सीनियर सिटिजंस के साथ ऑनलाइन ठगी पर लगेगी लगाम! कड़े नियम लाने की तैयारी में RBI; जानिए डिटेल
RBI New Rules: ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने के लिए RBI बड़े ट्रांजैक्शन में देरी और सीनियर सिटिजन्स के लिए अतिरिक्त सुरक्षा लाने की तैयारी में है। नए नियमों से संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर नजर और ग्राहकों को सुरक्षा देने पर फोकस रहेगा। जानिए पूरी डिटेल।
इस्लामाबाद में जुम्मे को होगी यूएस और ईरान के बीच वार्ता, क्या लेबनान को मिलेगी राहत? जानें कौन-कौन हो सकता है शामिल
US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद अब नजरें इस्लामाबाद में होने वाली अहम वार्ता पर टिक गई हैं. इस बातचीत का मकसद जारी संघर्ष को स्थायी समाधान की दिशा में ले जाना है. हालांकि, वार्ता की रूपरेखा और इसमें शामिल होने वाले प्रतिनिधियों की सूची अभी अंतिम रूप में नहीं है.
पाकिस्तान निभाएगा मेजबान की भूमिका
इस महत्वपूर्ण वार्ता की मेजबानी पाकिस्तान करेगा. संभावित प्रतिनिधियों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आसिम मलिक शामिल हो सकते हैं. पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ के तौर पर काफी अहम मानी जा रही है.
अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जैसे वरिष्ठ नाम शामिल हो सकते हैं. वहीं, ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप-विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची के शामिल होने की संभावना है.
लेबनान को लेकर बढ़ा विवाद, क्या मिलेगा राहत
इस वार्ता से पहले एक नया विवाद सामने आया है. लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने पाकिस्तान से संपर्क कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि युद्धविराम में लेबनान को भी शामिल किया जाए. उन्होंने हाल ही में हुए इजरायली हमलों का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति तभी संभव है जब सभी प्रभावित पक्षों को शामिल किया जाए. ऐसे में अगर इस पर सहमित बनती है तो हो सकता है लेबनान को भी सीजफायर के तहत राहत मिल जाए. हालांकि इसकी संभावना कम है. क्योंकि इजरायल इस पर सहमत नहीं होगा.
इजरायल का सख्त रुख
इजरायल और अमेरिका दोनों ने साफ कर दिया है कि मौजूदा सीजफायर समझौते में लेबनान शामिल नहीं है. इजरायल ने यह भी संकेत दिया है कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
ईरान की चेतावनी
ईरान ने लेबनान को इस संघर्ष का अहम हिस्सा बताते हुए चेतावनी दी है. मोहम्मद बघेर गालिबफ ने कहा कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे, तो तेहरान इसका कड़ा जवाब देगा. इससे साफ है कि वार्ता से पहले ही कई जटिल मुद्दे सामने हैं.
उम्मीद और अनिश्चितता साथ-साथ
इस्लामाबाद में होने वाली यह वार्ता पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में एक अहम कदम हो सकती है. लेकिन लेबनान को लेकर मतभेद और इजरायल के रुख ने इस प्रक्रिया को जटिल बना दिया है. अब यह देखना होगा कि अमेरिका, ईरान और अन्य पक्ष इस बातचीत में कितना लचीलापन दिखाते हैं और क्या यह पहल स्थायी शांति की राह खोल पाती है या नहीं.
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