के काफी करीब थे. ऐसा माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच दोनों देश अपने-अपने मर्चेंट जहाजों और व्यापारिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए वहां सक्रिय हैं.
मर्चेंट जहाजों को दी जा रही सुरक्षा
इस हलचल के दौरान यह भी देखा गया कि पाकिस्तान का कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर 'सरगोधा' कराची की ओर बढ़ रहा था और उसे पाकिस्तानी नौसेना का युद्धपोत एस्कॉर्ट कर रहा था. दूसरी ओर, भारतीय नौसेना भी इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर पूरी तरह मुस्तैद है. भारतीय नौसेना ने उन जहाजों की पहचान की है जो भारत के लिए एलपीजी, एलएनजी और कच्चा तेल लेकर आ रहे हैं. इन जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए भारतीय नौसेना ने एक विशेष मिशन चला रखा है, ताकि ऊर्जा की सप्लाई में कोई रुकावट न आए.
क्या है 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा'?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते को प्रभावित करने की कोशिशों को देखते हुए भारत ने 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' लॉन्च किया है. इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद भारत आने वाले तेल और गैस के जहाजों को एस्कॉर्ट करना, उन्हें गाइड करना और सुरक्षा प्रदान करना है. पिछले महीने ही भारतीय नौसेना ने दो बड़े एलपीजी कैरियर 'पाइन गैस' और 'जग वसंत' को सुरक्षित रास्ता दिखाया था, जिनमें करीब 92 हजार टन कुकिंग गैस मौजूद थी. ये जहाज मार्च के अंत में सुरक्षित रूप से भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच गए थे.
A rare event observed a short while ago: Indian and Pakistani navy vessels are operating just 18 nautical miles apart off the coast of Oman, likely as both countries work to secure their merchant shipping interests amid the West Asia conflict pic.twitter.com/QL5quM7gm2
— Damien Symon (@detresfa_) April 16, 2026
नौसेना की लगातार निगरानी
भारतीय नौसेना के एक अधिकारी के मुताबिक, नेवी के जहाज फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लेकर अरब सागर तक जहाजों के सुचारू मूवमेंट में मदद कर रहे हैं. इस सुरक्षा घेरे में भारतीय नौसेना के विनाशक (डिस्ट्रॉयर) और फ्रिगेट्स तैनात किए गए हैं. ये युद्धपोत न केवल स्ट्रेट के भीतर बल्कि उसके बाहर भी सुरक्षा का विस्तार कर रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि नेवी जहाजों को नेविगेशन में भी मदद दे रही है ताकि वे किसी भी खतरे से बचते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकें.
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और भारत की तैयारी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है. ईरान और इजरायल के बीच चल रहे ताजा विवाद ने इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. ऐसे में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता. भारतीय नौसेना की सक्रियता और पाकिस्तान के साथ इस तरह की नजदीकी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में स्थिति कितनी संवेदनशील है. हालांकि दोनों देशों के बीच कोई सीधा टकराव नहीं हुआ, लेकिन इतनी कम दूरी पर युद्धपोतों का होना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी खबर है. फिलहाल भारतीय नौसेना अपने मिशन पर डटी हुई है.
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