संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने अंतरिक्ष गतिविधियों के सतत विकास का आह्वान किया
बीजिंग, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस 12 अप्रैल को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने इस दिवस से पहले एक बयान जारी कर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मानव अंतरिक्ष गतिविधियों से उत्पन्न पर्यावरणीय चुनौतियों पर ध्यान देने और अंतरिक्ष के सतत उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।
बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र बाह्य अंतरिक्ष मामलों के प्रभाग ने अंतरिक्ष गतिविधियों के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों का संयुक्त रूप से विश्लेषण किया। रॉकेट प्रक्षेपण और अंतरिक्ष यान का वायुमंडल में पुनः प्रवेश वायुमंडलीय रसायन पर प्रभाव डाल सकता है और ओजोन परत को नुकसान पहुंचा सकता है। कक्षीय मलबे का संचय टकराव के जोखिम को बढ़ा सकता है, जिससे उपग्रहों की परिचालन सुरक्षा और भविष्य की अंतरिक्ष गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। बड़े पैमाने पर उपग्रह समूह और कक्षीय मलबा खगोलीय प्रक्षेपणों में भी बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।
बयान में अंतरिक्ष स्थिरता के महत्व पर जोर दिया गया। बयान में विभिन्न देशों से वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करके, निगरानी और डेटा साझाकरण में सुधार करके, अंतरिक्ष यान डिजाइन को अनुकूलित करके और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को गहरा करके अंतरिक्ष अन्वेषण के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने का आह्वान किया गया है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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JSSC पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड सहित 159 अभ्यर्थी गिरफ्तार
JSSC Excise Constable Exam Paper Leak: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक का खुलासा हो गया है. रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर कुल 164 लोगों को हिरासत में लिया है. इस बड़ी कामयाबी के बाद प्रशासन और जेएसएससी के आला अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की पूरी जानकारी साझा की है. पुलिस की इस मुस्तैदी ने परीक्षा में सेंध लगाने की एक बड़ी कोशिश को समय रहते विफल कर दिया है. पकड़े गए लोगों में 159 अभ्यर्थी और 5 सॉल्वर गैंग के सदस्य शामिल हैं.
प्रशासन ने क्या कहा?
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जेएसएससी के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने एक साथ मीडिया से बात की. अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि अब तक की जांच में पेपर लीक होने का कोई भी ठोस प्रमाण नहीं मिला है. गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों के पास से जो प्रश्न पत्र मिले थे, उनमें से केवल चार सवाल ही असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते पाए गए. अधिकारियों के अनुसार, 120 सवालों में से सिर्फ चार का मिलना पेपर लीक की श्रेणी में नहीं आता है, लेकिन यह एक संगठित अपराध की श्रेणी में जरूर आता है. पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके पीछे छिपे सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सके.
पकड़ा गया मास्टरमाइंड
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड बिहार का रहने वाला अतुल वत्स है. अतुल वत्स एक पेशेवर अपराधी है जो पहले भी कई बड़ी परीक्षाओं जैसे नीट, यूपी सिपाही भर्ती और राजस्थान की परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों में शामिल रहा है. पुलिस ने अतुल वत्स समेत गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह झारखंड के भोले-भाले अभ्यर्थियों को झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलने का काम कर रहा था. इनका मुख्य मकसद परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाकर अयोग्य लोगों को भर्ती कराना था.
पुलिस की गाड़ी देख मची भगदड़
यह पूरी कार्रवाई 11 अप्रैल 2026 की रात को शुरू हुई. पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ के एक सुनसान और आधे बने हुए मकान में भारी संख्या में युवक जमा हुए हैं. सूचना के आधार पर जब पुलिस की विशेष टीम वहां पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. पुलिस की गाड़ी देखते ही वहां मौजूद युवकों में भगदड़ मच गई. कई युवक अपने साथ लाए सामान और मोबाइल को छिपाने की कोशिश करने लगे. पुलिस ने बड़ी सूझबूझ से घेराबंदी की और 159 अभ्यर्थियों को पकड़ लिया, जिनमें सात महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं. मौके से आठ बड़ी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं.
अभ्यर्थियों से लाखों की वसूली
पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सॉल्वर गैंग के सदस्य एक-एक अभ्यर्थी से 10 से 15 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे. गैंग ने अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और यहां तक कि ब्लैंक चेक भी अपने पास रख लिए थे ताकि पैसे की वसूली सुनिश्चित की जा सके. कमरे के अंदर अभ्यर्थियों को बैठाकर कुछ खास प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए जा रहे थे. पुलिस को मौके से प्रिंटर, फटे हुए एडमिट कार्ड और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं. यह पूरा खेल बड़ी ही चालाकी से खेला जा रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इसे अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया.
गिरफ्तार मास्टरमाइंड का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार मास्टरमाइंड अतुल वत्स का इतिहास काफी दागदार रहा है. वह केवल झारखंड ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी परीक्षा माफिया के रूप में जाना जाता है. साल 2017 की राजस्थान क्लर्क भर्ती हो या 2024 की नीट परीक्षा, हर जगह अतुल वत्स का नाम सामने आता रहा है. उत्तर प्रदेश की सिपाही भर्ती और समीक्षा अधिकारी परीक्षा में भी उसकी संलिप्तता रही है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार झारखंड के किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं और क्या विभाग के अंदर का कोई व्यक्ति भी इसमें शामिल है.
परीक्षा की मर्यादा के साथ समझौता नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी हाल में परीक्षा की मर्यादा और पारदर्शिता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा. तमाड़ थाने में इस मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है और सभी 164 आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है. सरकार और प्रशासन का कहना है कि वे ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हो. पुलिस अब उन अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही है जहां इस गिरोह के अन्य सदस्यों के छिपे होने की आशंका है. इस कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है.
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