सीएम धामी ने क्षत्रिय कल्याण समिति की वेबसाइट की लॉन्च, ‘क्षत्रिय जागरण’ स्मारिका भी जारी
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति, देहरादून की वेबसाइट लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने ‘क्षत्रिय जागरण’ स्मारिका भी जारी की। सीएम ने समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक कामों की तारीफ की।
सीएम धामी ने कहा कि समिति लोगों को जागरूक करने के साथ जरूरतमंदों की मदद के लिए भी काम कर रही है। समाज के सभी लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने से उत्तराखंड को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने युवाओं से भी सामाजिक कामों में आगे आने और प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की।
बच्चों की पढ़ाई पर दें खास ध्यान
सीएम ने कहा कि किसी भी समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा की बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने समिति के सदस्यों से बच्चों की पढ़ाई पर खास ध्यान देने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर मौके देने की बात कही। पढ़ाई के साथ बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना होना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में विधायक सुरेश सिंह चौहान, दिगंबर सिंह नेगी, गोविंद बिष्ट, सोहन सिंह नेगी, आशा असवाल, धनपाल रावत, किशन भंडारी, प्रताप सिंह बिष्ट और चंदन सिंह भंडारी समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी ने बिगाड़ा रसोई का बजट, 152 प्रतिशत बढ़े पालक के दाम
South Korea Extreme Heat: दक्षिण कोरिया में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब खाद्य सामग्रियों की कीमतों पर भी पड़ने लगा है. गर्म मौसम के कारण सब्जियों, मछलियों और पशुधन की आपूर्ति घटी है, जिससे कई कृषि उत्पादों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं. योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि कोरिया एग्रो-फिशरीज एंड फूड ट्रेड कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तक एक महीने में 100 ग्राम पालक की खुदरा कीमत में 152.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. इसी अवधि में 10 खीरे की कीमत 54.8 प्रतिशत और 100 ग्राम हरी लेट्यूस की कीमत 41.7 प्रतिशत बढ़ गई.
मछली पालन क्षेत्र पर पड़ रहा भीषण गर्मी का असर
सरकार ने कीमतों में इस उछाल के लिए लंबे समय से जारी गर्मी को प्रमुख कारण बताया है. कृषि मंत्रालय के अनुसार, पालक, खीरा और तोरी जैसी सब्जियां अपेक्षाकृत ठंडे तापमान में बेहतर उगती हैं और गर्मियों में तापमान बढ़ने तथा आपूर्ति घटने के साथ इनके दाम तेजी से बढ़ सकते हैं. भीषण गर्मी का असर पशुधन और मछली पालन क्षेत्र पर भी पड़ा है. कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार तक गर्मी के कारण 9,01,602 पशुओं की मौत हो चुकी थी. इनमें करीब 95 प्रतिशत मुर्गियां और बत्तख जैसे पक्षी थे.
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पानी के कारण 8,64,497 मछलियों की मौत
समुद्र के बढ़ते तापमान से एक्वा फार्म भी प्रभावित हुए हैं. शुक्रवार तक गर्म पानी के कारण 8,64,497 मछलियों के मरने की सूचना मिली. इसका असर मछलियों की कीमतों पर भी पड़ा है। 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच फ्लाउंडर की औसत नीलामी कीमत 22,300 वॉन (करीब 15.84 डॉलर) प्रति किलोग्राम रही, जो एक सप्ताह पहले की तुलना में 2.29 प्रतिशत अधिक थी. पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसकी कीमत में 13.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई. उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र का तापमान जमीन की तुलना में धीरे-धीरे कम होता है. इसलिए गर्मी का पूरा असर आने वाले महीनों में दिखाई दे सकता है.
सितंबर के महीने में देखने को मिलता है गर्म पानी का ज्यादा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर में गर्म पानी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है, जिससे फ्लाउंडर और रॉकफिश जैसी मछलियों की कीमतें ऊंची बनी रहने की संभावना है. गर्मी से खाद्य महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच दक्षिण कोरियाई सरकार कीमतों पर नियंत्रण के लिए कदम उठा रही है. इनमें ब्रॉयलर मुर्गियों के आयात में बढ़ोतरी और डिस्काउंट स्टोरों में मछली उत्पादों पर विशेष प्रचार अभियान शामिल हैं. दक्षिण कोरिया में पिछले सप्ताह भीषण गर्मी के दौरान दिन के समय तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. हालांकि, रविवार को गर्मी में कुछ कमी आने का अनुमान है और अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
INPUT-IANS
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