Responsive Scrollable Menu

जिसे बताया लापता, उसे ईरान ने ठोका, होर्मुज में करोड़ों का US ड्रोन स्वाहा

9 अप्रैल 2026 को परर्शियन गल्फ के ऊपर उड़ रहा अमेरिकी एमक्यू4 सी ट्राइटन ड्रोन अचानक रडार से गायब हो गया था। कुछ ही समय बाद अमेरिकी नौसेना ने इसे क्रैश घोषित कर दिया। आधिकारिक बयान साफ था कि यह तकनीकी हादसा है। कोई हमला नहीं। लेकिन मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात और पुराने घटनाक्रमों को देखते हुए यह सवाल फिर उठने लगा है कि क्या अमेरिका हर बार सच को क्रैश के पीछे छिपा देता है। यह पहली बार नहीं है जब किसी अमेरिकी सैन्य उपकरण के नुकसान को लेकर दो अलग-अलग नैरेटिव सामने आए हो। इतिहास में कई बार ऐसे दावे किए गए हैं कि ईरान ने अमेरिकी ड्रोन या सैन्य विमानों को निशाना बनाया। जबकि अमेरिका ने उन्हें तकनीकी खराबी दुर्घटना बताया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अक्सर नहीं हो पाती है लेकिन संदेह की यह परत हर नई घटना के साथ और मोटी होती जाती है। 

इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए Putin आएंगे India, Modi जाएँगे Russia, दोनों पक्के दोस्त मिलकर बदलेंगे वैश्विक समीकरण!

एम4 सी ट्राइटन कोई साधारण ड्रोन नहीं था। यह हाईटेक निगरानी सिस्टम 500 फीट की ऊंचाई से विशाल समुद्री क्षेत्र पर नजर रख सकता है और रियल टाइम खुफिया जानकारी भेजता है। ऐसे संवेदनशील और अत्याधुनिक प्लेटफार्म का अचानक क्रैश होना कई सवाल भी खड़े करता है। क्या यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी या फिर किसी इलेक्ट्रॉनिक जॉमिंग, साइबर इंटरफेरेंस या फिर बाहरी हमले का नतीजा। घटना के तुरंत बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान ने इस ड्रोन को मार गिराया हो सकता है। खासकर स्टेट ऑफ हुरमुज जैसे संवेदनशील इलाके में जहां दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर रहता है। लेकिन अमेरिका ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। यहां पर संदेह और गहरा हो जाता है। आलोचकों का कहना है कि अगर वास्तव में किसी बाहरी हमले की पुष्टि होती है तो उसे सार्वजनिक करना रणनीतिक रूप से अमेरिका के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इससे ना सिर्फ उसकी सैन्य तकनीक की कमजोरियां उजागर होंगी बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर भी असर सीधा-सीधा पड़ेगा। इसलिए क्रैश जैसे शब्द कई बार एक सुविधाजनक आधिकारिक व्याख्या बन जाते हैं। इस दौरान MQ9 रिपर ड्रोन के कथित नुकसान की खबरों ने इस बहस को और ज्यादा हवा दी है। अगर इतने बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है तो यह सिर्फ सहयोग या तकनीकी विफलता कहना मुश्किल लगता है। हालांकि इन आंकड़ों पर भी स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मिडिल ईस्ट अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर ग्रेस ज़ोन वॉरफेयर का मैदान बन चुका है। जहां सीधी लड़ाई कम और परोक्ष हमले, साइबर युद्ध और इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेरेंस ज्यादा होते हैं। ऐसे माहौल में सच्चाई और आधिकारिक बयान के बीच अंतर होना असामान्य नहीं माना जाता। फिलहाल एमक्यू4 ट्राई टर्न हादसे की जांच जारी है।

इसे भी पढ़ें: Middle East में जंग का खतरा? Netanyahu का बड़ा बयान- Iran पर US और हमारा निशाना एक

जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती यह घटना सिर्फ एक क्रैश नहीं बल्कि एक बड़ा सवाल बना रहेगी। क्या यह तकनीकी हादसा था या फिर एक और ऐसी घटना जिसे दुनिया के सामने अधूरी कहानी के रूप में पेश किया गया। जैसी की आशंका थी कि ईरान अमेरिका दो हफ्तों की जंगबंदी के बीच इसराइल कोई ना कोई खलल जरूर डालेगा और यह आशंका सही भी साबित हो गई। इसराइल ने इस जंगबंदी के दूसरे ही दिन अपना काम शुरू कर दिया और लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले अंजाम दिए। लेबनान ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह का गढ़ है और ईरान पहले ही कह चुका है कि हिजबुल्ला पर हमला नहीं होना चाहिए। नहीं तो जंगबंदी टूट जाएगी। एक्सपर्ट कहते हैं कि इसराइल वही चाह रहा है कि किसी भी सूरत में ईरान अमेरिका बात ही ना कर पाए। यह जंग चलती रहे। अमेरिका इस जंग से पीछा छुड़ाकर निकल ना जाए। महज 24 घंटे के भीतर ही शांति और राहत की उम्मीद इसराइल ने तोड़ दी। इसराइल ने भले ही अमेरिका के सीज फायर का समर्थन किया, लेकिन उसने एक के बाद एक लेबनान पर कई हमले किए। ऐसे में अमेरिका की तरफ से भी यह साफ कर दिया गया है कि लेबनान इस सीज फायर का हिस्सा नहीं है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने साफ कहा कि अमेरिका ईरान संघर्ष विराम का हिस्सा लेबनान नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ना तो वाशिंगटन और ना ही इसराइल ने इस पर सहमति दी थी। 

इसे भी पढ़ें: दो F-35 से भी महंगा, Iran के पास US Navy का 2000 करोड़ का Triton Drone कैसे हुआ क्रैश?

पाकिस्तान के यह कहने के बाद कि लेबनान को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसराइल ने लेबनान भर में महज 10 मिनट के भीतर 100 हमले किए जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं। जी हां, इसराइल ने साउथ लेबनान पर 10 मिनट में ही 100 हमले अंजाम दिए और सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। एक्सपर्ट कहते हैं कि यह ईरान के लिए उकसाने वाली कारवाई हो सकती है और ईरान ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया भी दी। उसने समंदर में फिर से पहरा लगा दिया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हरमोस को बंद कर दिया है। जिससे कच्चे तेल की कीमतों में फिर उछाल आ गया। यानी सीज फायर पर संकट आ गया है। 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शर्तों पर बात करने के लिए बैठक होनी है और उससे पहले ही इसराइल ने घमासान शुरू करवा दिया। एक्सपर्ट कहते हैं कि दरअसल इसराइल को इस बात की टीस भी थी कि उसे भरोसे में लिए बगैर ट्रंप ने ईरान के साथ सीज फायर का ऐलान कर दिया। जबकि उससे पहले ईरान पर भयानक हमले की डेडलाइन दी थी। इजराइल जानता है कि बड़ी मुश्किल से जंग में लाए गए अमेरिका को बिना किसी निर्णायक स्थिति के जाने देना मतलब अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। क्योंकि ईरान में आयतुल्लाह खामई की हत्या के बावजूद ना तो इसराइल अमेरिका वहां इस्लामिक रेवोल्यूशन को खत्म कर पाए और ना ही खामिनी सुप्रीमेसी को सब कुछ वैसा का वैसा ही है। बल्कि और आक्रामक हो गया है इसराइल के खिलाफ। ऐसे में अमेरिका का ऐसे ही पीछा छुड़ाकर चले जाना इसराइल के लिए बहुत घातक होगा और ईरान और उसके प्रॉक्सी इसराइल को छोड़ेंगे नहीं। इसलिए भी वह पूरी ताकत लगा रहा है कि जंग चलती रहे और पीएम नितिन याू को भी अपने देश की जनता को जवाब देने की वजह मिल जाए। वरना सवाल उनसे भी होगा कि ईरान पर हमला करके और इसराइल में इतना नुकसान करवाकर इसराइल को हासिल क्या हुआ?

