Responsive Scrollable Menu

Trump 2.0 की बुसान फ्रीज पॉलिसी, जो बनाएगी मेक अमेरिका 'चाइना-फ्रेंडली' अगेन

पेंटागन और व्हाइट हाउस के बीच चीन को लेकर उपजे मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। दरअसल, पिछले साल जब सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप के सामने रक्षा रणनीति का एक ड्राफ्ट पेश किया, जिसमें चीन को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया गया था, तो ट्रंप ने न केवल उस पर असहमति जताई बल्कि उसे पूरी तरह से बदलने का आदेश दे दिया। जनवरी में जारी हुई संशोधित 'नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी' में इसका असर साफ दिखा, जहाँ दशकों पुराने सख्त रुख को छोड़कर बीजिंग के प्रति अचानक एक नरम और सुलह वाला लहजा अपनाया गया है। यह बदलाव दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन अब चीन के साथ पुरानी दुश्मनी के बजाय एक नई कूटनीतिक दिशा की ओर बढ़ रहा है। अमरीकी राजनीति में अमूमन हर सरकार अपनी नई रक्षा रणनीति बनाती है, लेकिन ट्रंप 2.0 अपने ही पिछले कार्यकाल के फैसलों को पलटकर सबको हैरान कर रहा है। जिस चीन को 'ट्रंप 1.0' के दौरान अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन और प्रतिद्वंद्वी घोषित किया गया था, अब उसके प्रति व्हाइट हाउस के तेवर पूरी तरह बदल चुके हैं। ट्रंप 2.0 का नया मंत्र अब 'टकराव' नहीं, बल्कि 'शांति' नजर आ रहा है।

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: China का खतरनाक Robotic Dogs दस्ता बदल देगा भविष्य के युद्धों का परिदृश्य

अक्टूबर में दक्षिण कोरिया के बुसान में शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात के बाद से ट्रंप प्रशासन ने बीजिंग के प्रति बड़े नीतिगत बदलाव किए हैं। अमेरिका ने न केवल चीनी उद्योगों पर लगने वाले भारी टैरिफ को रोक दिया है, बल्कि सुरक्षा के लिए खतरा मानी जाने वाली चीनी कंपनियों पर कार्रवाई से भी हाथ पीछे खींच लिए हैं। इतना ही नहीं, चीनी हैकर्स की जांच धीमी कर दी गई है और अमेरिका में चीनी निवेश को बिना किसी खास सख्ती के हरी झंडी दी जा रही है। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे चीन के खिलाफ अपने बयानों में नरमी लाएं, जो वाशिंगटन की दशकों पुरानी विदेश नीति में एक बड़े 'सिस्मिक शिफ्ट' यानी ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।

इसे भी पढ़ें: Pakistan पर एक साथ टूट पड़े 4 देशों के लाखों लोग, भारत पर हुआ ऐलान!

चीन पर इतना सॉफ्ट क्यों हुए ट्रंप

चीन को लेकर वह अलग- अलग बातें करते रहे हैं। कभी वह उससे जियो-पॉलिटिकल या आर्थिक चिंताओं की बात करते हैं तो कभी शी जिनपिंग के साथ डील करने की। साथ ही, वह हिंद-प्रशांत को लेकर पिछली सरकार की नीतियों पर सवाल भी उठा चुके हैं।  ट्रंप ने अपनी सरकार में कई चीन विरोधियों को जगह दी है, लेकिन इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो चीन को लेकर संतुलित या पॉजिटिव रवैया रखते हैं। लंबे समय से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता और व्यापारिक तनाव के बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने चीन के साथ व्यवहार में सावधानी बरती है। इसका एक प्रमुख कारण दुर्लभ खनिजों, इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयुक्त महत्वपूर्ण घटकों, सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरणों और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर बीजिंग का प्रभुत्व है। र्लभ धातुओं को लेकर हुए गतिरोध ने चीन की जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता को उजागर किया है, जिससे अमेरिकी औद्योगिक उत्पादन को सीधा नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में बीजिंग के खिलाफ कठोर टैरिफ रणनीति अपनाना एक जोखिम भरा विकल्प बन गया है। 

एक नई कूटनीतिक दिशा की ओर कदम

राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत वैश्विक व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था को एकतरफा रूप से उलट-पुलट कर, विदेशी सहायता रोककर और विदेशों में लोकतंत्र को बढ़ावा देने के वाशिंगटन के प्रयासों को समाप्त करके विश्व में अमेरिका की भूमिका को बदलने के प्रयास से हुई। लक्ष्य अभी भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों को अमेरिका-केंद्रित द्विपक्षीय संबंधों के हब-एंड-स्पोक मॉडल में पुनर्गठित करना है, जिससे केवल अमेरिका को लाभ हो। अन्य सरकारों को संदेश स्पष्ट था: इस राह पर चलो, वरना परिणाम भुगतने होंगे। लेकिन ट्रंप के कई प्रयासों के अप्रत्याशित परिणाम निकले हैं। विशेष रूप से, उन्हें उम्मीद थी कि चीनी वस्तुओं का प्रभावी बहिष्कार आर्थिक रूप से कमजोर बीजिंग को अमेरिका के लिए अधिक अनुकूल व्यापार शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर कर देगा। इसके विपरीत, चीन ने दुर्लभ खनिजों पर प्रतिबंध लगा दिए, जो डिजिटल युग की उपभोक्ता और सैन्य प्रौद्योगिकियों की एक विशाल श्रृंखला के लिए आवश्यक घटक हैं। इस कदम ने राष्ट्रपति ट्रंप को पीछे हटने और अमेरिकी निर्मित सेमीकंडक्टर और अन्य प्रौद्योगिकियों तक चीनी पहुंच के रूप में रियायतें देने के लिए मजबूर कर दिया - एक ऐसा कदम जिसे ट्रंप और उनसे पहले राष्ट्रपति बाइडेन प्रतिबंधित करने के लिए दृढ़ संकल्पित रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: गाजा और ईरान युद्ध के बाद अरब देशों का भरोसा अमेरिका से उठा, चीन-रूस पर बढ़ा

