Delhi CM Rekha Gupta ने INA Delhi Haat में Teej Festival मनाया, कारीगरों का हौसला बढ़ाया
नयी दिल्ली, आठ अगस्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली पर्यटन विभाग की ओर से आईएनए दिल्ली हाट में आयोजित ‘तीज महोत्सव’ में हिस्सा लिया और महिलाओं तथा अन्य उपस्थित लोगों के साथ त्योहार मनाया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी के बीच लोक संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करते हैं और समाज में आपसी सद्भाव तथा अपनत्व की भावना को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘तीज केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और महिला सशक्तीकरण का उत्सव है।’’ दो दिवसीय यह महोत्सव आठ और नौ अगस्त को दिल्ली हाट तथा पीतमपुरा में आयोजित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य महिला सशक्तीकरण, प्रकृति के प्रति प्रेम और पारंपरिक मूल्यों को प्रदर्शित करना है, साथ ही दिल्लीवासियों और पर्यटकों को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। इन स्थलों को विशेष थीम के आधार पर सजाया गया है, ताकि आगंतुकों को आकर्षक सांस्कृतिक अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली हाट जैसे मंच दिल्ली की लोक कला और व्यंजनों को प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस तरह के आयोजन ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करते हैं और कारीगरों तथा छोटे उद्यमियों के लिए अवसर भी पैदा करते हैं।’’ पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार इन अमूल्य परंपराओं को हर्ष और उल्लास के साथ मनाने तथा इन्हें आने वाली पीढ़ियों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
Shashi Tharoor ने दी टिप्पणी पर सफाई, Rahul Gandhi या नेतृत्व पर हमला नहीं
नयी दिल्ली, आठ अगस्त कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को अपनी उस टिप्पणी पर सफाई दी जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन जितना ‘जेन जी’ का समर्थन नहीं मिला। उन्होंने अफसोस जताया कि मीडिया इसे ‘‘मेरी अपनी पार्टी या उसके नेतृत्व पर हमले’’ के तौर पर पेश कर रहा है। थरूर ने कहा कि उनका मकसद यह बताना था कि राजनीतिक पार्टियों को अपने दरवाजे खोलने चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए राजनीति को आकार देने की शक्ति हासिल करने के रास्ते बनाने चाहिए।
उन्होंने शुक्रवार को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम में कहा था कि सभी विपक्षी पार्टियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उन्होंने ‘‘उन लोगों के लिए अपनी पार्टियों में आने का रास्ता नहीं बनाया जो पिछले महीने जंतर-मंतर पर मौजूद थे’’। कांग्रेस नेता ने कहा कि स्थापित दल तब तक प्रासंगिक नहीं रहेंगे जब तक वे उन नयी आवाजों को नहीं सुनते जिन्हें उन्होंने अब तक नहीं सुना है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने वही मुद्दे उठाए जो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने उठाए थे।
जब उनसे पूछा गया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों को जंतर-मंतर वाले विरोध-प्रदर्शन जितना समर्थन क्यों नहीं मिला, तो थरूर ने कहा, ‘‘सही बात है। और इसीलिए हमें खुद से पूछना होगा कि हम क्या करने में नाकाम रहे।’’ शनिवार को थरूर ने दावा किया कि पत्रकारों ने उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया।
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