Rajasthan Metro Expansion: जयपुर मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार, दिल्ली रोड और सीकर रोड तक पहुंचेगा नेटवर्क
Rajasthan Metro Expansion: राजस्थान सरकार ने जयपुर शहर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करने के लिए इस दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली रोड, सीकर रोड सहित कई अन्य मार्गों की दिशा में मेट्रो विस्तार होगा. सरकार का लक्ष्य है कि जयपुर से सभी मार्गों को एक सशक्त और सुव्यवस्थित मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे शहर में ट्रैफिक की स्थिति सामान्य होगी और आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी.
सीएम भजनलाल ने क्या कहा?
CM भजनलाल ने जयपुर मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा बैठक में कहा है कि मेट्रो फेज-2 सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है बल्कि शहर के विकास का 'ग्रोथ इंजन' होगा. इस परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्रों जैसे सीतापुरा और वीकेआई को भी बढ़िया कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे.
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मीटिंग में हुई गहन चर्चा
इस मीटिंग में फेज-2 के तहत प्रहलादपुरा से टोडी मार्ग तक मेट्रो लाइन के विकास पर ज्यादा जोर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने पहले पैकेज (प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला) के कार्य आदेश जल्द जारी करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि परियोजना का काम जल्दी शुरू हो सके. इसके साथ ही उन्होंने मेट्रो डिपो के लिए उपयुक्त स्थान चयन और पार्किंग सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के लिए निर्देश दिए हैं.
CM ने दिए सभी अधिकारियों को निर्देश
CM भजनलाल शर्मा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मेट्रो परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा और नियंत्रित लागत में पूरा किया जाए ताकि जनता को जल्द ही लाभ मिल सके. इसके साथ ही फेज-1सी और फेज-1डी प्रोजेक्ट्स को भी गति दी जाएगी.
दिल्ली-सीकर रोड मेट्रो विस्तार पर सरकार का फोकस
दिल्ली रोड और सीकर रोड की ओर मेट्रो विस्तार को लेकर सरकार काफी गंभीर दिखाई दे रही है. इन इलाकों में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए मेट्रो को एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आएगी. इसके साथ ही आमेर, जगतपुरा, बगराना (आगरा रोड) और हीरापुरा ISBT तक मेट्रो विस्तार के मास्टर प्लान पर भी तेजी से काम चल रहा है. सरकार ने जेडीए और जयपुर मेट्रो के बीच बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि एलिवेटेड रोड और मेट्रो परियोजनाओं का एकीकृत और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके.
जयपुर को बनाएंगे मॉडर्न सिटी
जयपुर में मेट्रो का विस्तार न केवल ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा, बल्कि शहर के आर्थिक विकास को भी नई दिशा देग. आने वाले समय में यह नेटवर्क जयपुर को एक स्मार्ट और बेहतर परिवहन सुविधा वाले शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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भारत को हर 1-2 साल में वैश्विक अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए : अर्थशास्त्री
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्य और एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि भारत को हर एक से दो साल में वैश्विक अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए और भू-राजनीतिक तनाव में मौजूदा विराम का उपयोग लंबे समय से लंबित संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहिए।
मिश्रा ने कहा कि मौजूदा विराम विद्युतीकरण, आवास, शहरी अवसंरचना और पर्यटन में सुधारों को गति देकर विकास में लचीलापन लाने का अवसर है।
विश्लेषक ने कहा कि अस्थिरता अब छिटपुट नहीं बल्कि संरचनात्मक है, लेकिन साथ ही कहा कि भारत इतिहास के पिछले दौरों की तुलना में अधिक मजबूत सुरक्षा उपायों के साथ अस्थिरता के दौर में प्रवेश कर रहा है।
कोटक प्राइवेट की एक प्रेस रिलीज में मिश्रा ने कहा, इतिहास में किसी भी अन्य समय की तुलना में, हम इससे निपटने के लिए कहीं बेहतर तरीके से तैयार हैं।
उन्होंने एक वरिष्ठ नीति निर्माता के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए कहा, जिन्होंने आज के माहौल की तुलना 1989-93 की अशांत अवधि से की थी।
हालांकि, मिश्रा ने कहा कि भारत के पास अब अधिक गहन पूंजी बाजार, अधिक मजबूत बाह्य संतुलन और अधिक नीतिगत विश्वसनीयता है।
मिश्रा ने तर्क दिया कि ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के आह्वान के बाद तत्काल तनाव बढ़ने की आशंकाएं भले ही कम हो गई हों, लेकिन व्यापक आर्थिक संकटों का चक्र अभी समाप्त होने की संभावना नहीं है।
एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री ने विद्युतीकरण को एक रणनीतिक प्राथमिकता बताया और कहा कि भारत अपने समकक्षों की तुलना में तेल और गैस संकटों के प्रति कहीं अधिक संवेदनशील है क्योंकि यहां ऊर्जा खपत का बहुत कम हिस्सा विद्युत ऊर्जा का है। उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण में तेजी लाने और ऊर्जा की बेहतर कीमतों के साथ, भू-राजनीति के प्रति जोखिम कम होगा और दक्षता में सुधार होगा।
उन्होंने वैश्विक अस्थिरता से काफी हद तक अप्रभावित घरेलू मांग पैदा करने के लिए आवास और शहरी अवसंरचना पर निर्णायक नीतिगत कार्रवाई का भी आग्रह किया।
अर्थशास्त्री ने कहा कि होटल एफएसआई और शहरी क्षमता में सुधार से लागत कम होगी, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।
--आईएएनएस
एबीएस/
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