Gold Rate Today: 5 अगस्त को कितना हुआ 22 और 24 कैरेट सोने का भाव? यहां देखें आपके शहर के लेटेस्ट रेट
Gold Rate Today, 5 August 2026: अगर आप आज सोने के गहने, सिक्के या निवेश के लिए गोल्ड खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा रेट जरूर जान लें। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 5 अगस्त 2026 को 24 कैरेट (999) सोना ₹1,45,580 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
वहीं 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,42,080 प्रति 10 ग्राम है। नीचे देखें IBJA के लेटेस्ट रेट और दिल्ली, मुंबई, जयपुर, भोपाल समेत प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत।
आइए अब देश के प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने के ताजा भाव जानें।
प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,33,750 |
| मुंबई | 1,33,600 |
| कोलकाता | 1,33,600 |
| चेन्नई | 1,33,600 |
| अहमदाबाद | 1,33,650 |
| भोपाल | 1,33,650 |
| रायपुर | 1,33,600 |
| जयपुर | 1,33,750 |
| लखनऊ | 1,33,750 |
ध्यान दें: IBJA के रेट 24K शुद्ध सोने (बुलियन) के मानक भाव होते हैं, जबकि शहरवार 22 कैरेट ज्वेलरी रेट स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
FAQs
आज 24 कैरेट सोने का भाव कितना है?
IBJA के अनुसार 5 अगस्त 2026 को 24 कैरेट सोना ₹1,45,580 प्रति 10 ग्राम है।
22 कैरेट और 24 कैरेट में क्या अंतर है?
24 कैरेट लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है, जबकि 22 कैरेट में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से आभूषण बनाने में किया जाता है।
क्या सभी शहरों में सोने का भाव एक जैसा होता है?
नहीं। स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्ट लागत, मांग और ज्वेलर्स की प्राइसिंग के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है।
Disclaimer: सोने के रेट दिन में कई बार बदल सकते हैं। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर या अधिकृत स्रोत से ताजा कीमत जरूर जांच लें।
UPI Payment New Rule: ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर लग सकता है MDR चार्ज, सरकार कर रही नए नियमों की तैयारी
UPI Payment New Rule: अगर आप Paytm, PhonePe, Google Pay या किसी अन्य UPI ऐप के जरिए ₹2,000 से अधिक का भुगतान करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने Payment and Settlement Systems Act में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है, जिससे भविष्य में चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने का कानूनी प्रावधान बनाया जा सकता है।
हालांकि फिलहाल UPI भुगतान पर कोई नया शुल्क लागू नहीं किया गया है। यदि संसद इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो सरकार बाद में अलग अधिसूचना जारी कर MDR लागू कर सकती है। प्रस्ताव के अनुसार, यह शुल्क सीधे ग्राहकों से नहीं बल्कि पात्र व्यापारियों (Merchants) से लिया जा सकता है।
क्या ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार और संबंधित पक्षों के बीच एक प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है, जिसके तहत ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.3% से 0.5% तक MDR लगाया जा सकता है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है और इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
किन कारोबारियों पर लागू हो सकता है नियम?
प्रस्ताव के अनुसार, MDR केवल उन व्यापारियों (Merchants) पर लागू हो सकता है, जिनका सालाना कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार एक अन्य मॉडल पर भी विचार कर रही है, जिसमें ट्रांजैक्शन की राशि के बजाय व्यापारी के वार्षिक कारोबार के आधार पर शुल्क तय किया जा सकता है। इसके अलावा MDR की अधिकतम सीमा तय करने पर भी चर्चा हो रही है।
क्या ग्राहकों को देना होगा अतिरिक्त पैसा?
मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार MDR का भुगतान ग्राहकों को नहीं, बल्कि व्यापारियों को करना होगा। यानी यदि यह नियम लागू होता भी है, तो शुल्क सीधे उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। हालांकि कुछ बड़े व्यापारी अपनी व्यावसायिक रणनीति के तहत इस अतिरिक्त लागत को उत्पाद या सेवाओं की कीमत में शामिल कर सकते हैं। वहीं छोटे कारोबारियों को इस प्रस्ताव के दायरे से बाहर रखा जा सकता है।
सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है?
फिलहाल UPI पर Zero MDR व्यवस्था लागू है। इसका मतलब है कि UPI भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारियों से कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती। बैंकों और डिजिटल पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना MDR के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क का विस्तार और रखरखाव करना मुश्किल हो रहा है। कार्ड पेमेंट्स में जहां व्यापारी पहले से प्रोसेसिंग फीस देते हैं, वहीं UPI में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
भारत में UPI का कितना बड़ा नेटवर्क है?
UPI आज देश का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने UPI के जरिए 23.7 अरब (23.7 Billion) से अधिक ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये रही।रिपोर्ट्स के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन कुल UPI भुगतान का केवल लगभग 5% हैं, लेकिन कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी करीब 65% है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
अभी तक ₹2,000 से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई MDR लागू नहीं किया गया है। सरकार ने केवल ऐसा कानूनी प्रावधान तैयार करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर अधिसूचना जारी कर शुल्क लागू किया जा सके। अंतिम फैसला संसद की मंजूरी और बाद की सरकारी अधिसूचना पर निर्भर करेगा।
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