खत्म हुई सुनीता आहूजा और कृष्णा की लड़ाई, गोविंदा की पत्नी ने कहा- '14 साल का वनवास खत्म', छलके कश्मीरा के आंसू
Sunita Ahuja Ended Rift With Krushna Abhishek: बॉलीवुड के दमदार एक्टर गोविंदा (Govinda) के फैंस के लिए लंबे समय बाद एक खुशी भरी खबर सामने आई है. जी हां, ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा के परिवार में चल रहा पुराना विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है. एक्टर की पत्नी सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) ने आखिरकार अपने भांजे और मशहूर कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक (Krushna Abhishek) और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) के साथ सालों से चली आ रही अनबन को खत्म कर दिया है. चलिए हम आपको सब कुछ डिटेल में बताते हैं.
14 साल पुराना विवाद खत्म
आपको बता दें कि हाल ही में शो 'लाफ्टर शेफ्स 3' (Laughter Chefs 3) के फोटोशूट के दौरान ये खूबसूरत पल देखने को मिला, जब सुनीता, कृष्णा और कश्मीरा एक साथ न केवल नजर आए, बल्कि उन्होंने मीडिया के सामने हंसते-मुस्कुराते हुए पोज भी दिए. तीनों ने ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग की और एक-दूसरे को गले लगाकर ये साफ कर दिया कि अब उनके बीच कोई कड़वाहट नहीं बची है.
इस मौके पर सुनीता आहूजा ने अपने मजेदार अंदाज में कहा, '14 साल का बनवास आज खत्म हुआ है.' उनके इस बयान ने सबका ध्यान खींचा. वहीं कश्मीरा शाह ने भी मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा, 'अब किसी और का शुरू होगा.' इस हल्के-फुल्के मजाक ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया.
लंबे समय से चल रहा था विवाद
गौरतलब है कि सुनीता आहूजा और कृष्णा अभिषेक के बीच ये पारिवारिक विवाद काफी समय से चर्चा में था. अक्सर मीडिया में यह खबरें आती थीं कि दोनों परिवारों के बीच बातचीत तक बंद है. यहां तक कि एक समय ऐसा भी आया था जब सुनीता ने शो The Kapil Sharma Show में आने से मना कर दिया था, क्योंकि वहां कृष्णा अभिषेक मौजूद रहते थे.
कैसे हुई थी विवाद की शुरुआत?
आपको बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत करीब 2016-2018 के बीच हुई थी. बताया जाता है कि कश्मीरा शाह के एक बयान को सुनीता आहूजा ने गोविंदा के प्रति अपमानजनक समझ लिया था. इसके बाद रिश्तों में खटास इतनी बढ़ गई कि दोनों परिवारों के बीच दूरियां गहरी होती चली गईं.
रिश्तों में पहले भी दिखी नरमी
हालांकि, इन सबके बावजूद कृष्णा अभिषेक और उनकी बहन आरती सिंह हमेशा अपने मामा-मामी के लिए सम्मान जताते रहे हैं. खास बात यह रही कि आरती सिंह की शादी में गोविंदा की मौजूदगी ने पहले ही ये संकेत दे दिया था कि रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है.
शो में स्पेशल गेस्ट बनीं सुनीता
अब सुनीता आहूजा लाफ्टर शेफ 3 में स्पेशल गेस्ट के तौर पर नजर आने वाली हैं. सेट पर उनके आने से न केवल शो की रौनक बढ़ी, बल्कि परिवार के बीच की दूरियां भी खत्म होती दिखाई दीं.
कृष्णा ने कही दिल की बात
मीडिया से बातचीत के दौरान कृष्णा अभिषेक ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शो के सेट पर अपनी मामी का होना उनके लिए बेहद खास है. उन्होंने यह भी कहा कि सुनीता अब तक शो की सबसे बेहतरीन मेहमानों में से एक रही हैं.
फैंस भी हुए खुश
ऐसे में जैसे ही ये तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. कमेंट सेक्शन में लोगों ने इस मेल-मिलाप का दिल खोलकर स्वागत किया और इसे परिवार के लिए एक नई शुरुआत बताया. कुल मिलाकर, ये कहना गलत नहीं होगा कि लंबे समय से चले आ रहे इस पारिवारिक विवाद का अंत अब खुशियों के साथ हुआ है. फैंस को भी यही उम्मीद है कि आगे भी ये रिश्ता इसी तरह मजबूत बना रहेगा.
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ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के अधिकारों पर समझौते से किया इनकार, यूएस पर युद्ध भड़काने का लगाया आरोप
तेहरान, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान अपने न्यूक्लियर संवर्धन अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को बताया कि न्यूक्लियर एनर्जी पर उसका अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर आधारित है।
तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बाघेई ने पश्चिमी मीडिया में ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लेकर फैल रही अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान के वैध अधिकार पर कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन का अधिकार किसी बाहरी शक्ति की कृपा या रियायत नहीं है, जिसे दबाव या संघर्ष के समय वापस लिया जा सके। जब तक ईरान एनपीटी का सदस्य है, उसे इस संधि के सभी प्रावधानों का पूरा लाभ मिलना चाहिए।पाकिस्तान में हाल ही में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर संवर्धन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए बाघेई ने कहा कि किसी भी संभावित समझौते के लिए पहले एक व्यापक ढांचा तय होना जरूरी है। जब तक बुनियादी शर्तें तय नहीं होतीं, तब तक युद्ध और शांति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत बातचीत जल्दबाजी होगी।
लेबनान प्रतिरोध को लेकर उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा “वैध प्रतिरोध” का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि लेबनान में युद्ध समाप्त करना भी उस सीजफायर समझौते का हिस्सा था, जिस पर इस्लामाबाद वार्ता में चर्चा हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष (इजरायल) शुरू से ही सीजफायर की शर्तों का पालन नहीं कर रहा है। बाघेई ने यह भी कहा कि किसी समझौते के तहत यदि एक पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता है, तो दूसरे पक्ष को भी अपनी जिम्मेदारियों को उसी अनुपात में समायोजित करने का अधिकार होता है।
उन्होंने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया कि ईरान ने लेबनान में प्रतिरोध मोर्चों का समर्थन कम किया है। बाघेई ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर यूरोपीय प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान और उसके क्षेत्रीय साझेदार इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र का संरक्षक रहा है और पिछले 40 दिनों में जो भी व्यवधान हुए हैं, वे अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संघर्ष का परिणाम हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी हस्तक्षेप से क्षेत्रीय स्थिति और जटिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ यूरोपीय देश अमेरिकी और इजरायल की रणनीति के जाल में नहीं फंसे हैं, यह सकारात्मक संकेत है।
अंत में उन्होंने दोहराया कि यदि अमेरिका का हस्तक्षेप समाप्त हो जाए, तो ईरान क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता बनाए रख सकता है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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