पाकिस्तान में बारिश ने मचाई तबाही, खैबर पख्तूनख्वा में तीन की मौत, 14 घायल
इस्लामाबाद, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर, मोहमंद और नौशेरा जिलों में बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को दी।
प्रमुख दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि पेशावर के मट्टानी इलाके में छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। मियां गुजर और इस्लामाबाद कोरुना इलाकों में लोग बारिश के पानी में फंसे हुए थे।
फैजी ने बताया कि नौशेरा के रहीमाबाद इलाके में छत गिरने से एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। इनमें दो बच्चे और एक महिला शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए पब्बी अस्पताल ले जाया गया।
मोहमंद जिले में बारिश से जुड़े हादसों में दो लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए। शहीद बांदा इलाके में एक लड़की की मौत हो गई, जब उसके घर का कमरा गिर गया। इसी तरह एक्काघुंड के करारी इलाके में भी ऐसा ही हादसा हुआ, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। बैजई इलाके के सरा खावा में एक आदमी की मौत हो गई, जब उसका कमरा भारी बारिश की वजह से गिर गया।
बुधवार को मोहमंद जिले के पिंडियाली तहसील के दवेजाई दावत कोर इलाके में छत गिरने से चार लोग घायल हो गए।
मोहमंद जिले में इस बार रिकॉर्ड बारिश हुई है और काफी नुकसान हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, 2026 में यहां 151 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 2013 के 134 मिलीमीटर के पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा है। लगातार बारिश से निचले इलाके पानी में डूब गए और छोटे नाले भी उफान पर आ गए।
कई लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए। सैकड़ों घर और दीवारें टूट गईं या खराब हो गईं। कई इलाकों की सड़कें भी बह गईं, जिससे लोग अलग-थलग पड़ गए और राहत कार्य में दिक्कत आई।
बारिश की वजह से मवेशियों की मौत हो गई और खेतों की फसलें भी बर्बाद हो गईं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
पांच मार्च को प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने बताया था कि मार्च के आखिर से भारी बारिश के कारण छत और दीवार गिरने से अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है और 105 लोग घायल हुए हैं।
पीडीएमए के मुताबिक, मरने वालों में 23 बच्चे, 17 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। वहीं, घायलों में 45 पुरुष, 16 महिलाएं और 44 बच्चे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में कुल 442 घरों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 382 घर आंशिक रूप से और 60 घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सिर्फ नुस्खा नहीं, आंखों के लिए पोषण है यह प्राचीन तरीका, आंखों और पेट दोनों का रखेगा ख्याल
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। मोबाइल की लत और पोषण की कमी का सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है।
इससे आंखों का कमजोर होना, काम में मन न लगना, सिर भारी होना, डार्क सर्कल होना और हमेशा थका हुआ महसूस होना आम लक्षण हैं, लेकिन समय के साथ यही लक्षण गंभीर हो जाते हैं और कई बीमारियां शरीर को परेशान करने लगती हैं, लेकिन दादी-नानी के जमाने का एक नुस्खा आंखों की परेशानी से आराम दिलाने में मदद कर सकता है।
आंखों के घटते नंबर को रोकने के लिए डॉक्टर लगातार चश्मा पहनने के लिए कहते हैं, लेकिन दादी-नानी के जमाने का एक नुस्खा आंखों के साथ-साथ स्मरण शक्ति को भी मजबूत करने में मदद करता है। इसमें शामिल हैं बादाम, मिश्री, और सौंफ। गर्मी से लेकर सर्दियों में यह नुस्खा पेट से लेकर आंखों को ठंडक देता है।
इसके लिए बादाम को धो कर पोंछ लें और फिर नमी को हटाने के लिए तवे पर हल्का भून लें। इससे बादाम के अंदर की नमी कम हो जाएगी। सौंफ को भी हल्का नमी खत्म होने तक भून लें, जिसके बाद आसान मात्रा में बादाम, मिश्री और सौंफ को मिलाकर पीस लें। इसे कांच के जार में भरकर रख लें और रात को सोते समय गुनगुने दूध के साथ लें। बादाम मस्तिष्क और आंखों को ताकत देगा, जबकि सौंफ आंखों की रोशनी बढ़ाने और पेट को ठंडक देने में मदद करती है, जबकि मिश्री भी तासीर में ठंडी होती है और कम मीठी होती है।
ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि मधुमेह से पीड़ित मरीजों को चिकित्सक की सलाह पर भी इस मिश्रण का सेवन करना चाहिए, क्योंकि मिश्री शुगर को बढ़ा सकती है। जिन लोगों को दूध से परेशानी है या पचने में दिक्कत करता है, वे लोग गुनगुने पानी के साथ मिश्रण को ले सकते हैं। जिन लोगों की आंखों का नंबर तेजी से गिर रहा है, या आंख में पानी आता है, वो मिश्रण के सेवन के साथ डॉक्टर को भी दिखाएं, क्योंकि यह मिश्रण पोषण देता है, इलाज नहीं करता है।
--आईएएनएस
पीएस/डीकेपी
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