PM Kisan: अटक सकती है आपकी राशि, 23वीं किस्त जारी होने से पहले आज ही निपटा लें ये काम
PM Kisan KYC: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सफलता के साथ सरकार अब तक 22 किस्तें जारी कर चुकी है. पिछली 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को करोड़ों किसानों के खातों में सफलतापूर्वक भेजी गई थी. यह राशि साल भर में दो-दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है. ये योजना भारत सरकार की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जो सीधे तौर पर देश के अन्नदाताओं को आर्थिक संबल प्रदान करती है. इसके माध्यम से करोड़ों पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है. अब किसान भाइयों की नजरें अगली यानी 23वीं किस्त पर टिकी हुई हैं.
अटक सकती है आपकी राशि
केंद्र सरकार ने 23वीं किस्त जारी करने से पहले लाभार्थियों के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं. योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है. सरकारी दिशा निर्देशों के मुताबिक, जिन किसानों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उनके खाते में अगली किस्त का पैसा नहीं भेजा जाएगा. अक्सर देखा गया है कि जानकारी के अभाव में कई किसान अपनी पात्रता अपडेट नहीं कर पाते, जिसके कारण उनका पैसा बीच में ही अटक जाता है. अगर आप भी 23वीं किस्त का लाभ उठाना चाहते हैं, तो समय रहते अपनी केवाईसी की स्थिति जांच लें.
ऑनलाइन केवाईसी करने का तरीका
अगर आप तकनीकी रूप से थोड़े भी जागरूक हैं और आपके आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक है, तो आप खुद ही अपनी केवाईसी अपडेट कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आपको पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां होम पेज पर 'ई-केवाईसी' का विकल्प दिखाई देगा, जिस पर आपको क्लिक करना है. इसके बाद अपना आधार नंबर दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं. अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा. उस ओटीपी को पोर्टल पर डालकर सबमिट करते ही आपकी केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. यह तरीका पूरी तरह निशुल्क और आसान है.
ये है ऑफलाइन विकल्प
जो किसान भाई इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए भी सरकार ने सुलभ विकल्प दिए हैं. आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाकर बायोमेट्रिक तरीके से अपनी केवाईसी करवा सकते हैं. वहां आपको अपने अंगूठे का निशान लगाना होगा और आपकी पहचान प्रमाणित हो जाएगी. इस प्रक्रिया के लिए अपने साथ आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जरूर ले जाएं. इसके अलावा, सरकार ने 'पीएम किसान मोबाइल एप' भी लॉन्च किया है. इस एप की मदद से किसान भाई चेहरे की पहचान यानी फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए भी अपनी केवाईसी घर बैठे पूरी कर सकते हैं.
इन कारणों से भी रुक सकती है किस्त
सिर्फ केवाईसी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य तकनीकी कारणों से भी किस्त का भुगतान प्रभावित हो सकता है. सरकार अब भूमि अभिलेखों का भौतिक सत्यापन भी कड़ाई से कर रही है. अगर आपके जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन अधूरा है, तो आपकी किस्त रोकी जा सकती है. इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो और उसमें डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की सुविधा चालू हो. कई बार आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग अलग होने की वजह से भी पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता है, इसलिए इन सभी जानकारियों का मिलान करना आवश्यक है.
समय पर कार्रवाई जरूरी
23वीं किस्त जारी होने की तारीख नजदीक आने से पहले अपनी सभी कमियां दूर कर लेना समझदारी है. आखिरी समय में अक्सर सर्वर पर लोड बढ़ जाता है, जिससे वेबसाइट चलने में दिक्कत आती है. किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर योजना के पोर्टल पर जाकर अपना 'बेनिफिशियरी स्टेटस' चेक करते रहें. वहां यह जरूर देखें कि ई-केवाईसी के आगे 'यस' लिखा है या नहीं. यदि आपको किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 155261 पर कॉल करके मदद ली जा सकती है. सही जानकारी और समय पर की गई कार्रवाई ही आपकी अगली किस्त सुनिश्चित करेगी.
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नई दिल्ली स्थित ईरानी एंबेसी में कार्यक्रम, पबित्रा मार्गेरिटा ने जताई ईरान के प्रति संवेदना
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। नई दिल्ली में स्थित ईरानी एंबेसी में चेहल्लुम में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने भारत सरकार की ओर से ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के गुजरने के 40वें दिन शोक सभा (चेहल्लुम) में उपस्थित लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने दोनों देशों के बीच गहरे सभ्यतागत, सांस्कृतिक और लोगों के स्तर पर मजबूत रिश्तों को भी रेखांकित किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में ईरान के दूतावास की ओर से आयोजित 40वें दिन (चेहल्लुम) के शोक समारोह में भारत सरकार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
पोस्ट में कहा गया, भारत और ईरान के संबंध गहरी जड़ों वाले सभ्यतागत, सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संपर्कों पर आधारित हैं।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है, भारत के लोगों ने अपनी करुणा और एकजुटता के माध्यम से यह साबित कर दिया है कि शांति और न्याय चाहने वाले वैश्विक समुदाय के बीच उनका एक विशिष्ट स्थान है, और वे आज के दौर की दुनिया में सह-अस्तित्व, आपसी समझ और जिम्मेदारी का एक आदर्श बन सकते हैं। मैं भारत में अपने सभी प्यारे भाइयों और बहनों का इस्लामिक गणराज्य ईरान के प्रति उनकी सहानुभूति, एकजुटता, मानवता और समर्थन के लिए, और साथ ही भारत सरकार का भी, तहे दिल से आभारी हूं।
शोक सभा में भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, आज, हम सब यहां एक महान आध्यात्मिक और धार्मिक शख्सियत, एक सम्मानित और गर्वित आध्यात्मिक नेता की शहादत पर अपनी श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। उनका संदेश जोरदार और साफ था और इसने एक मजबूत सबक दिया।
वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, आज हम सब यहां उन्हें याद करने के लिए एकत्रित हुए हैं। वे हमारे लिए एक सीख, एक प्रेरणा और एक मार्गदर्शक रहे हैं। जीवन कैसे जिया जाए, मृत्यु का सामना कैसे किया जाए, बलिदान का क्या अर्थ है और उसे कैसे अपनाया जाए। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से हमें सिखाया है कि जीवन को सार्थक ढंग से कैसे जिया जाए और अपनी नश्वरता को कैसे स्वीकार किया जाए।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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