Responsive Scrollable Menu

दूध के टैंकर में छुपा था नशे का जाल, पुलिस की सतर्कता से तस्करों का ‘फिल्मी प्लान’ फेल

Milk Tanker Drug Smuggling : तस्कर अक्सर फिल्मों से प्रेरित होकर नए-नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन असल जिंदगी में कानून की नजर से बच पाना इतना आसान नहीं होता. पाली जिले के देसूरी में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां तस्करों ने दूध के टैंकर की आड़ में डोडा पोस्त की बड़ी खेप छिपाकर ले जाने की कोशिश की. उन्हें लगा कि डेयरी से जुड़ा वाहन होने के कारण कोई शक नहीं करेगा, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनके इस ‘फिल्मी प्लान’ को मौके पर ही नाकाम कर दिया. बाली एएसपी चैनसिंह महेचा के निर्देशन में की गई नाकाबंदी के दौरान जब टैंकर की तलाशी ली गई, तो अंदर दूध नहीं बल्कि 50 कट्टों में भरा नशा मिला. इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि तस्कर चाहे जितनी चालाकी कर लें, कानून के सामने उनकी हर चाल बेअसर है.

Continue reading on the app

Justice Verma Resigns: महाभियोग की आहट और जस्टिस वर्मा का इस्तीफा, 15 करोड़ के 'कैश कांड' से इस्तीफे तक की पूरी कहानी

इलाहाबाद हाई कोर्ट में तैनात जस्टिस यशवंत वर्मा ने शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिए गए अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा कि यद्यपि वे उन कारणों से विवश नहीं करना चाहते जिनके कारण यह पत्र प्रस्तुत करना पड़ रहा है, फिर भी वे अत्यंत पीड़ा के साथ तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं।

जस्टिस वर्मा ने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी, लेकिन उनके दिल्ली आवास पर मिले करोड़ों के कैश के बाद से ही वे जांच के घेरे में थे।

​15 करोड़ के 'कैश कांड' की इनसाइड स्टोरी यह पूरा विवाद पिछले साल मार्च में शुरू हुआ था। जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित बंगले के एक स्टोर रूम में आग लग गई थी। जब फायर फाइटर्स आग बुझाने पहुँचे, तो उन्हें वहाँ 500-500 रुपये के जले हुए नोटों के बंडलों से भरे बोरे मिले।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी ने अपनी जांच में एक 65 सेकंड का वीडियो भी जारी किया था, जिसमें नोटों से भरी जली बोरियां साफ नजर आ रही थीं। अनुमान के मुताबिक, यह राशि लगभग 15 करोड़ रुपये थी।

​संसद से सड़क तक मचा था हंगामा 
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब विपक्षी सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की मांग उठाई। मामले की जांच के लिए तीन जजों की इंटरनल कमेटी बनाई गई थी, जिसमें जस्टिस शील नागू (पंजाब-हरियाणा HC), जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस अनु शिवरामन शामिल थे।

जांच कमेटी जब उनके दिल्ली आवास पर पहुँचे, तो उस कमरे का भी मुआयना किया गया जहाँ कैश मिला था। हालांकि जस्टिस वर्मा ने इस कमेटी की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और जांच जारी रखने का आदेश दिया।

इस पुरे प्रकरण की टाइमलाइन 

  1. 21 मार्च को विवाद इतना बढ़ा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट करने का प्रस्ताव दिया। इसके अगले ही दिन 22 मार्च को CJI संजीव खन्ना ने आंतरिक जांच कमेटी बनाई और उनके घर से मिले 15 करोड़ कैश का 65 सेकंड का वीडियो सार्वजनिक हुआ, जिसमें जली हुई बोरियां साफ दिख रही थीं।
  2. 23 मार्च 2025 को तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया, जिसकी कमान जस्टिस शील नागू को सौंपी गई। इस मामले ने राजनीतिक रंग तब लिया जब 24 मार्च को इलाहाबाद HC बार एसोसिएशन ने जस्टिस वर्मा को हिरासत में लेने का सुझाव दिया और संसद में उनके खिलाफ महाभियोग लाने की चर्चा तेज हो गई।
  3. 25 मार्च को जांच कमेटी ने दिल्ली स्थित उनके आवास पर 45 मिनट तक मुआयना किया और उस कमरे की जांच की जहाँ जली हुई नकदी बरामद हुई थी।
  4. 28 मार्च 2025 को जांच कमेटी ने उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका तो खारिज कर दी, लेकिन केंद्र ने उनके इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर को मंजूरी दे दी।
  5. 5 अप्रैल 2025 को जस्टिस यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली, लेकिन विवादों और चल रही जांच के कारण उन्हें किसी भी प्रकार की न्यायिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। 3 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा को आरोपों के घेरे में माना।

यह विवाद 13 महीनों तक लगातार सुर्खियों में रहा। जस्टिस वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में जांच कमेटी की वैधता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि राज्यसभा द्वारा उनके खिलाफ प्रस्ताव खारिज किया जा चुका है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और जांच जारी रखने का आदेश दिया। अंततः, 10 अप्रैल 2026 को जारी जांच और महाभियोग की प्रबल आशंकाओं के बीच, जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने पत्र में पद छोड़ने के फैसले को "अत्यंत पीड़ा" के साथ लिया गया निर्णय बताया।

Continue reading on the app

  Sports

RCB vs RR IPL 2026 Live: एक-दूसरे का विजयरथ रोकने उतरेगी आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स, विराट-वैभव पर नजरें

rajasthan royals vs royal challengers bengaluru live: आईपीएल 2026 में आज 16वां मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की टीमों के बीच खेला जाएगा. दोनों ही टीमें विजयरथ पर सवार हैं. एक तरफ राजस्थान रॉयल्स ने जीत की हैट्रिक लगाई है तो आरसीबी ने अब तक खेले दोनों मुकाबले नाम किए हैं. ऐसे में आज बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रोमांचक जंग देखने को मिलने वाली है. Fri, 10 Apr 2026 18:41:54 +0530

  Videos
See all

Dangal: क्या Women Voter को दोगुनी राशि देने का वादा BJP को फायदा पहुंचाएगा | Bengal Elections #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T13:41:16+00:00

G B Road पर Delhi Police ने की रेड #delhipolice #viralvideo #shortsvideo #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T13:42:40+00:00

Chakra View | Humayun Kabir News: बंगाल की राजनीति ने मौसम विभाग को बेरोजगार किया? | #bengalelection #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T13:41:48+00:00

मुंबई में Akshay Kumar के कूल लुक ने फैंस को बनाया दीवाना | Bollywood | Aaj Tak Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T13:41:20+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers