Aaj Ka Mausam: 10 से ज्यादा राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट, जानें कहां सामान्य रहेगा मौसम
Aaj Ka Mausam: हाल ही में उत्तर भारत में आई आंधी-बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के साथ ही देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने लगा है और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. हालांकि भारतीय मौसम विभाग की ओर से कुछ इलाकों में जोरदार आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है. लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे भी रहेंगे जहां 11 अप्रैल यानी शनिवार को मौसम की चाल सामान्य रहने की संभावना जताई गई है.
उत्तर भारत में राहत के बाद बढ़ेगी गर्मी
आईएमडी की मानें तो हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम सामान्य बना हुआ है. पिछले दिनों हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन अब आसमान साफ रहने से दिन का तापमान बढ़ने लगेगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है. हालांकि, बीच-बीच में हल्के बादल देखने को मिल सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है.
दिल्ली-एनसीआर में शुष्क मौसम, धूल भरी हवाओं का असर
दिल्ली-एनसीआर में मौसम साफ है, लेकिन तेज सतही हवाएं चल रही हैं. इन हवाओं के कारण धूल भरी स्थिति बन सकती है, जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है. हालांकि, प्रदूषण स्तर में थोड़ी राहत मिली है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिलहाल मध्यम श्रेणी में बना हुआ है. आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का एहसास तेज होगा.
यूपी-बिहार में धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगी. मौसम विभाग के अनुसार, अब तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी. यूपी में अगले एक सप्ताह तक मौसम सामान्य रहेगा, जबकि बिहार में सप्ताह के अंत तक गर्मी और लू के हालात बनने की संभावना है. आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं.
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में अगले 24 से 72 घंटों तक मौसम खराब रहने की संभावना है. यहां तेज हवाओं, बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. पिथौरागढ़, चमोली, शिमला और श्रीनगर जैसे क्षेत्रों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम का कहर
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. यहां 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, साथ ही आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है.
वहीं, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण वीकेंड पर अच्छी बारिश की संभावना है.
तापमान का हाल
शनिवार, 11 अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान 31°C, लखनऊ और पटना में 33°C, जयपुर में 32°C और भोपाल में 34°C के आस-पास रहने की संभावना है. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो मौसम विभाग के मुताबिक यहां तापमान अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है. जैसे शिमला में 19°C और कश्मीर में 14°C के आस-पास रह सकता है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में अब गर्मी का असर तेजी से बढ़ेगा. अगले सप्ताह तक कई राज्यों में लू (हीटवेव) की स्थिति बन सकती है. ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.
ऐतिहासिक मिशन आर्टेमिस II संपन्न, अंतरिक्ष यात्रियों की धरती पर सुरक्षित लैंडिंग
वाशिंगटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। नासा का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह अंतरिक्ष की गहराई से खोज में मानवता की वापसी की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री- रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल थे। ये सभी 10 दिन की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद ओरियन अंतरिक्ष यान के जरिए सुरक्षित रूप से समुद्र में उतर गए।
नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “रीड, विक्टर, क्रिस्टीना और जेरेमी का स्वागत है! आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री रात 8:07 बजे (ईटी) सुरक्षित रूप से समुद्र में उतर गए हैं। इसके साथ ही उनकी 10 दिन की ऐतिहासिक चंद्र यात्रा समाप्त हो गई।”
इससे पहले एक अन्य पोस्ट में, एजेंसी ने अंतरिक्ष यान के नीचे उतरने की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा, ओरियन का मुख्य पैराशूट खुल गया है। अंतरिक्ष यान में 11 पैराशूट का एक सिस्टम है, जो इसे लगभग 300 मील प्रति घंटे की गति से धीमा करके 20 मील प्रति घंटे की गति पर ले आएगा, ताकि यह सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर उतर सके।
पृथ्वी पर लौटने से पहले नासा ने जानकारी दी थी कि लगभग 6 लाख 90 हजार मील की लंबी यात्रा पूरी करने के बाद यह दल पृथ्वी के करीब पहुंच रहा है।
यह मिशन दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि पांच दशक से अधिक समय बाद इंसान ने पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे गहरे अंतरिक्ष में कदम रखा है। नासा के अनुसार, इस यात्रा में अंतरिक्ष यात्री अब तक की सबसे अधिक दूरी तक गए, जो भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए रास्ता तैयार करेगी।
इस मिशन के दौरान, चालक दल ने पृथ्वी से 248,655 मील की यात्रा करके एक नया दूरी का रिकॉर्ड बनाया और अंततः अपने सबसे दूर के बिंदु पर लगभग 252,756 मील की दूरी तक पहुंचे। इस तरह उन्होंने अपोलो 13 मिशन का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन को विशेष रूप से इस तरह से डिजाइन किया गया था, ताकि गहरे अंतरिक्ष के वातावरण में स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान का कठोर परीक्षण किया जा सके, और वह भी तब जब उसमें अंतरिक्ष यात्री सवार हों। चंद्रमा के पास से गुजरना इस परीक्षण का अहम हिस्सा था, जिससे भविष्य के मिशनों की तैयारी को परखा जा सके।
नासा की अधिकारी डॉ. लॉरी ग्लेज ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार करने के लिए काम कर रही है। वहीं, अंतरिक्ष यात्री हैनसेन ने कहा कि यह मिशन पुराने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और यात्रियों की विरासत को सम्मान देता है और खोज के एक नए दौर की शुरुआत करता है।
आर्टेमिस II मिशन को नासा के उस बड़े लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी है। यह मिशन आने वाले और भी बड़े अंतरिक्ष अभियानों की नींव तैयार करता है।
--आईएएनएस
एएस/
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