Falsa Sharbat Recipe: इस गर्मी ट्राई करें फालसे का ठंडा-ठंडा शरबत, नोट करें स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी
Falsa Sharbat Recipe: गर्मियों की दोपहर में लोग खूब चाव से फालसे में काला नमक छिड़कर खाते हैं. और क्यों न खाएं ये फल सिर्फ इन दिनों में ही मिलता है. फालसे ठंडे, ताजगी से भरे और विटामिन-सी के सोर्स होते हैं. आयुर्वेद में इस फल को औषधियों गुणों से भरपूर बताया गया है. इसका स्वाद भी लाजवाब होता है. आपने इस फल को तो खा लिया पर कभी इसका शरबत पिया है? अगर नहीं तो एक बार इस सीजन में फालसे का खट्टा-मीठा शरबत बनाकर जरूर ट्राई करें.
फालसा शरबत जरूर पिएं
विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फालसा हमारी बॉडी को ठंडा रखता है. फालसे खाने से हमारे शरीर को लू नहीं लगती है. उत्तर भारत में फालसे का शरबत जरूर पीना चाहिए. आइए आपको बताते हैं फालसा शरबत बनाने की शेफ स्टाइल रेसिपी.
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फालसा शरबत के बेमिसाल लाफ
नेचुरल कूलर- फालसे की तासीर ठंडी होती है. इसे पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और हीट स्ट्रोक से बचाती है.
पाचन में मददगार- फालसे में मौजूद फाइबर पेट दर्द और गर्मियों में होने वाली पेट की समस्या से राहत दिलाता है.
आयरन का सोर्स- इसका शरबत पीने से शरीर में खून की कमी दूर होती है. फालसे खाने से हीमोग्लोबिन का लेवल इंक्रीज होता है.
स्किन के लिए वरदान- फालसे एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं. इन्हें खाने से गर्मियों में पिंपल्स और फुंसी-फोड़े नहीं होते हैं.
फालसा शरबत बनाने की सामग्री
- ताजा फालसा
- पुदीने के पत्ते
- ठंडा पानी और बर्फ के टुकड़े
- चीनी या मिश्री
- काला नमक और सफेद नमक
- भुना हुआ जीरा पाउडर
फालसा शरबत बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी
- इसे बनाने के लिए आपको सबसे फालसों को अच्छी तरह से धोकर उन्हें सूखने देना है.
- इसके बाद एक बाउल में फालसे निकाल लें और उसमें चीनी या मिश्री मिलाकर, दोनों प्रकार के नमक डालें. अब इसे हाथों से अच्छे से मसल लें.
- आपको मिक्सर का इस्तेमाल नहीं करना है क्योंकि उससे बीज भी पिस जाएंगे, जिससे शरबत में कड़वाहट आ सकती है.
- अब फालसे को छलनी में डालकर अच्छे से मसल-मसल कर पल्प तैयार करें. इस दौरान बीच-बीच में थोड़ा ठंडा पानी भी डालते रहें. इसे तब तक मसले जब तक सभी फालसों के बीज अलग न हो जाएं. जब सारा गूदा निकल जाए तो उसमें और थोड़ा पानी डालकर मिक्स करें. बीजों को फेंक दें.
- फालसा शरबत की कंसिस्टेंसी देखें. यह ज्यादा पतला और मोटा नहीं होना चाहिए. सर्व करने के लिए गिलास में निकालें. उसके ऊपर पुदीने के कटे पत्ते डालें, भुना जीरा पाउडर डाले और बर्फ डालकर परोसे.
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Disclaimer: इस खबर को सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
दुनिया चखेगी यूपी का 'स्वाद': 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना को मिला बैंकों का सहारा; योगी सरकार का 'लोकल टू ग्लोबल' प्लान
One District-One Delicacy Scheme: उत्तर प्रदेश की 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ODOP) योजना की वैश्विक सफलता के बाद, अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पारंपरिक जायकों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना को मिशन मोड पर ले लिया है. इस योजना को नई गति देने के लिए अब बैंकिंग सेक्टर भी मैदान में उतर गया है, जिससे न केवल पारंपरिक व्यंजनों का कारोबार बढ़ेगा, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे.
बैंकों की भूमिका, केवल कर्ज नहीं, मैनेजमेंट भी सिखाएंगे
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) ने ओडीओसी (ODOC) योजना को सफल बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है.
आसान और सस्ता ऋण कराया जाएगा मुहैया
बैंकों की ओर से इस कारोबार से जुड़ने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर सस्ता और आसान ऋण मुहैया कराया जाएगा. इस दौरान बैंक केवल पूंजी ही नहीं देंगे, बल्कि नया काम शुरू करने वालों को वित्तीय प्रबंधन के गुर भी सिखाएंगे. इसमें हिसाब-किताब रखने से लेकर मुनाफे को निवेश करने तक की ट्रेनिंग शामिल होगी.
रोजगार और विशेषज्ञों का संगम
पिछले दिनों हुई एसएलबीसी की बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट किया था कि बैंकों को केवल कर्ज देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने अपेक्षा की है कि बैंक इस योजना के लिए विषय विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों को जोड़ने में सहयोग करें. सरकार का मुख्य उद्देश्य इस योजना के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार की एक नई लहर पैदा करना है.
स्वाद का 'कलस्टर' और ग्लोबल ब्रांडिंग
उत्तर प्रदेश के हर जिले की अपनी एक अलग पहचान है चाहे वह मथुरा का पेड़ा हो, आगरा का पेठा या अवध के कबाब. सरकार अब इन विशिष्ट व्यंजनों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग में सीधा सहयोग करेगी.
कलस्टर विकास: जिलों में विशेष क्लस्टर विकसित किए जाएंगे जहां इन व्यंजनों को उच्च मानकों के अनुरूप तैयार और पैक किया जाएगा.
पैकेजिंग क्रांति: पारंपरिक स्वाद को आधुनिक पैकेजिंग के साथ पेश किया जाएगा ताकि वह एक्सपोर्ट क्वालिटी का बन सके.
मार्केटिंग सपोर्ट: सरकारी मेलों, प्रदर्शनी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए इन व्यंजनों को 'लोकल से ग्लोबल' बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
'स्वस्थ और समृद्ध' उत्तर प्रदेश की ओर
ओडीओसी योजना के जरिए योगी सरकार न केवल लुप्त होती पारंपरिक पाक कला को पुनर्जीवित कर रही है, बल्कि इसे एक संगठित उद्योग का रूप दे रही है. बैंकों का जुड़ाव इस योजना को वह वित्तीय रीढ़ प्रदान करेगा, जिसकी कमी के कारण छोटे कारीगर अपनी कला को बड़े बाजार तक नहीं ले जा पाते थे.
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