ट्रंप की चीन पॉलिसी से हर कोई हैरान

अमेरिकी प्रशासन के भीतर चीन को घेरने की हर कोशिश अब पूरी तरह ठप पड़ती नजर आ रही है। खबर है कि वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कड़ा फरमान जारी किया है कि चीन से जुड़े किसी भी एक्शन के लिए उनकी लिखित मंजूरी अनिवार्य होगी। आलम यह है कि बड़े-बड़े अधिकारी फाइलों पर दस्तखत के लिए घंटों उनके दफ्तर के बाहर या उनकी कार के इंतजार में खड़े रहते हैं। स्थिति इतनी अजीब हो गई है कि एक चीनी राउटर कंपनी पर प्रतिबंध लगाने के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट की भाषा तक बदलनी पड़ी ताकि उसमें चीन या उस कंपनी का नाम न आए। हैरानी की बात तो यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने 'स्टेट ऑफ द यूनियन' भाषण तक में अपने इस सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी का नाम तक नहीं लिया। ट्रंप प्रशासन के इस यू-टर्न से सुरक्षा सलाहकार और चीन के प्रति सख्त रुख रखने वाले हॉक्स अधिकारी गहरे सदमे में हैं। वे तंज कसते हुए इसे 'बुसान फ्रीज' का नाम दे रहे हैं यानी वह समझौता जिसने चीन के खिलाफ चल रही हर कार्रवाई को बर्फ की तरह जमा दिया है। दरअसल, इस नरम रुख के पीछे ट्रंप की बड़ी रणनीति आगामी मई में शी जिनपिंग के साथ होने वाली मुलाकात की जमीन तैयार करना है, ताकि एक नाजुक व्यापारिक समझौते को बचाया जा सके।

Continue reading on the app

Humayun Kabir News: अपने ‘स्टिंग ऑपरेशन’ पर हुमायूं कबीर का बड़ा खुलासा! | #bengalelection #shorts

Humayun Kabir News: अपने ‘स्टिंग ऑपरेशन’ पर हुमायूं कबीर का बड़ा खुलासा! | #bengalelection #shorts #humayunkabir #mamatabanerjee #bengalyatra #westbengal #westbengalelection #mamatabanerjee #tmc #bjp #tmcvsbjp #asaduddinowaisi #pmmodi #hindinews #latestnews #topnews #todaynews #aajkitaazakhabar #timesnownavbharat #humayunkabir You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat Join us for the latest updates on Times Now Navbharat Live TV. Stay informed and engaged with our in-depth reporting, exclusive interviews, and real-time updates. Don't miss out on the most crucial news stories from India and around the world. Subscribe to our channel and hit the notification bell to stay updated with all the breaking news, Hindi News, live hindi news, election news live, rajasthan news, mp news, up news, bihar news, pm modi news, hindi news live, live news in hindi, hindi latest news, livetv, live tv , times live, hindi news, Israel war live , News, Sports News, Entertainment News and live updates

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026: मुकुल चौधरी को मिला 4 करोड़ का बेशकीमती गिफ्ट, टीम के मालिक संजीव गोयनका ने किया दिल बड़ा

लखनऊ सुपर जाएंट्स को हारी हुई बाजी जिताने वाले मुकुल चौधरी की बेहतरीन पारी के लिए टीम के मालिक संजीव गोएनका ने भारी भरकम गिफ्ट दिया है। 21 वर्षीय मुकुल चौधरी ने अकेले दम पर केकेआर के जबड़े से जीत छीन ली थी। मुकुल 27 गेंद में 54 रन बनाकर नाबाद लौटे।

केकेआऱ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ के सामने 182 रनों का लभ्य रखा था। एक समय केकेआर की जीत लय लग रही ठीक, लेकिन मुकुल ने आखिरी 4 ओवरों में केकेआर की जीत पर पानी फेर दिया। मैच का रुख पलटने वाले मुकुल को बाद में प्लेयर ऑफ द मैच से नवाजा गया।

मैच के बाद लखनऊ टीम के मालिक संजीव गोयनका काफी खुश दिखे और उन्होंने मुकुल को गले भी लगाया। संजीव गोएनका ने इस युवा खिलाड़ी को मर्सेडीज बेंज मेबैक जीएलएस लग्जरी गाड़ी तोहफे में देने वाले हैं। इस गाड़ी के टॉप वेरिएंट की कीमत 4.10 करोड़ रुपये तक है। पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में लखनऊ टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने भी कहा कि मुकुल ने जो किया वह बिल्कुल अविश्वसनीय था। 
Fri, 10 Apr 2026 17:59:56 +0530

  Videos
See all

NKP | Sushant Sinha: PM मोदी पर ये क्या बोल गयी दीदी !#westbengal #election #pmmodi #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T12:45:02+00:00

ChakraView | Sumit Awasthi: सीजफायर में Lebanon भी शामिल था? #iran #trump #ceasefire #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T12:40:00+00:00

West Bengal Election। BJP का ये मुस्लिम नेता बोला “सनातनी हिंदू भाईयों को नरेंद्र मोदी ही बचा सकते” #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T12:45:01+00:00

NKP | Sushant Sinha: Anti-Hindu बोलने पर दीदी का BJP पर पलटवार ! #westbengal #election #pmmodi #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-10T12:40:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers