Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी, जानिए देश के प्रमुख शहरों में आज कितनी है कीमत
Petrol Diesel Price Today: हर दिन सुबह 6 बजे देश की तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी करती हैं. ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और डॉलर-रुपए के विनिमय दर पर आधारित होती हैं. इसलिए इनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है, चाहे वह नौकरीपेशा व्यक्ति हो या छोटा व्यापारी. ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना जरूरी है.
पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर
आज यानी 11 अप्रैल 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज भी दरों को स्थिर रखा है. यह ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.
Vivah Muhurat 2026: कब समाप्त हो रहा है खरमास? शुरु होंगे शुभ काम,. जानें अप्रैल से जुलाई तक के विवाह मुहूर्त
Vivah Muhurat 2026: 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में गोचर करेंगे. इसके साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा. साल में दो बार खरमास लगता है. सूर्य जब देवगुरू बृहस्पति की राशि धनु या मीन में गोचर करते हैं तब खरमास होता है. खरमास में कोई भी शुभ या मांगलिक काम नहीं किया जाता है. खरमास में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि शुभ काम नहीं किए जाते हैं. मान्यता है कि खरमास में शुभ काम करने से कामों में सफलता नहीं मिलती साथ ही जीवन में परेशानियां आती हैं. धन हानि होती है. 14 अप्रैल को सूर्य के मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करते ही खरमास खत्म हो जाता है. इसके साथ ही सभी शुभ और मांगलिक काम शुरू हो जाते हैं. आइए जानते हैं अप्रैल से लेकर जुलाई तक विवाह के शुभ मुहूर्त क्या रहेंगे. साथ ही जानेंगे चातुर्मास कब से शुरु होगा.
कब खत्म होगा खरमास?
पंचांग के अनुसार, 14 अप्रैल को सूर्य सुबह 09 बजकर 09 मिनट पर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. मेष राशि सूर्यदेव की उच्च राशि कही जाती है. मेष राशि मंगलदेव की राशि है. ज्योतिष शास्त्र में मंगल और सूर्य को मित्र बताया गया है. मेष राशि में जाते ही सूर्य देव की ऊर्जा कई गुना बड़ जाती है. मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा. सभी विवाह आदि शुभ काम शुरु हो जाएंगे.
अप्रैल 2026 में विवाह मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, अप्रैल में विवाह के कुल आठ शुभ मुहूर्त रहेंगे. अपने कुल आचार्य से वर-बधू की कुंडली मिलान कराकर विवाह का मुहू्र्त निकलवा कर विवाह करें. अप्रैल माह में 15 अप्रैल, बुधवार, 19 अप्रैल, रविवार ( अक्षय तृतीया ), 20 अप्रैल, सोमवार, 21 अप्रैल, मंगलवार, 26 अप्रैल, रविवार, 27 अप्रैल, सोमवार, 28 अप्रैल, मंगलवार और 29 अप्रैल, बुधवार को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं.
मई 2026 के विवाह मुहूर्त
मई महीने में 15 मई तक विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे. 17 मई से पुरुषोत्तम मास शुरु होगा. इसका समापन 15 जून को होगा. इस महीने में विवाह आदि शुभ काम नहीं किए जाते हैं. मई के महीने में विवाह के आठ मुहूर्त रहेंगे. मई माह में 01 मई, शुक्रवार, 03 मई रविवार, 05 मई मंगलवार, 06 मई बुधवार, 07 मई गुरुवार, 08 मई शुक्रवार, 13 मई बुधवार और 14 मई गुरुवार को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं.
जून 2026 में विवाह मुहूर्त
15 जून को पुरुषोत्तम मास समाप्त होगा. 15 जून से शुभ और मांगलिक काम शुरु होंगे. जून के महीने में विवाह के कुल आठ मुहू्र्त रहेंगे. मई माह में 21 जून रविवार, 22 जून सोमवार, 23 जून मंगलवार, 24 जून बुधवार, 25 जून गुरुवार, 26 जून शुक्रवार, 27 जून शनिवार और 29 जून सोमवार को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं.
जुलाई 2026 में विवाह के मुहूर्त
जुलाई के महीने में विवाह के कुल चार मुहूर्त हैं. जुलाई महीने में 1 जुलाई बुधवार, 06 जुलाई सोमवार, 07 जुलाई मंगलवार और 11 जुलाई को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे. खरमास के बाद अप्रैल से लेकर जुलाई तक के ये विवाह के शुभ मुहूर्त हैं. इन मुहूर्त में अपने कुल आचार्य से वर-वधु की कुंडली मिलवा कर विवाह के मुहूर्त निकालकर विवाह करें.
पुरुषोत्तम मास में क्यों नहीं होते शुभ काम
साल 2026 में पुरुषोत्तम मास होगा. इसे अधिकमास और मलमास भी कहा जाता है. इस महीने में सूर्य की संक्रांति नहीं होती है. किसी भी शुभ काम की सफलता और शुभता के लिए सूर्य का शुभ होना बेहद जरुरी होता है. अधिकमास में सूर्य संक्रांति न होने की वजह से एक महीने तक कोई भी शुभ और मांगलिक काम नहीं किया जाता है. विवाह, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार, नया व्यापार शुरु करना आदि शुभ कामों को वर्जित माना जाता है. इस साल ज्येष्ठ मास दो होंगे. ज्येष्ठ मास में पुरुषोत्तम मास होगा. पुरुषोत्तम मास 17 मई से शुरु होगा और 15 जून को समाप्त होगा. मलमास के समाप्त होने पर ही 15 जून सोमवार से शुभ काम शुरु होंगे.
चातुर्मास के चार महीने नहीं होंगे शुभ काम
धर्म शास्त्रों के अनुसार, देवशयनी एकादशी से लेकर देव उठनी एकादशी तक चातुर्मास के चार महीने होते हैं. इन चार महीनों में भगवान विष्णु पाताललोक में जाकर शयन करते हैं. यही वजह है इन चार महीनों में कोई भी शुभ या मांगलिक काम नहीं किया जाता है. इस साल 25 जुलाई से 21 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा. इन चार महीनों में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि शुभ काम बंद रहेंगे.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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