VIDEO: लखनऊ की सुपर जीत के हीरो रहे मुकुल चौधरी के दिल की बात जानिए
कोलकाता के खिलाउ सुपर जीत के हीरे रहे मुकुल कई मुश्किल मैच सिचुएशन्स का ज़िक्र करते हैं – चाहे आयुष के आउट होने के बाद खुद ज़िम्मेदारी लेना हो, या आख़िरी ओवर में 2–4 गेंदों पर 7 रन चाहिए हो. उनका मानना है कि ऐसे समय में बॉलर एक–दो गेंद मिस करेगा, और उन्हें बस उस मौके का इंतज़ार रहता है कि सही गेंद मिलते ही छक्का मारकर मैच खत्म किया जा सके. आवेश खान के साथ पार्टनरशिप में भी आवेश उन्हें यही कहते रहे कि बिलीव रख, अगर ओवर में 4–5 गेंद तू खेलेगा तो एक–दो बड़े शॉट से 15 रन प्रति ओवर भी निकल सकते हैं. मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी वे आख़िरी ओवर में 25 रन चेस कर चुके हैं, जहाँ आख़िरी गेंद पर 5 रन चाहिए थे और उन्होंने मैच फिनिश किया था. वही अनुभव अब आईपीएल में उनके काम आ रहा है, इसलिए उन्हें भरोसा रहता है कि जब तक वे क्रीज़ पर हैं, आख़िरी गेंद तक मैच जीता जा सकता है
सूटकेस छोटा पड़ता है? ये रहा पैकिंग का सुपर्ब तरीका जो हर बार काम आए, जूते, कपड़े, जैकेट सब हो जाएंगे फिट!
Rolling Method: ट्रैवल पर निकलने से पहले सबसे बड़ा सिरदर्द अक्सर यही होता है कि आखिर सूटकेस में सब सामान कैसे फिट होगा. कपड़े, जूते, टॉयलेटरीज़ और जरूरी चीजें सब कुछ साथ ले जाना होता है, लेकिन जगह हमेशा कम पड़ जाती है. कई लोग तो पैकिंग शुरू करते ही परेशान हो जाते हैं और सोचते हैं कि काश बैग थोड़ा बड़ा होता. लेकिन असली समस्या बैग का साइज नहीं, बल्कि पैकिंग का तरीका है. अगर आप अब तक कपड़ों को सिर्फ फोल्ड करके रखते आए हैं, तो शायद आपने जगह का सही इस्तेमाल नहीं किया. ‘Rolling Method’ न सिर्फ 50% तक जगह बचाता है, बल्कि कपड़ों को ज्यादा व्यवस्थित और कम सिलवटों वाला भी रखता है.
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