सुबह खाली पेट एक्सरसाइज करना कितना सही? वजन घटाने के चक्कर में न करें ये गलती
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। आज के समय में वजन बढ़ना बहुत आम समस्या हो गई है। खराब खान-पान, घंटों बैठकर काम करना, कम चलना-फिरना और बिगड़ी हुई दिनचर्या की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने बढ़ते वजन को लेकर परेशान हैं। ऐसे में लोग वजन कम करने के लिए डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं। खासकर सुबह के समय वर्कआउट करना काफी लोगों को पसंद होता है।
कुछ लोग सुबह उठते ही बिना कुछ खाए जिम या पार्क पहुंच जाते हैं। उनका मानना होता है कि खाली पेट एक्सरसाइज करने से शरीर ज्यादा चर्बी कम करता है और वजन जल्दी कम होता है। लेकिन वैज्ञानिक नजरिया इस पर कुछ और है।
दरअसल, वजन कम करने के लिए पूरे दिन में आप कितनी कैलोरी लेते हैं, कितनी ऊर्जा खर्च करते हैं, आपकी डाइट कैसी है और आप कितनी नियमितता से एक्सरसाइज करते हैं – इन सभी चीजों की अहम भूमिका होती है। इसलिए केवल खाली पेट वर्कआउट को वजन कम करने का आसान तरीका समझना सही नहीं है।
अगर आप सुबह उठकर बिना कुछ खाए एक्सरसाइज करते हैं, तो आपको जल्दी थकान महसूस हो सकती है। रात के खाने के बाद सुबह तक शरीर को कई घंटे तक खाना नहीं मिलता। ऐसे में अगर इसके तुरंत बाद आप तेज दौड़ना, भारी वजन उठाना या हैवी एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं, तो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने में समस्या हो सकती है।
कुछ लोगों को खाली पेट एक्सरसाइज करते समय कमजोरी, सिर घूमने या बेचैनी जैसी परेशानी भी होती है। खासकर अगर उन्होंने पर्याप्त पानी का सेवन नहीं किया है या एक्सरसाइज बहुत ज्यादा तेज है। ऐसे समय में शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करके वर्कआउट करते रहना ठीक नहीं है। अगर एक्सरसाइज के दौरान चक्कर आए, बहुत कमजोरी लगे या तबीयत खराब महसूस हो तो तुरंत रुक जाना चाहिए।
एक्सरसाइज के दौरान खाली पेट शरीर फैट को ऊर्जा के लिए इस्तेमाल करता है, लेकिन इससे वजन कम नहीं होता।
वजन कम करते समय एक और जरूरी बात, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज करते हैं, वो है मांसपेशियां। अगर कोई व्यक्ति बहुत कम खाना खाता है और लगातार एक्सरसाइज करता है, तो वजन कम होने के साथ मांसपेशियां भी कम हो सकती हैं। इसलिए वजन घटाने के दौरान पर्याप्त प्रोटीन और सही मात्रा में खाना लेना जरूरी है। साथ ही वजन उठाने वाली एक्सरसाइज भी शरीर को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि वजन घटाने के लिए किसी एक तरीके पर निर्भर रहने के बजाय पूरी दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। संतुलित खाना, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और पर्याप्त पानी वजन कम करने में मददगार होते हैं।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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योगी सरकार का बच्चों को तोहफा, स्कूल आने-जाने के लिए हर महीने दिए जाएंगे 600 रुपये
UP News: योगी सरकार युवाओं के साथ-साथ छात्रों को भी सौगात दे रही है. सीएम योगी अब राज्य के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्रों को एस्कार्ट भत्ता देने जा रहे हैं. यूपी सरकार गंभीर और बहु दिव्यांग बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए पहली बार एस्कार्ट भत्ता देने जा रही है. ऐसे राज्य के कुल 14,152 दिव्यांग छात्रों को प्रति माह 600 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. योगी सरकार दिव्यांग छात्रों को ये मदद 10 महीने तक देगी.
दिव्यांग छात्रों को दिए जाएंगे 8.49 करोड़
बता दें कि इस योजना के लिए प्रोजेक्ट एडवाजरी बोर्ड की ओर से 8.49 करोड़ रुपये लिए जाएंगे. इस योजना से बच्चों के माता-पिता पर स्कूल लाने और उन्हें वापस लेकर आने का आर्थिक बोझ कम हो जाएगा. इसके अलावा योगी सरकार की इस योजना से दिव्यांग बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. बता दें कि इस योजना के तहत योगी सरकार एस्कार्ट भत्ते के पात्र दिव्यांग छात्रों के माता-पिता के आधार लिंक बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पैसा भेजेगी.
स्कूली शिक्षा महानिदेशालय ने जारी किया आदेश
इस संबंध में स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से आदेश जारी किया गया. जिसके तहत पूर्ण दृष्टि दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी, बहु दिव्यांग और जेई और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) से प्रभावित छात्रों को इसमें शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही आदेश में कहा गया है कि एस्कार्ट एलाउंस का लाभ लेने के लिए छात्रों का स्कूल में नियमित उपस्थित रहना अनिवार्य है. जिससे स्कूलों में दिव्यांग छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ेगी.
BEO बनेंगे उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाचार्य
वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य के परिषदीय और सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को खंड शिक्षा अधिकारी यानी बीईओ के पद पर प्रमोट किए जाने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए राज्य के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को तत्काल सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं.
बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अनिल कुमार वाजपेयी बनाम उप्र राज्य व अन्य के मामले में प्रधानाध्यापकों को बीईओ के पद पर प्रोन्नति का आदेश दिया गया था. इस आदेश का पालन न होने पर अदालत ने अवमानना का नोटिस जारी किया था. बीते 16 दिसंबर 2025 को इस संबंध में हाईकोर्ट की ओर से सख्त निर्देश दिए गए थे. इसी के आधार पर इस दिशा में काम शुरू किया गया है.
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बता दें कि अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) मनोज कुमार द्विवेदी ने अपने पत्र में उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों की सेवा पुस्तिका जल्द निदेशालय भेजने का निर्देश दिया है. जिससे उनकी वरिष्ठता सूची तैयार की जा सके. इस पुस्तिका में 10 बिंदुओं पर प्रधानाध्यापकों की सेवा से संबंधित जानकारी मांगी गई है. राज्य के विशिष्ट बीटीसी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के मुताबिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों के वरिष्ठ प्रधानाध्यापकों को बीईओ के पद पर प्रोन्नति मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी. बता दें कि 2001 में पहले लगभग दो बार प्रधानाध्यापकों को बीईओ के पद पर प्रमोट किया गया था, लेकिन उसके बाद से अब तक प्रधानाचार्यों का इस पद पर प्रमोशन नहीं हुआ.
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