भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अपने गंभीर स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। उनकी कोचिंग में टीम इंडिया ने कई नई उपलब्धियों को छुआ है। लेकिन कुछ रिपोर्ट के अनुसार गंभीर ने बीसीसीआई से अपने कार्यकाल को 2028 के टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल उनका कॉन्ट्रैक्ट साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक ही सीमित है। इसी बीच कुछ ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि बोर्ड उन्हें हटा सकता है। जिस पर पूर्व क्रिकेटर मुनाफ पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
टीओआई से बातचीत में भारत के पूर्व क्रिकेटर मुनाफ पटेल ने गंभीर का जोरदार समर्थन किया और चेतावनी दी कि उन्हें हटाने से अफरा-तफरी मच सकती है। उन्होंने कहा है कि गंभीर शायद ड्रेसिंग रूम में एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो सच को सच कहने की हिम्मत रखते हैं। अगर किसी बड़े से बड़े खिलाड़ी का प्रदर्शन गिरता है, तो उसे टीम से बाहर करने का भी उनमें साहस है।
बस ये याद रखना अगर गौतम गंभीर जैसे हेड कोच को हटा दिया जाता है तो खिलाड़ियों को संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा। वह एक सच्चे इंसान हैं, वह सच को सच कहते हैं और बहुत से लोगों को ये पसंद नहीं आता। हर कोई जानता है कि अगर चीजें पटरी से उतर जाती हैं तो उनमें उस खिलाड़ी को टीम से बाहर करने की हिम्मत है।
ऑस्ट्रेलिया के खराब दौरे के बाद रोहित और कोहली दोनों ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया तो दोनों और गंभीर के बीच तनाव की खबरें सामने आई। 2025 में वनडे सेटअप में भी कुछ ठीक नहीं था जब इस फॉर्मेट में उनकी वापसी के समय गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं में उनकी जगह की पुष्टि करने से परहेज किया।
मुनाफ ने कहा कि खिलाड़ियों को संभालना सबसे जरूरी चीज है और ये आसान नहीं है। विराट कोहली जैसे किसी खिलाड़ी को ना कहकर देखो। रोहित शर्मा को ना कहकर देखो। मुझे बताओ देश को कोचिंग देने के लिए गंभीर कितने लोगों को अपना दुश्मन बना रहे हैं? इन सब बातों के बावजूद, गंभीर ने एक व्हाइट-बॉल कोच के तौर पर बेहतरीन काम किया है और भारत को 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप में खिताब दिलाए हैं।
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Success Story : बाड़मेर जिले के पायला कला गांव के रहने वाले राजेंद्र सिंह ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल मिल जाए तो सफलता जरूर मिलती है. कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता झेलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने स्कूल व्याख्याता भर्ती 2024 में इतिहास विषय से पहले ही प्रयास में 51वीं रैंक हासिल कर ली. राजेंद्र की इस सफलता के पीछे उनके परिवार, गुरु और भाई का अहम योगदान रहा, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया. राजेंद्र रोजाना 13-14 घंटे पढ़ाई करते थे और पूरे फोकस के साथ तैयारी में जुटे रहे. आज उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं.
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