'जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं', प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया Asha Bhosle के लिए पोस्ट, उनके लिए की मंगल कामना
PM Narendra Modi Tweet For Asha Bhosle: दिग्गज गायिका आशा भोसले की तबीयत को लेकर पूरे देश की नजरें उन पर टिकी हुई हैं. बीते दिन उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. शुरुआत में खबरें सामने आई थीं कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया है, जिससे उनके फैंस और पूरे देश में चिंता की लहर दौड़ गई थी. हालांकि बाद में परिवार की ओर से इस खबर को गलत बताया गया और उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट की गई.
पोती ने दी सही जानकारी
आशा भोसले की पोती Zanai Bhosle ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनकी दादी को ज्यादा थकान और चेस्ट इन्फेक्शन की शिकायत के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल आशा भोसले की हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. परिवार ने सभी फैंस और मीडिया से अपील की है कि वे इस समय उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया पोस्ट
आशा भोसले की तबीयत खराब होने की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है. इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई और एक भावुक ट्वीट किया, जो तेजी से वायरल हो गया. प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आशा भोसले जी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.”
Deeply concerned to hear that Asha Bhosle Ji has been admitted to hospital. Praying for her good health and a speedy recovery.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 12, 2026
आशा भोसले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आपसी सम्मान का रिश्ता रहा है. पिछले वर्ष प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर आशा भोसले ने एक विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं दी थीं और उनकी सराहना की थी.
आशा भोसले के सदाबहार गाने
भारतीय संगीत जगत में आशा भोसले का योगदान अतुलनीय रहा है. उन्होंने अपने लंबे और शानदार करियर में हजारों गाने गाए हैं और कई दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया है. उनके द्वारा गाए गए “पिया तू अब तो आजा”, “दिल चीज क्या है”, “चुरा लिया है तुमने जो दिल को” और “इन आंखों की मस्ती” जैसे गीत आज भी सुनने वालों के दिलों में बसे हुए हैं और उन्हें सदाबहार बनाते हैं. फिलहाल, आशा भोसले का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. देशभर के प्रशंसक और संगीत प्रेमी उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की कामना कर रहे हैं.
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वैश्विक स्तर पर सकारात्मक अपडेट के चलते भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी : एनालिस्ट
मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार लगातार छह हफ्तों की गिरावट के बाद बीते हफ्ते सकारात्मक बंद होने में सफल रहे। इसकी वजह वैश्विक बाजारों से समर्थन मिलना था। यह जानकारी एनालिस्ट की ओर से दी गई।
बाजार के सेंटीमेंट में सुधार की वजह अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का अस्थाई सीजफायर होना है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट -रिसर्च, अजीत मिश्रा ने कहा,“घरेलू अर्थव्यवस्था के स्थिर आधार ने इस रैली को और भी मजबूती दी, जिससे व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। सप्ताह के मध्य में आई तेज बढ़त और उसके बाद हुई प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, बीते हफ्ते सूचकांकों में तेजी का रुख रहा।”
निफ्टी और सेंसेक्स में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और वे सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब क्रमशः 24,050.60 और 77,550.25 पर बंद हुए।
एनालिस्ट के अनुसार, बीते हफ्ते वैश्विक घटनाक्रम एक प्रमुख कारक बना रहा, अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम से जोखिम लेने की प्रवृत्ति में सुधार हुआ, हालांकि इसे लेकर अनिश्चितता बनी रही।
दूसरी तरफ, कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर से नीचे की तेज गिरावट ने घरेलू चिंताओं को कम किया और बाजारों में तेजी को सपोर्ट किया।
घरेलू मोर्चे पर, आरबीआई ने रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा और विकास को समर्थन देने के साथ मुद्रास्फीति के जोखिमों को संतुलित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए तटस्थ रुख अपनाया।
केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी वृद्धि दर को संशोधित करते हुए 7.6 प्रतिशत कर दिया है, जबकि वित्त वर्ष 2027 के लिए वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
ऊर्जा की ऊंची कीमतों और संभावित मौसम संबंधी व्यवधानों से उत्पन्न जोखिमों को देखते हुए, केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाकर 4.6 प्रतिशत कर दिया गया है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की सक्रियता के कारण समग्र बाजार भावना संतुलित लेकिन सतर्क बनी हुई है।
उनका कहना है कि गिरावट अपेक्षाकृत सीमित प्रतीत होती है, लेकिन तेजी की गति सीमित बनी हुई है, जो एक अनिश्चित और कमजोर आर्थिक सुधार की ओर इशारा करती है।
आर्थिक संकेतकों में नरमी के संकेत मिले हैं, मार्च में सेवा पीएमआई घटकर 57.5 और समग्र पीएमआई घटकर 57.0 हो गया।
हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक एजेंसियां सकारात्मक बनी हुई हैं, विश्व बैंक ने मजबूत घरेलू मांग और संरचनात्मक कारकों के समर्थन से भारत के विकास दृष्टिकोण को बढ़ाया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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