एक ही टिकट पर घूमिए देश के 8 शहर, वो भी भारी छूट के साथ, कमाल की है रेलवे की ये सुविधा
Circular Journey Ticket Guide: भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं. रेलवे अपने यात्रियों के सफर को आरामदायक और किफायती बनाने के लिए समय-समय पर नई-नई योजनाएं पेश करता रहता है. हालांकि, सही जानकारी न होने की वजह से कई बार यात्री इन सुविधाओं का लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं. ऐसी ही एक शानदार और बेहद काम की सुविधा है रेलवे का 'सर्कुलर जर्नी टिकट'. अगर आप छुट्टियों में कई अलग-अलग शहरों या प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको हर स्टेशन के लिए अलग से टिकट खरीदने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ेगी. रेलवे का यह विशेष टिकट आपके पूरे सफर को न केवल आसान बनाएगा, बल्कि आपके बजट को भी काफी हल्का रखेगा.
क्या होता है सर्कुलर जर्नी टिकट?
सर्कुलर जर्नी टिकट रेलवे द्वारा दी जाने वाली एक ऐसी खास सुविधा है, जिसमें यात्री एक ही टिकट पर एक पूरी गोल यात्रा पूरी कर सकता है. इसका मुख्य नियम यह होता है कि आपकी यात्रा जिस स्टेशन से शुरू होती है, घूम-फिरकर उसी स्टेशन पर आकर समाप्त होनी चाहिए. उदाहरण के तौर पर अगर आप दिल्ली से अपनी यात्रा शुरू करते हैं और रास्ते में कई शहरों में रुकते हुए वापस दिल्ली ही आते हैं, तो आप इस टिकट का लाभ उठा सकते हैं. यह सुविधा स्लीपर क्लास, थर्ड एसी, सेकंड एसी, फर्स्ट एसी और फर्स्ट क्लास जैसी सभी प्रमुख श्रेणियों में यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाती है.
पैसे और समय दोनों की होगी भारी बचत
जब आप किसी लंबी यात्रा पर निकलते हैं और अलग-अलग स्टेशनों के लिए अलग-अलग पॉइंट-टू-पॉइंट टिकट खरीदते हैं, तो आपको हर बार नया बेस फेयर और टैक्स देना पड़ता है. इससे यात्रा का कुल खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. सर्कुलर जर्नी टिकट में रेलवे की टेलीस्कोपिक किराया प्रणाली लागू होती है. इसका सीधा मतलब यह है कि यात्रा की कुल दूरी के हिसाब से किराया तय किया जाता है, जिससे लंबी दूरी का सफर बहुत सस्ता पड़ता है. इसके अलावा, यात्रियों को हर नए शहर में जाने से पहले टिकट काउंटर की लंबी लाइनों में लगने की भागदौड़ से भी पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है.
8 स्टॉपओवर और 56 दिनों की लंबी वैधता
इस टिकट की सबसे बड़ी खासियत इसकी वैधता और रुकने की छूट है. सर्कुलर टिकट के तहत आप अपनी पूरी यात्रा के दौरान रास्ते में आने वाले अधिकतम 8 अलग-अलग स्टेशनों पर रुक सकते हैं. इसके साथ ही इस टिकट की कुल वैधता 56 दिनों की होती है. इसका मतलब है कि आप आराम से किसी भी शहर में कुछ दिन रुककर वहां का लुत्फ उठा सकते हैं और फिर अपनी आगे की यात्रा शुरू कर सकते हैं. इसमें सफर के दिन और शहरों में रुकने के दिनों की गणना रेलवे के तय नियमों के आधार पर की जाती है.
जानिए कैसे करा सकते हैं बुकिंग और रिजर्वेशन
सर्कुलर जर्नी टिकट खरीदने की प्रक्रिया सामान्य टिकटों से थोड़ी अलग होती है. यह टिकट आपको आईआरसीटीसी के ऑनलाइन ऐप या वेबसाइट पर सीधे नहीं मिलेगा. इसके लिए आपको सबसे पहले अपनी यात्रा का एक पूरा रूट प्लान तैयार करना होगा. इसके बाद आपको संबंधित रेलवे स्टेशन के स्टेशन मैनेजर या वाणिज्यिक अधिकारी से संपर्क करके अपने रूट प्लान को मंजूर कराना होगा. रूट पास होने के बाद स्टेशन का बुकिंग क्लर्क आपको सर्कुलर जर्नी टिकट जारी कर देगा. इसके अलावा रेलवे के पास पहले से भी कुछ तय लोकप्रिय टूरिस्ट रूट के सर्कुलर टिकट उपलब्ध होते हैं, जिन्हें आप सीधे खरीद सकते हैं.
