'4.05 लाख कनेक्शन पीएनजी के, एलपीजी नहीं', पेट्रोलियम मंत्रालय की सफाई
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि हालिया प्रेस ब्रीफिंग में अनजाने में यह कहा गया था कि पिछले पांच हफ्तों में 4.05 लाख नए एलपीजी कनेक्शन गैसिफाई किए गए हैं, जबकि यह आंकड़ा पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शनों से संबंधित है।
मंत्रालय ने कहा, “यह स्पष्ट किया जाता है कि यह संख्या एलपीजी नहीं, बल्कि पीएनजी कनेक्शनों की है। इस त्रुटि के लिए खेद है।”
मंत्रालय के अनुसार, अब तक 4.05 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, जबकि करीब 4.41 लाख नए उपभोक्ताओं ने कनेक्शन के लिए पंजीकरण भी कराया है।
इस बीच, वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर कमी (ड्राई-आउट) की स्थिति नहीं है।
सरकार ने उपभोक्ताओं को पीएनजी और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया है और मौजूदा परिस्थितियों में ऊर्जा बचत की अपील की है।
मंत्रालय ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी है। एलपीजी उपभोक्ताओं से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग करने और डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने का अनुरोध किया गया है।
ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग अब करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड आधारित डिलीवरी लगभग 92 प्रतिशत हो गई है, जिससे वितरण स्तर पर गड़बड़ी रोकने में मदद मिल रही है।
सरकार ने बताया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में कार्रवाई जारी है। गुरुवार को 3800 से अधिक छापेमारी में करीब 450 सिलेंडर जब्त किए गए। अब तक कुल 1.2 लाख छापे मारे गए हैं, 57,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं, 950 से अधिक एफआईआर दर्ज हुई हैं और 229 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भी निगरानी बढ़ाते हुए 2100 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, 204 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर जुर्माना लगाया गया है और 53 की डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
इसके अलावा, 18,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने वेबसाइट के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है, जबकि घरेलू खपत को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
'वह जिंदा हैं, सिर्फ इसलिए ताकि बातचीत कर सकें', समुद्री जलमार्गों पर ईरान की वसूली पर ट्रंप की दो टूक
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज वे सिर्फ इसलिए जिंदा हैं, ताकि बातचीत कर सकें।
उन्होंने कहा कि ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए दबाव बनाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं हैं और वह बातचीत के जरिए ही अपनी स्थिति बनाए रखना चाहता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी लोग लड़ाई के बजाय फेक न्यूज मीडिया और पब्लिक रिलेशन्स संभालने में ज्यादा माहिर हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा, ईरानियों को शायद यह एहसास नहीं है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया से थोड़े समय के लिए जबरदस्ती वसूली करने के अलावा कोई और दांव नहीं है। आज वे सिर्फ इसलिए जिंदा हैं, ताकि बातचीत कर सकें।
ट्रंप ने कहा कि ईरानी लोग लड़ने के मुकाबले, फेक न्यूज मीडिया और पब्लिक रिलेशन्स को संभालने में ज्यादा माहिर हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क वसूलने के खिलाफ चेतावनी दी।
ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की शिपमेंट को सीमित करके संघर्ष-विराम (सीजफायर) की सहमति का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों के गुजरने की अनुमति देने में बहुत खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे बेईमानी भी कह सकते हैं। हमारा समझौता ऐसा बिल्कुल नहीं था।
उनकी यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बीच आई है, जिनमें कहा गया है कि संघर्षविराम शुरू होने के बाद से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सिर्फ कुछ ही जहाज गुजर पाए, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन खबरों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी कि ईरान टैंकरों से शुल्क वसूल सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क वसूल रहा है। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर वे ऐसा कर रहा है, तो उसे यह तुरंत बंद करना होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों से संघर्षविराम के बावजूद तनाव बढ़ने के संकेत मिलते हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका कोई सीधा कदम उठाएगा या नहीं। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप खुद भी इसी होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी टोल लगाने का विचार दे चुके हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान के कथित शुल्क के बारे में अभी-अभी जानकारी मिली है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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