बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर आज बड़ा दिन है। नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार प्रदेश में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए रास्ता बनाने बना दिया। इसी के साथ बीजेपी ने नए मुख्यमंत्री का चेहरा तय कर लिया है। सम्राट चौधरी भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए।
भाजपा विधायक दल की बैठक
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य पार्टी नेता भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। बिहार के मुख्यमंत्री पद से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार भाजपा अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करने जा रही है।
मेरे मार्गदर्शन में चलेगी नई सरकार: नीतीश कुमार
नीतीश कुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में नीतीश कुमार ने कहा आप जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एन०डी०ए० सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो- सभी के लिए काम किया गया है। हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है। इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अगले पाँच वर्षों यानि 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है। इससे और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा। बिहार के विकास में केन्द्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का नमन करते हैं। बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जाएगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है। इतने दिनों से हमने लगातार लोगों की सेवा की है। हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और इसलिए आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद माननीय राज्यपाल से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। अब नई सरकार यहाँ का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा तथा बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ तथा शुभकामनाएं देता हूँ।
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कैबिनेट मंत्री प्रताप सरनाइक ने मंगलवार को घोषणा की कि महाराष्ट्र में 1 मई से सभी लाइसेंसधारी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी जानना अनिवार्य होगा। उन्होंने एक बयान में कहा कि इस निर्देश को लागू करने के लिए मोटर परिवहन विभाग के माध्यम से राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा। मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि जिन चालकों को मराठी का बुनियादी ज्ञान नहीं होगा, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
सभी लाइसेंसधारी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी जानना अनिवार्य
मंत्री ने कहा महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर 1 मई से सभी लाइसेंसधारी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी जानना अनिवार्य होगा। मोटर परिवहन विभाग के 59 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि चालक मराठी पढ़ और लिख सकते हैं या नहीं। सरनाइक ने बताया कि लाइसेंस जारी करने के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान अनिवार्य करने वाला नियम पहले से ही लागू है, लेकिन इसका व्यापक रूप से उल्लंघन किया जा रहा है।
परिवहन विभाग को मिली कई शिकायतें
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग को विशेष रूप से मुंबई महानगर क्षेत्र, छत्रपति संभाजी नगर और नागपुर से चालकों द्वारा यात्रियों से मराठी में संवाद करने में असमर्थ या अनिच्छुक होने की कई शिकायतें मिली हैं।
जिस क्षेत्र में व्यवसाय करते हैं, वहां की भाषा सीखना हर किसी का कर्तव्य है। अपनी मातृभाषा पर गर्व करना महत्वपूर्ण है, लेकिन वहां काम करते समय राज्य की भाषा का सम्मान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल चालकों तक ही सीमित नहीं रहेगी। मंत्री ने कहा स्थापित नियमों की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से लाइसेंस जारी करने के दोषी पाए जाने वाले परिवहन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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