Continue reading on the app

बाबर आजम ने तोड़ा विराट कोहली का वर्ल्ड रिकॉर्ड, टी20 क्रिकेट के बने नए किंग

पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम ने टी20 क्रिकेट में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। बाबर आजम ने टी20 क्रिकेट में अर्धशतकों का शतक पूरा किया है। खास बात ये है कि बाबर आजम ने सबसे कम पारियों में इस उपलब्धि को अपने नाम किया है। इसके साथ ही बाबर ने विराट कोहली का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़ा है। इसके अलावा पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल में भी बाबर आजम ने एक इतिहास रच दिया है। वे पीएसएल में सबसे पहले 4000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने हैं। 

बाबर आजम ने बुधवार 15 अप्रैल को पेशावर जाल्मी के लिए खेलते हुए क्वेटा ग्लैडिएटर्स के खिलाफ 51 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 71 रनों की पारी खेली। इसी पारी के दौरान बाबर आजम के रनों की संख्या पाकिस्तान सुपर लीग में 4000 के पार पहुंच गई। इस उपलब्धि पर पहुंचने वाले वे पहले खिलाड़ी हैं। उनसे पहले न तो किसी विदेशी खिलाड़ी ने और न ही किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी ने इतने रन इस लीग में बनाए हैं। वे इससे पहले कराची किंग्स और इस्लामाबाद यूनाइटेड के लिए खेल चुके हैं। पेशावर उनकी इस लीग में तीसरी टीम है। इस टीम की वे कप्तानी भी कर रहे हैं। 

वहीं अगर बात टी20 क्रिकेट में उनके वर्ल्ड रिकॉर्ड की करें तो वह टी20 क्रिकेट में अर्धशतकों का शतक पूरा कर चुके हैं। हालांकि, इससे पहले 3 और खिलाड़ियों ने अर्धशतकों का शतक टी20 क्रिकेट में पूरा किया हुआ है, लेकिन बाबर आजम ने सबसे कम पारियों में इस उपलब्धि को हासिल किया है। बाबर आजम ने 341 पारियों में 100 अर्धशतक टी20 क्रिकेट में जड़े हैं। 

Continue reading on the app

  Sports

कहां है 'टोरनेडो' बवंडर... जिसकी स्पीड देख मिला नया नाम, फेंका पहला सुपर ओवर, ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद हो गया गुमनाम

Kamran khan lost in the darkness of anoynymous: आज़मगढ़ के एक साधारण मजदूर के बेटे कामरान खान की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं थी. शेन वॉर्न ने उनकी 140 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार देख उन्हें 'टॉरनेडो' नाम दिया और आईपीएल इतिहास का पहला सुपर ओवर फेंकने की जिम्मेदारी सौंपी. लेकिन चकिंग के आरोप और चोटों ने इस उभरते सितारे की चमक फीकी कर दी. जिस गेंदबाज को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा था, वह वक्त के साथ गुमनामी के अंधेरे में खो गया. Thu, 16 Apr 2026 17:16:02 +0530

  Videos
See all

Nashik TCS Case: नासिक का TCS कांड सुमीम कोर्ट पहुंचा #shorts | Police Action | Supreme Court #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T11:45:23+00:00

Women Reservation Bill : लखनऊ की महिलाओं का जश्न, देखिए सपा को लेकर क्या कहा | Nari Vandan Adhiniyam #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T11:44:38+00:00

TCS Nashik Big Action: नासिक कांड के बाद एक्शन में TCS! | Nashik TCS Case | Corporate Jihad #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T11:45:04+00:00

SP MP Dharmendra Yadav in Loksabha। “तीनों ही बिलों का पुरजोर विरोध करता हूं...”। #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T11:41:32+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers