Responsive Scrollable Menu

इस्लामाबाद में जुम्मे को होगी यूएस और ईरान के बीच वार्ता, क्या लेबनान को मिलेगी राहत? जानें कौन-कौन हो सकता है शामिल

US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद अब नजरें इस्लामाबाद में होने वाली अहम वार्ता पर टिक गई हैं. इस बातचीत का मकसद जारी संघर्ष को स्थायी समाधान की दिशा में ले जाना है. हालांकि, वार्ता की रूपरेखा और इसमें शामिल होने वाले प्रतिनिधियों की सूची अभी अंतिम रूप में नहीं है.

पाकिस्तान निभाएगा मेजबान की भूमिका

इस महत्वपूर्ण वार्ता की मेजबानी पाकिस्तान करेगा. संभावित प्रतिनिधियों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आसिम मलिक शामिल हो सकते हैं. पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ के तौर पर काफी अहम मानी जा रही है.

अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल

अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जैसे वरिष्ठ नाम शामिल हो सकते हैं. वहीं, ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप-विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची के शामिल होने की संभावना है.

लेबनान को लेकर बढ़ा विवाद, क्या मिलेगा राहत

इस वार्ता से पहले एक नया विवाद सामने आया है. लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने पाकिस्तान से संपर्क कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि युद्धविराम में लेबनान को भी शामिल किया जाए. उन्होंने हाल ही में हुए इजरायली हमलों का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति तभी संभव है जब सभी प्रभावित पक्षों को शामिल किया जाए. ऐसे में अगर इस पर सहमित बनती है तो हो सकता है लेबनान को भी सीजफायर के तहत राहत मिल जाए. हालांकि इसकी संभावना कम है. क्योंकि इजरायल इस पर सहमत नहीं होगा. 

इजरायल का सख्त रुख

इजरायल और अमेरिका दोनों ने साफ कर दिया है कि मौजूदा सीजफायर समझौते में लेबनान शामिल नहीं है. इजरायल ने यह भी संकेत दिया है कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

ईरान की चेतावनी

ईरान ने लेबनान को इस संघर्ष का अहम हिस्सा बताते हुए चेतावनी दी है. मोहम्मद बघेर गालिबफ ने कहा कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे, तो तेहरान इसका कड़ा जवाब देगा. इससे साफ है कि वार्ता से पहले ही कई जटिल मुद्दे सामने हैं.

उम्मीद और अनिश्चितता साथ-साथ

इस्लामाबाद में होने वाली यह वार्ता पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में एक अहम कदम हो सकती है. लेकिन लेबनान को लेकर मतभेद और इजरायल के रुख ने इस प्रक्रिया को जटिल बना दिया है. अब यह देखना होगा कि अमेरिका, ईरान और अन्य पक्ष इस बातचीत में कितना लचीलापन दिखाते हैं और क्या यह पहल स्थायी शांति की राह खोल पाती है या नहीं.

यह भी पढ़ें - ‘ट्रिगर पर उंगली’ ईरान का सख्त संदेश, लेबनान और होर्मुज को लेकर तनाव बरकरार

 

Continue reading on the app

गारे पाल्मा सेक्टर-2 खदान से कोयले की आपूर्ति शुरू, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बीच ऊर्जा संपर्क को बढ़ावा

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित गारे पाल्मा सेक्टर-2 (जीपी2) कोयला खदान से कोयले की पहली खेप की रवानगी गुरुवार को आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई।

इस कदम से महाराष्ट्र के पावर प्लांट को ईंधन की सप्लाई मजबूत होने और लंबे समय की ऊर्जा सुरक्षा पक्की होने की उम्मीद है।

यह कोयला ब्लॉक महाराष्ट्र स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के लिए डेवलप किया जा रहा है। यह एक सरकारी कंपनी है जो महाराष्ट्र में बिजली बनाने का ज्यादातर काम संभालती है।

कोयला भेजना शुरू होने के साथ ही, छत्तीसगढ़ से आने वाला कोयला अब सीधे महाराष्ट्र के थर्मल पावर स्टेशनों को मदद देगा, जिससे ईंधन की सप्लाई ज़्यादा स्थिर और भरोसेमंद हो जाएगी।

गारे पाल्मा सेक्टर-2 खदान में करीब 655 मिलियन टन कोयले का भंडार होने का अनुमान है और इसकी सबसे ज्यादा उत्पादन क्षमता हर साल 23.6 मिलियन टन है।

पूरी तरह से चालू होने पर, इस प्रोजेक्ट से छत्तीसगढ़ को रॉयल्टी, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) के योगदान, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) और दूसरे टैक्स के जरिए काफी कमाई होने की उम्मीद है।

समय के साथ, कुल सीधे राजस्व की संभावना करीब 29,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। राजस्व के अलावा, यह प्रोजेक्ट स्थानीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

इससे 3,400 से ज्यादा सीधे रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, साथ ही ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, हॉस्पिटैलिटी और दूसरी सहायक सेवाओं जैसे सेक्टरों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।

इससे इस इलाके में लोगों की आजीविका को काफी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

यह प्रोजेक्ट कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) की पहलों के जरिए सामुदायिक विकास पर भी जोर देता है।

स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, साफ-सफाई, इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास के कार्यक्रमों के लिए शुरू में 35 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।

इसके अलावा, प्रोजेक्ट के सालाना शुद्ध मुनाफे का 2 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय विकास के कामों में लगाया जाएगा।

14 प्रभावित गांवों के 1,679 परिवारों के लिए पुनर्वास और फिर से बसाने की योजनाएं लागू की जा रही हैं।

प्रोजेक्ट के डिजाइन में पर्यावरण की सुरक्षा के उपाय भी शामिल किए गए हैं। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़ लगाना, ग्रीन बेल्ट बनाना, प्रदूषण कंट्रोल सिस्टम, पानी बचाना और खदान बंद होने के बाद जमीन को फिर से ठीक करना जैसे उपाय किए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

एससीएच

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026: लखनऊ का चौधरी, कोलकाता पर पड़ा भारी, इन 9 शॉट्स से छीना मैच

KKR vs LSG: आईपीएल 2026 के 15वें मैच में रोमांचक टक्कर देखने को मिली. लखनऊ सुपर जायंट्स ने 182 रनों का टारगेट हासिल करके सीजन की दूसरी जीत अपने नाम की. इस मैच में मुकुल चौधरी टीम की जीत के हीरो रहे. Thu, 09 Apr 2026 23:20:00 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: नाम कटने से इसलिए टेंशन में ममता बनर्जी! #pmmodi #tmcvsbjp #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-09T21:18:48+00:00

Wife Kill Husband: पति की हत्या, पत्नी ने रचा लूट का ड्रामा! | #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-09T21:15:03+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: कॉपी-पेस्ट के लिए उड़ा शहबाज का मजाक | #pakistannews #asimmunir #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-09T21:00:41+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: कॉपी-पेस्ट के लिए उड़ा शहबाज का मजाक | #pakistannews #asimmunir #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-09T21:11:56+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers