इंश्योरेंस नहीं तो पेट्रोल-डीजल भी नहीं? सुप्रीम कोर्ट के सुझाव से बदल सकते हैं नियम
अगर आपकी कार या बाइक का मोटर इंश्योरेंस खत्म हो चुका है, तो आने वाले समय में पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाना मुश्किल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा और थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस के बेहतर पालन को लेकर ऐसा तकनीकी सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया है, जिसके तहत बिना वैध इंश्योरेंस वाले वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल पंपों को इंश्योरेंस डेटाबेस से जोड़ने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो ईंधन भराने से पहले वाहन का इंश्योरेंस स्टेटस डिजिटल तरीके से जांचा जा सकेगा। इंश्योरेंस खत्म होने पर पेट्रोल या डीजल देने से इनकार किया जा सकता है।
ANPR कैमरे और VAHAN पोर्टल होंगे लिंक
कोर्ट ने ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों को इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) और VAHAN पोर्टल से जोड़ने का भी सुझाव दिया है। इससे ट्रैफिक पुलिस बिना वाहन रोके ही यह पता लगा सकेगी कि वाहन का इंश्योरेंस वैध है या नहीं। सिस्टम खुद ई-चालान भी जारी कर सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में नए वाहनों के लिए लंबी अवधि का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य किया था। इसके तहत नई कारों के लिए तीन साल और नई दोपहिया गाड़ियों के लिए पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जरूरी किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन मालिक अनिवार्य अवधि पूरी होने के बाद पॉलिसी का नवीनीकरण नहीं कराते।
बिना इंश्योरेंस वाहन चलाने पर जुर्माना
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बिना वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के वाहन चलाने पर पहले अपराध के लिए 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बावजूद देश में अब भी बड़ी संख्या में वाहन बिना इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रहे हैं।
विशेषज्ञों ने बताया क्यों जरूरी है कदम
बजाज कैपिटल इंश्योरेंस के सीईओ वेंकटेश नायडू का कहना है कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था लोगों को समय पर पॉलिसी रिन्यू कराने के लिए प्रेरित करेगी और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाएगी।
वहीं पॉलिसीबाजार के मोटर इंश्योरेंस प्रमुख पारस पसरीचा के अनुसार, ANPR कैमरों, IIB और VAHAN के बीच डिजिटल इंटीग्रेशन से बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों की पहचान आसान होगी और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का दायरा बढ़ेगा। इससे सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में भी आसानी होगी और लंबी कानूनी प्रक्रिया की जरूरत कम पड़ेगी।
(प्रियंका कुमारी)
Gold Rate Today: 5 अगस्त को कितना हुआ 22 और 24 कैरेट सोने का भाव? यहां देखें आपके शहर के लेटेस्ट रेट
Gold Rate Today, 5 August 2026: अगर आप आज सोने के गहने, सिक्के या निवेश के लिए गोल्ड खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा रेट जरूर जान लें। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 5 अगस्त 2026 को 24 कैरेट (999) सोना ₹1,45,580 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
वहीं 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,42,080 प्रति 10 ग्राम है। नीचे देखें IBJA के लेटेस्ट रेट और दिल्ली, मुंबई, जयपुर, भोपाल समेत प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत।
आइए अब देश के प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने के ताजा भाव जानें।
प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,33,750 |
| मुंबई | 1,33,600 |
| कोलकाता | 1,33,600 |
| चेन्नई | 1,33,600 |
| अहमदाबाद | 1,33,650 |
| भोपाल | 1,33,650 |
| रायपुर | 1,33,600 |
| जयपुर | 1,33,750 |
| लखनऊ | 1,33,750 |
ध्यान दें: IBJA के रेट 24K शुद्ध सोने (बुलियन) के मानक भाव होते हैं, जबकि शहरवार 22 कैरेट ज्वेलरी रेट स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
FAQs
आज 24 कैरेट सोने का भाव कितना है?
IBJA के अनुसार 5 अगस्त 2026 को 24 कैरेट सोना ₹1,45,580 प्रति 10 ग्राम है।
22 कैरेट और 24 कैरेट में क्या अंतर है?
24 कैरेट लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है, जबकि 22 कैरेट में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से आभूषण बनाने में किया जाता है।
क्या सभी शहरों में सोने का भाव एक जैसा होता है?
नहीं। स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्ट लागत, मांग और ज्वेलर्स की प्राइसिंग के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है।
Disclaimer: सोने के रेट दिन में कई बार बदल सकते हैं। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर या अधिकृत स्रोत से ताजा कीमत जरूर जांच लें।
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