मोहिनी एकादशी व्रत के दिन इन नियमों का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलतियां
हिंदू धर्म में एकादशी की तिथि का बहुत अधिक महत्व माना गया है। इस व्रत को बहुत ही नियम के साथ किया जाता है। ये दिन भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ा हुआ है, जो व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि लेकर आता है। एकादशी तिथि की शुरुआत एक दिन पहले यानी दशमी से हो जाती।
अगर आप एकादशी का व्रत कर रहे हैं तो एक दिन पहले से कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। अगर व्रत का पूर्ण लाभ पाना चाहते हैं तो जरूरी नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है। चलिए आपको बता देते हैं कि कौन से नियम है जिनका पालन करना चाहिए ताकि व्रत में बाधा ना आए।
कब है मोहिनी एकादशी व्रत
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 अप्रैल को शाम 6:06 पर शुरू होने वाली है। इसका समापन 27 अप्रैल को शाम 6:15 पर होगा। उदया तिथि के अनुसार ये व्रत सोमवार 27 अप्रैल को किया जाएगा।
एकादशी के जरूरी नियम
- एकादशी व्रत के नियमों का पालन दशमी तिथि से करना होता है। याद रखें कांसे के बर्तन में भोजन व्रत के पारण से पहले नहीं करना चाहिए।
- दशमी तिथि की शाम से सात्विक और हल्का भोजन करें और चावल का सेवन बिलकुल न करें।
- इस दौरान ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है। अगर संभव है तो जमीन पर सोना चाहिए।
भोग के समय याद रखें ये नियम
एकादशी पर भगवान विष्णु को भोग लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी के बिना वह भोग स्वीकार नहीं करते। तुलसी दल हमेशा भोग में शामिल करें। आप चाहे तो एक दिन पहले दशमी तिथि पर सूर्यास्त से पहले तुलसी दल तोड़ कर रख सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
एकादशी के दिन कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा कहते हैं कि इस अवसर पर मां तुलसी निर्जला व्रत रखती हैं और अगर उन्हें जल अर्पित किया जाता है तो उनका व्रत खंडित हो जाता है। इसलिए इस दिन तुलसी को तोड़ना या स्पर्श करना भी शुभ नहीं होता। इस दिन व्यक्ति को बाल धोना या कटवाना नहीं चाहिए और नाखून काटना भी मना होता है। इस दिन पूजा में काले रंग के कपड़े बिल्कुल न पहनें क्योंकि यह शुभ नहीं होते।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।
School News: गर्मी का असर, अब मध्य प्रदेश के इन जिलों में स्कूलों का समय बदला,आदेश जारी, जानें नई टाइमिंग
मध्य प्रदेश में बढ़ते तापमान व भीषण गर्मी के साथ छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया हैं। अशोकनगर व सागर के बाद अब इंदौर और हरदा जिले के सभी स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। 16 अप्रैल 2026 को इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय और निजी विद्यालयों में नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक की कक्षाएं अब सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित की जाएंगी।
वहीं परीक्षाएं अपने निर्धारित समय के अनुसार ही संचालित की जाएंगी। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ियां भी सुबह 8:30 से 11:30 तक ही संचालित होंगी। वहीं हरदा में नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों पर लागू होगा। इससे पहले गर्मी को देखते हुए विदिशा, सागर और अशोकनगर कलेक्टर ने स्कूल के समय में बदलाव किया था।
बता दें कि मध्य प्रदेश में इन दिनों पारा 42 डिग्री से पार रिकॉर्ड किया जा रहा है। बुधवार (15 अप्रैल 2026) को सर्वाधिक अधिकतम तापमान छतरपुर में 42.4 डिग्री डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 16 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। अप्रैल अंत में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है।
गौरतलब है कि इस बार प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 1 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) रहेगा यानी करीब डेढ़ महीने तक स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि, शिक्षकों के लिए यह अवकाश केवल 31 मई तक ही रहेगा, उन्हें जून के पहले सप्ताह से स्कूल में उपस्थित होना होगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News























