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लौंग से लेकर नमक के पानी तक, इन घरेलू उपायों से कम करें दांतों का दर्द

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। दांत का दर्द एक ऐसी समस्या है, जो दिनभर के काम को प्रभावित करता है। कभी ठंडा-गरम खाने से झनझनाहट, तो कभी मसूड़ों में सूजन या सड़न के कारण तेज दर्द होने लगता है। आयुर्वेद में दांत दर्द को कम करने के कई प्राकृतिक और असरदार उपाय बताए गए हैं।

सबसे पहले बात करें लौंग की, तो यह दांत दर्द के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपायों में से एक है। लौंग में यूजेनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक और एंटीबैक्टीरियल होता है। जब इसे दांत के पास रखा जाता है या उसका तेल लगाया जाता है, तो यह नसों को हल्का सुन्न कर देता है और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। यही कारण है कि लौंग का इस्तेमाल करने से तुरंत राहत महसूस होती है। हालांकि, इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में यह जलन पैदा कर सकता है।

नीम भी दांतों और मसूड़ों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करते हैं। जब नीम की दातुन से दांत साफ किए जाते हैं तो यह मसूड़ों को मजबूत बनाने का भी काम करता है। वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो नीम मुंह के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे बैक्टीरिया का विकास कम होता है और दांत लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।

हल्दी भी एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है, जो सूजन और संक्रमण को कम करने में कारगर है। इसमें करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक होता है। जब हल्दी को पानी या तेल के साथ मिलाकर दांतों पर लगाया जाता है तो यह मसूड़ों की सूजन को कम करता है और दर्द में राहत देता है। साथ ही यह घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करता है, जिससे मसूड़े जल्दी ठीक होते हैं।

मुलेठी को अक्सर गले की समस्या के लिए जाना जाता है, लेकिन यह दांतों के लिए भी उतने ही फायदेमंद हैं। इसमें मौजूद तत्व बैक्टीरिया से लड़ते हैं और दांतों की सड़न को रोकते हैं। जब मुलेठी का पाउडर इस्तेमाल किया जाता है तो यह दांतों की सतह पर जमा गंदगी को साफ करता है और मसूड़ों को आराम पहुंचाता है। यह एक तरह से प्राकृतिक क्लीनर की तरह काम करता है।

नमक के पानी से कुल्ला करना असरदार तरीका है। गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करने से मुंह के बैक्टीरिया कम होते हैं और सूजन में राहत मिलती है। नमक में मौजूद गुण संक्रमण को कम करते हैं और मसूड़ों को साफ रखते हैं।

--आईएएनएस

पीके/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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पाकिस्तान में बारिश ने मचाई तबाही, खैबर पख्तूनख्वा में तीन की मौत, 14 घायल

इस्लामाबाद, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर, मोहमंद और नौशेरा जिलों में बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को दी।

प्रमुख दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि पेशावर के मट्टानी इलाके में छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। मियां गुजर और इस्लामाबाद कोरुना इलाकों में लोग बारिश के पानी में फंसे हुए थे।

फैजी ने बताया कि नौशेरा के रहीमाबाद इलाके में छत गिरने से एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। इनमें दो बच्चे और एक महिला शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए पब्बी अस्पताल ले जाया गया।

मोहमंद जिले में बारिश से जुड़े हादसों में दो लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए। शहीद बांदा इलाके में एक लड़की की मौत हो गई, जब उसके घर का कमरा गिर गया। इसी तरह एक्काघुंड के करारी इलाके में भी ऐसा ही हादसा हुआ, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। बैजई इलाके के सरा खावा में एक आदमी की मौत हो गई, जब उसका कमरा भारी बारिश की वजह से गिर गया।

बुधवार को मोहमंद जिले के पिंडियाली तहसील के दवेजाई दावत कोर इलाके में छत गिरने से चार लोग घायल हो गए।

मोहमंद जिले में इस बार रिकॉर्ड बारिश हुई है और काफी नुकसान हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, 2026 में यहां 151 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 2013 के 134 मिलीमीटर के पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा है। लगातार बारिश से निचले इलाके पानी में डूब गए और छोटे नाले भी उफान पर आ गए।

कई लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए। सैकड़ों घर और दीवारें टूट गईं या खराब हो गईं। कई इलाकों की सड़कें भी बह गईं, जिससे लोग अलग-थलग पड़ गए और राहत कार्य में दिक्कत आई।

बारिश की वजह से मवेशियों की मौत हो गई और खेतों की फसलें भी बर्बाद हो गईं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।

पांच मार्च को प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने बताया था कि मार्च के आखिर से भारी बारिश के कारण छत और दीवार गिरने से अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है और 105 लोग घायल हुए हैं।

पीडीएमए के मुताबिक, मरने वालों में 23 बच्चे, 17 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। वहीं, घायलों में 45 पुरुष, 16 महिलाएं और 44 बच्चे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में कुल 442 घरों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 382 घर आंशिक रूप से और 60 घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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