US का बड़ा दावा, होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरे दो युद्धपोत; ईरान बोला- ‘बिना हमारी अनुमति संभव नहीं’
मिडिल ईस्ट के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM ने दावा किया है कि उसके दो युद्धपोत- यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन और यूएसएस माइकल मर्फी सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर अरब खाड़ी में पहुंचे हैं. अमेरिका के अनुसार यह एक बड़े मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इस इलाके से बारूदी सुरंगों को हटाना और समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाना है. हालांकि, ईरान ने अमेरिका के इस दावे को खारिज कर दिया है.
US Secretary of War Pete Hegseth posts, "USS Frank E. Peterson (DDG 121) and USS Michael Murphy (DDG 112) transited the Strait of Hormuz and operated in the Arabian Gulf as part of a broader mission to ensure the strait is fully clear of sea mines previously laid by Iran’s… https://t.co/G23IV7rNkp pic.twitter.com/K2rwNLStoa
— Press Trust of India (@PTI_News) April 11, 2026
अमेरिकी जहाजों के दावे को ईरान ने किया खारिज
अमेरिका का कहना है कि ये सुरंगें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा बिछाई गई हैं. ऐसे में अमेरिकी नौसेना इस क्षेत्र में सक्रिय होकर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना चाहती है. खास बात यह है कि ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिकी युद्धपोतों के होर्मुज से गुजरने का दावा किया गया है.
US Navy starts mine-clearance operations in Strait of Hormuz
— ANI Digital (@ani_digital) April 11, 2026
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हालांकि, ईरान ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया. ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी बयान पूरी तरह गलत है. उनका कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज की आवाजाही का अधिकार केवल ईरान के पास है और बिना उसकी अनुमति कोई भी सैन्य जहाज वहां से नहीं गुजर सकता.
The US military command that oversees the Middle East (CENTCOM) has said that two of its ships have travelled through the Strait of Hormuz, a claim swiftly denied by Iran. https://t.co/i6xaLSAijp
— Al Jazeera English (@AJEnglish) April 11, 2026
IRGC ने भी दी चेतावनी
इस बयान के बाद IRGC ने भी चेतावनी दी कि अगर कोई सैन्य जहाज बिना अनुमति के इस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर टकराव और गहरा गया है.
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से लगभग 20% वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है. फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इस जलमार्ग को लगभग बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ा. अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस स्थिति को एक बड़ा बदलाव बताया है. उनका कहना है कि अमेरिका एक नया सुरक्षित समुद्री मार्ग तैयार कर रहा है, जिससे व्यापार बिना रुकावट जारी रह सके.
पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है. इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल आमने-सामने बातचीत कर रहे हैं. ऐसे में होर्मुज को लेकर बढ़ती तनातनी शांति प्रक्रिया को और मुश्किल बना सकती है.
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