'सब मर्जी से होता है...कोई दूध का धुला नहीं', Bigg Boss के इस कंटेस्टेंट ने खोले इंडस्ट्री के टॉप सीक्रेट्स
Rohit Verma Exposed Fashion Industry: फेमस फैशन डिजाइनर और टीवी के पॉपुलर शो बिग बॉस (Bigg Boss) का हिस्सा रहे रोहित वर्मा (Rohit Verma) अक्सर अपने बयान को लेकर चर्चा में रहते हैं. हालांकि वो अपने स्टाइल और फैशन के लिए तो जाने ही जाते हैं लेकिन उनके बयान को लेकर अलग ही चर्चाएं होती हैं. हाल ही में रोहित वर्मा ने इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच, ट्रांसजेंडर और ड्रग्स को लेकर कई बड़े खुलासे किए.उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या आज भी लोगों को कास्टिंग काउच जैसे उत्पीड़न से गुजरना पड़ रहा है. आइए जानते हैं कि उन्होंने कौन-कौन से खुलासे किए हैं.
फिल्मी अड्डा संग बातचीत में रोहित ने फैशन इंडस्ट्री को लेकर बात की. इस दौरान उनसे पूछा गया कि मधुर भंडारकर की फैशन मूवी में मॉडलिंग के बारे में दिखाया गया है कि मॉडलिंग करने को लेकर कैसे लांछन लगते हैं और इस इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए शो के डायरेक्टर और फैशन डिजाइनर के संग सोना पड़ता है. इतना ही नहीं इस इंडस्ट्री में ड्रग्स लेने का भी प्रचलन बहुत है. इस पर रोहित ने कहा, 'मुझे बहुत गर्व है कि मैं इस इंडस्ट्री की क्वीन हूं. ये सब बेकार की बाते हैं, यहां पर कोई किसी का रेप नहीं करता है 'सब कुछ रजामंदी यानी मर्जी से होता है. फैशन इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा उंगलियां इसलिए उठती हैं क्योंकि ये इंडस्ट्री ग्लैमरस है और हमारे ऊपर सबसे ज्यादा कैमरों की नजर रहती है.'
कोई नहीं रोक सकता
इसके आगे उन्होंने ड्रग्स के प्रचलन पर कहा, 'इस तरह की बाते भी बेकार की हैं, जो लोग ड्रग्स लेने पर इतना जोर देते हैं, ये सब घटिया चीजें हैं. अगर आप में टैलेंट, हुनर और आपकी नीयत साफ है. आपके ऊपर आपकी मां का आशीर्वाद है तो आपको स्टार बनने से कोई रोक नहीं सकता है. कोई यहां पर किसी को फोर्स नहीं करता है.' इसके आगे रोहित ने अपने साथ हुए इंसिडेंट का उदाहरण दिया कि उनके ऊपर कई साल पहले उनके दोस्त ने मीटू का आरोप लगया था. उस दौरान उन्होंने उनकी सारी चैट्स सोशल मीडिया पर डाल दी थी. जिसके बाद उनके साथ पूरा हिंदुस्तान खड़ा हो गया था.
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यहां पर कोई दूध का धुला नहीं
उन्होंने आगे फैशन इंडस्ट्री को लेकर कहा, 'इस इंडस्ट्री में कोई दूध का धुला नहीं है, न मैं न आप. सबके अपने-अपने ओरिएंटेशन होते हैं. लेकिन जो लोग कहते हैं कि मेरे साथ जबरदस्ती हुई है. कोई किसी को यूज नहीं करता है. अगर मैं कहने लग जाऊं कि मेरा किसी ने यूज कर लिया. लेकिन हम ये नहीं बताते हैं कि हमने खुद अपना इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी. हम सब का दिमाग ठीक है. हम सब को पता होता है कि हमारे लिए क्या सही है और क्या गलत है.'
रोहित ने कास्टिंग काउच (Casting Couch) को लेकर कहा, 'आजकल बहुत सारे लोग कहते हैं कि मेरे साथ इस डायरेक्टर या प्रोड्यूसर ने ऐसा किया वैसा किया. लेकिन वो खुद उनके पास जाती हैं. वो उनके बारे में रिसर्च करके जाते हैं कि वो कौन है. उसके बाद अपनी कार निकालकर उसके घर जाते हैं. उसके साथ कॉफी- चाय पीते हैं. ऐसे में वो आपको बेडरूम में बुलाता है तो आप खुद ही 10 कदम आगे बढ़ाकर तय कर रहे हैं. तो आपके पास दिमाग होना चाहिए कि आप क्या कर रहे हैं. लेकिन मैं सोचता हूं किसी पर आरोप लगाना बहुत आसान होता है. भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि अगर आप किसी के ऊपर उंगली उठाते हो तो आपके ऊपर भी चार उंगली उठती हैं.
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नीतीश ने उतारी माला..., सम्राट को पहनाई! NDA बैठक में दिखा ये का बड़ा परिवर्तन
Nitish Kumar ne mala kyu utar kar Samrat Choudhary ko pehnayi: बिहार की राजनीति में उस वक्त बड़ा संदेश चला गया जब NDA की अहम बैठक में Nitish Kumar ने अपने गले की माला उतारकर Samrat Choudhary के गले में पहना दी. यह सिर्फ एक सामान्य इशारा नहीं था, बल्कि इसे राजनीतिक तौर पर बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
बैठक के दौरान मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यह दृश्य तेजी से चर्चा का विषय बन गया. राजनीति में ऐसे प्रतीकात्मक कदम अक्सर संदेश देने के लिए होते हैं और इस बार भी यही माना जा रहा है कि यह एक तरह से नेतृत्व के हस्तांतरण का संकेत है.
माला का क्या है मतलब?
हिंदू परंपरा में माला पहनाना सम्मान और विजय का प्रतीक माना जाता है. किसी को माला पहनाना सिर्फ स्वागत नहीं बल्कि उसे आगे बढ़ाने या स्वीकार करने का संकेत भी होता है. ऐसे में जब एक वरिष्ठ नेता अपने गले की माला उतारकर दूसरे को पहनाए तो उसका मतलब और गहरा हो जाता है.
राजनीतिक मायने क्या निकाले जा रहे हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि यह इशारा आने वाले नेतृत्व बदलाव की ओर संकेत कर सकता है. हाल के राजनीतिक घटनाक्रम में नए चेहरे को आगे लाने की चर्चा पहले से चल रही थी और इस कदम ने उन अटकलों को और तेज कर दिया है.
बैठक में और क्या हुआ?
NDA की इस बैठक में नई सरकार के गठन, नेतृत्व और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. कई बड़े नेता मौजूद रहे और माहौल पूरी तरह राजनीतिक संदेशों से भरा हुआ था.
क्यों बना यह दृश्य चर्चा का केंद्र?
राजनीति में शब्दों से ज्यादा इशारे काम करते हैं. माला पहनाने का यह पल कैमरों में कैद हुआ और कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग इसे सत्ता परिवर्तन और नई शुरुआत से जोड़कर देख रहे हैं.
आगे क्या संकेत?
अब सबकी नजर आने वाले फैसलों पर है. क्या यह सिर्फ सम्मान का इशारा था या फिर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की झलकहै. इसका जवाब जल्द सामने आ सकता है.
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