वैभव सूर्यवंशी पर मंडराया खतरा! ऑरेंज कैप की लिस्ट में हुआ बड़ा फेरबदल, विराट कोहली की हुई टॉप 5 में एंट्री
IPL 2026 Orange Cap : आईपीएल 2026 में भारत समेत दुनिया भर के तमाम बल्लेबाज लगातार रन बना रहे हैं और ऑरेंज कैप पर अपना कब्जा कर रहे हैं. आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को ऑरेंज कैप दी जाती है. इस समय आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप वैभव सूर्यवंशी के नाम दर्ज है. वैभव अब तक 4 मैचों में 2 अर्धशतकों के साथ 200 रन बनाकर ऑरेंज कैप होल्डर हैं. लेकिन अब उनके ऑरेंज कैप के ताज पर खतरा मंडराने लगा है.
ऑरेंज कैप की रेस हुई दिलचस्प
दरअसल, बीते रविवार मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच आईपीएल 2026 का 20वां मैच खेला गया. इस मैच में रजत पाटीदार (53) और विराट कोहली (50) ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं. इसके साथ ही ऑरेंज कैप होल्डर्स की लिस्ट में बड़ा फेरवदल हो गया है. क्योंकि इन दोनों स्टार बल्लेबाजों ने ऑरेंज कैप होल्डर्स की टॉप 5 लिस्ट में एंट्री मार ली है.
रजत पाटीदार ने मचाया धमाल
इस सीजन में अपनी दूसरी हाफ सेंचुरी और चार इनिंग्स में चौथी शानदार बैटिंग परफॉर्मेंस के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में आरसीबी के कैप्टन रजत पाटीदार दूसरे नंबर पर पहुंच गए. उन्होंने अब तक चार मैचों में 31, 48 नॉट आउट और 63 रनों और मुंबई इंडियंस के खिलाफ 20 गेंदों में 53 रन की पारी खेली हैं. इसके साथ ही उन्होंने इस सीजन में अपने रन 195 कर लिए.
इससे वह राजस्थान रॉयल्स (RR) के वैभव सूर्यवंशी से सिर्फ पीछे और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के हेनरिक क्लासेन से ऊपर नंबर 2 पर आ गए. क्लासेन ने अब तक 4 मैचों में 2 अर्धशतकों के साथ 184 रन बनाए हैं और अब वो तीसरे नंबर पर काबिज हैं.
Consistent ???? Destructive
— IndianPremierLeague (@IPL) April 12, 2026
1⃣5⃣-year old Vaibhav Sooryavanshi tops the Orange Cap leaderboard after Match 20 ????????
Will he continue his fabulous form? ✍️#TATAIPL | #KhelBindaas pic.twitter.com/2ZNMGlsC9c
विराट कोहली की हुई टॉप - 5 में एंट्री
सूर्यवंशी के ओपनिंग पार्टनर यशस्वी जायसवाल चौथे नंबर पर बने हुएं हैं. उन्होंने 4 मैचों में 2 अर्धशतकों क साथ 183 रन बनाए हैं. लेकिन अब विराट कोहली नंबर 5 पर आ गए हैं. उन्होंने ऑरेंज कैप होल्डर्स की टॉप 5 लिस्ट में एंट्री कर ली है. विराट जायसवाल से सिर्फ चार रन पीछे हैं. विराट ने अब तक चार मैचों में 69 नॉट आउट, 28, 32 और 50 रनों की पारी खेली है.
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डिजिटल प्रचार की वजह से तिरुपुर के कपड़ा उद्योग में चुनावी मंदी, टीशर्ट व झंडों की मांग में भारी गिरावट
कोयंबटूर, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होने वाला है। ऐसे में तिरुपुर का कपड़ा उद्योग केंद्र, जो पारंपरिक रूप से चुनाव के मौसम में गुलजार रहता है, इस साल एक असामान्य मंदी का सामना कर रहा है क्योंकि चुनाव संबंधी सामानों की मांग में भारी गिरावट आई है।
तिरुपुर को लंबे समय से चुनाव प्रचार सामग्री उत्पादन का मुख्य केंद्र माना जाता रहा है। यहां के उद्यमियों का कहना है कि बदलती राजनीतिक रणनीतियों के कारण ऑर्डर में काफी कमी आई है। पार्टियां अब बड़े जनसभाओं के बजाय डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिनसे पारंपरिक रूप से मुद्रित टी-शर्ट, टोपी और झंडे जैसी वस्तुओं की भारी मांग उत्पन्न होती थी।
उद्योग के जानकारों का मानना है कि इस बदलाव ने एक भरोसेमंद मौसमी व्यापार चक्र को बाधित कर दिया है। कई छोटे और मध्यम आकार के उद्यम, जो आम तौर पर चुनावों के दौरान पूरी क्षमता से काम करते थे, अब इनका काम पूरी तरह प्रभावित है। यह प्रौद्योगिकी-आधारित चुनाव प्रचार के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
पिछले चुनावों में उम्मीदवार अक्सर स्थानीय प्रचार अभियानों के लिए अपने नाम और प्रतीकों वाले अनुकूलित सामान मंगवाते थे। यह प्रथा अब काफी हद तक लुप्त हो गई है, जो जमीनी स्तर पर व्यक्तिगत ब्रांडिंग से दूर हटने का संकेत देती है।
जमीनी स्तर पर प्रचार के तरीकों में भी बदलाव आया है। घर-घर जाकर प्रचार करना, जिसमें कभी पार्टी कार्यकर्ता ब्रांडेड टी-शर्ट पहने नजर आते थे, अब अधिक किफायती विकल्पों में तब्दील हो गया है।
पार्टी कार्यकर्ता तेजी से तौलिये जैसी कम लागत वाली वस्तुओं को पसंद कर रहे हैं, जो सस्ती होने के साथ-साथ चुनाव प्रचार में दृश्यता के लिए पर्याप्त भी हैं।
मंदी केवल परिधान तक ही सीमित नहीं है। टोपी जैसे चुनावी प्रचार सामग्री की बिक्री में भी भारी गिरावट आई है और शुरुआती पूछताछ के बावजूद वास्तविक ऑर्डर उम्मीद से कम रहे हैं। इसी तरह, झंडे बनाने वाली कंपनियां भी घाटे का सामना कर रही हैं क्योंकि मतदान का दिन नजदीक आने के बावजूद पहले से तैयार स्टॉक का एक बड़ा हिस्सा बिना बिका रह गया है।
गठबंधन को अंतिम रूप देने और उम्मीदवारों की घोषणा करने में देरी ने उद्योग को और भी प्रभावित किया है, जिससे चुनाव प्रचार पर खर्च करने के लिए उपलब्ध समय कम हो गया है।
निर्माताओं का कहना है कि नामांकन की पुष्टि होने के बाद ही आमतौर पर ऑर्डर बढ़ते हैं, जिससे इस बार बड़े पैमाने पर उत्पादन की गुंजाइश कम रह गई है। हालांकि, नए राजनीतिक उम्मीदवारों से कुछ मांग उभरी है, जिससे नए ऑर्डर मिलने के सीमित अवसर पैदा हुए हैं। फिर भी, समय की कमी के कारण निर्माता इस सेगमेंट का पूरी तरह से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
--आईएएनएस
एसएके/पीएम
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