भीषण गर्मी का कहर , 44.2, 44, 43.9 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान, आग उगल रहा आसमान
IMD Heat Alert: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है. महाराष्ट्र के विदर्भ के अकोला में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच गया है. इसके अलावा अमरावती, वर्धा, नागपुर और अनंतपुर में भी पारा 43 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है. आईएमडी ने कई जगहों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है.
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आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण पर प्रहार, पोषण सुधा योजना से मां और बच्चे की सेहत होगी दुरुस्त
गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्य के आदिवासी जिलों में रहने वाली महिलाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है. 'पोषण सुधा' नाम की इस योजना को खास तौर पर उन गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं (धात्री माता) के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें सही पोषण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. आदिवासी इलाकों में अक्सर पोषण की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए इस योजना के जरिए महिलाओं को सीधे सहायता पहुंचाई जा रही है.
योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके तहत रजिस्टर्ड महिलाओं को हर दिन एक वक्त का पूरा और पौष्टिक भोजन दिया जाता है. इसके अलावा, महिलाओं में खून की कमी और हड्डियों की कमजोरी को दूर करने के लिए आयरन और कैल्शियम के सप्लीमेंट्स भी मुहैया कराए जाते हैं. योजना सिर्फ भोजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्वास्थ्य शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है. महिलाओं को अवेयरनेस सेशन के जरिए यह सिखाया जाता है कि वे अपनी और अपने बच्चे की सेहत का ख्याल कैसे रखें और पोषण का महत्व क्या है.
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ
पोषण सुधा योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं. सबसे पहले, आवेदक महिला को गुजरात का निवासी होना अनिवार्य है. इसके साथ ही, वह महिला गुजरात के किसी भी आदिवासी जिले की रहने वाली होनी चाहिए. इस योजना का फायदा उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो गर्भवती हैं या फिर अपने बच्चे को स्तनपान करा रही हैं. सबसे जरूरी शर्त यह है कि महिला का नाम उसके इलाके के स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र में रजिस्टर्ड होना चाहिए, तभी वह इस सरकारी सहायता की पात्र मानी जाएगी.
आवेदन करने का आसान तरीका
इस योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है और बहुत ही आसान है. सबसे पहले योग्य महिला को अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाना होगा. वहां जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे और प्रक्रिया पूरी होते ही महिला को तय दिनों पर मिलने वाले लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे. यह सरकार की एक ऐसी कोशिश है जिससे जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.
जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
आवेदन के वक्त महिलाओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए आईडी प्रूफ (जैसे पहचान पत्र) और निवास प्रमाण पत्र की जरूरत होगी. इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को अपनी गर्भावस्था का मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा. अगर विभाग द्वारा किसी अन्य दस्तावेज की मांग की जाती है, तो वह भी उपलब्ध कराना होगा. इन दस्तावेजों की जांच के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थी को योजना से जोड़ देते हैं. इस पहल से न केवल माताओं की सेहत सुधरेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी भी कुपोषण से मुक्त और सेहतमंद होगी.
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