रिजर्वेशन कराना बेहद अनिवार्य
यहाँ एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि सर्कुलर जर्नी टिकट केवल यात्रा करने का अधिकार देता है, ट्रेन में सीट की गारंटी नहीं देता. इसलिए टिकट खरीदने के बाद आपको जिन-जिन ट्रेनों में सफर करना है, उनके लिए अलग से रिजर्वेशन फॉर्म भरकर सीट रिजर्व करानी होगी. इसके लिए आपको हर स्टेशन पर जाकर रिजर्वेशन काउंटर पर आवेदन देना होगा, ताकि आपको संबंधित श्रेणी में कंफर्म सीट या बर्थ मिल सके. अगर आप भी इस बार लंबी छुट्टी पर निकलने का मन बना रहे हैं, तो रेलवे की इस योजना का फायदा जरूर उठाएं.
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Explainer: अमेरिका के लिए ईरान पर जीत क्यों है कठिन? हथियारों के स्टॉक में आई भारी कमी, जानें क्या है वजह
इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान का युद्ध शुरू हुआ था. तब से यह युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है. शुरुआत में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के टॉप लीडर्स को खत्म कर दिया और ऐसा लग रहा था कि ईरान में जल्द सत्ता पलट हो सकता है। मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ और ईरान काफी आक्रामक हो गया. उसने खाड़ी देशे पर हमला करना शुरू कर दिया. इसमें अमेरिका को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा. बाद में पाकिस्तान की सहायता से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्था का दौर जारी था। ऐस लग रहा था कि सबकुछ ठीक हो जाएगा, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। अमेरिका ने एक बार युद्ध शुरू कर दिया। इस बार हमला ईरान के अहम ठिकाने थे, जहां से उसकी सप्लाई चेन टूट जाए। यहां उसने ईरान को तगड़ा नुकसान पहुंचाया, मगर अब भी ईरान डटा हुआ है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका के पास मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो चुका है. साथ युद्ध के दौरान अमेरिका ने गाइडेड मिसाइलों का अपना लगभग सारा ग्लोबल स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है.
लंबी दूरी की मिसाइलों का स्टॉक खत्म
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में खासतौर पर अपने करीब सभी आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों को उपयोग कर लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस ऑपरेशन में अपनी "लगभग सभी" लंबी दूरी की मिसाइल का उपयोग कर लिया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पास मौजूद इंटरसेप्टर मिसाइलों और लंबी दूरी की मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो गया है और यह प्रशासन के लिए एक अंदरूनी चुनौती बन गई है.
हथियार काफी हद तक इस्तेमाल कर लिए
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि उसने ईरान युद्ध की शुरुआत में ही अपने सटीक हमले वाले हथियार काफी हद तक इस्तेमाल कर लिए थे. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन मिसाइलों का स्टॉक सीमित है लेकिन अधिक चिंता की बात पैट्रियट और थाड (THAAD) इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या को लेकर है. इनका उपयोग इतनी तेजी से हो रहा है कि अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री उतनी तेजी से इन्हें बना नहीं पा रही है.
रक्षा करने के लिए क्षमताओं का विशाल भंडार
अमेरिकी रक्षा विभाग के सीनियर प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने मीडिया को दिए कए बयान में कहा, "अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति है। उसके पास अपने मिशन को पूरा करने के लिए हर जरूरी चीज मौजूद है. हमने अलग-अलग इलाकों में कई सफल ऑपरेशन किए हैं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि अमेरिकी सेना के पास देश के लोगों और हितों की रक्षा करने के लिए क्षमताओं का विशाल भंडार हो."
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