Luxury Cars: ऑडी का बड़ा ऐलान- भारत में Q3, A5 और Q9 समेत 3 लग्जरी कारें होंगी लॉन्च
Luxury Cars: जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता कंपनी ऑ़डी ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई प्रोडक्ट स्ट्रैटजी का खुलासा किया है। कंपनी ने भारत में Q3, A5 और Q9 के नए मॉडल लॉन्च करने की पुष्टि की है। इनमें से Q3 को इस साल फेस्टिव सीजन के दौरान बाजार में उतारा जा सकता है, जबकि ऑडी Q9 के 2027 की दूसरी छमाही में लॉन्च होने की उम्मीद है।
Audi के इस नए रोडमैप की सबसे खास बात यह है कि तीनों मॉडलों का उत्पादन भारत में ही किया जाएगा। इन्हें पूरी तरह तैयार यूनिट के तौर पर आयात करने के बजाय महाराष्ट्र स्थित Škoda Auto Volkswagen India के प्लांट में स्थानीय स्तर पर असेंबल किया जाएगा। इस कदम से कंपनी को भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ ग्राहकों तक ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमतों में अपने नए मॉडल पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
नई Audi Q3 में क्या होगा खास?
Audi के नए प्रोडक्ट अभियान की शुरुआत तीसरी पीढ़ी की Q3 से होगी। यह कंपनी के उन मॉडलों में शामिल है, जिनका लॉन्च सबसे पहले होने वाला है।
नई Q3 को मौजूदा मॉडल की तुलना में ज्यादा बड़ा और आधुनिक डिजाइन दिया गया है। इसमें शार्प एक्सटीरियर, अपडेटेड केबिन और नई टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी।
भारतीय बाजार के लिए इसमें 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो 204 bhp की पावर जनरेट करेगा। इंजन को 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और Audi के Quattro ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम के साथ जोड़े जाने की उम्मीद है।
फीचर्स की बात करें तो इसमें 11.9-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 12.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, थ्री-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और बड़ा सनरूफ मिल सकता है। कंपनी इसे SUV बॉडी के अलावा स्पोर्टबैक वर्जन में भी पेश कर सकती है।
Audi A4 की जगह लेगी नई A5
Audi भारतीय बाजार में अपनी मौजूदा A4 सेडान की जगह नई A5 को पेश करने की तैयारी कर रही है। इसे 2027 की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है।
नई A5 पुराने A4 मॉडल से आकार में बड़ी और ज्यादा आधुनिक होगी। यह Audi के नए आर्किटेक्चर पर आधारित है और इसके इंटीरियर में भी कंपनी की नई डिजाइन लैंग्वेज देखने को मिलेगी।
केबिन में हाई-टेक फीचर्स के साथ पैसेंजर के लिए एक वैकल्पिक टचस्क्रीन डिस्प्ले भी दिया जा सकता है। भारतीय मॉडल में 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है, जिसे ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा।
Audi Q9 होगी कंपनी की नई फ्लैगशिप SUV
Audi के नए रोडमैप में सबसे बड़ी और प्रीमियम पेशकश Q9 होगी। यह कंपनी की नई फ्लैगशिप SUV के तौर पर बाजार में आएगी। 5.3 मीटर से ज्यादा लंबाई वाली Q9 एक बड़ी 3-रो लग्जरी SUV होगी और इसे Q7 के सिर्फ बड़े वर्जन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।
भारत में इसका मुकाबला Mercedes-Benz GLS और BMW X7 जैसी प्रीमियम 3-रो SUVs से होगा।
पावरट्रेन की बात करें तो Q9 को पेट्रोल इंजन के साथ 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम के साथ पेश किए जाने की संभावना है। भारतीय बाजार में इसके साथ डीजल इंजन का विकल्प मिलने की उम्मीद नहीं है।
भारतीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी
Audi के इन तीन नए मॉडलों को लॉन्च करने के पीछे कंपनी का लक्ष्य भारतीय लग्जरी कार बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाना है। फिलहाल कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 8 प्रतिशत बताई जा रही है और Audi अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 16-18 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है।
इसके लिए कंपनी सिर्फ नए मॉडल लॉन्च करने पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने रिटेल नेटवर्क को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। साथ ही, Audi Approved Plus प्रोग्राम के जरिए सर्टिफाइड प्री-ओन्ड कारों के कारोबार का विस्तार भी किया जा रहा है।
इस नए प्रोडक्ट और बिजनेस रोडमैप के जरिए Audi भारत में अपने लग्जरी कार पोर्टफोलियो को मजबूत करने के साथ-साथ बाजार में अपनी हिस्सेदारी को तेजी से बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
(मंजू कुमारी)
Driving Tips: बारिश में कार चलाने से पहले कर लें ये 5 जरूरी काम, सफर रहेगा सुरक्षित
Driving Tips: मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन बारिश के दौरान कार चलाना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जलभराव, कीचड़, फिसलन और कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, कार के जरूरी हिस्सों की सही तरह से जांच न होने पर बीच रास्ते में गाड़ी खराब भी हो सकती है। ऐसे में मानसून शुरू होने से पहले कार की सर्विस और जरूरी पार्ट्स की जांच कराना बेहद जरूरी है। यहां हम आपको 5 ऐसे जरूरी काम बता रहे हैं, जिन्हें बारिश के मौसम से पहले जरूर करा लेना चाहिए।
वाइपर ब्लेड और वॉशर लिक्विड की जांच
बारिश में ड्राइविंग के दौरान साफ विजिबिलिटी सबसे ज्यादा जरूरी होती है। अगर वाइपर चलाने पर विंडशील्ड पर पानी साफ होने के बजाय निशान रह जाते हैं या रबर के घिसने की आवाज आती है, तो वाइपर ब्लेड बदलवा देना चाहिए।
इसके साथ ही वॉशर लिक्विड टैंक को भी चेक करें। इसमें उचित विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड का इस्तेमाल करें, ताकि बारिश के दौरान शीशे पर जमा धूल और गंदगी को आसानी से साफ किया जा सके।
टायरों की ग्रिप और प्रेशर चेक करें
गीली सड़क पर कार की पकड़ बनाए रखने में टायरों की अहम भूमिका होती है। अगर टायरों का ट्रेड काफी घिस चुका है, तो बारिश में कार के फिसलने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मानसून से पहले सभी टायरों की स्थिति और ट्रेड डेप्थ की जांच जरूर कराएं।
इसके अलावा, टायरों में सही एयर प्रेशर बनाए रखें और स्पेयर टायर को भी चेक करें। इमरजेंसी की स्थिति में यही टायर आपके काम आ सकता है।
ब्रेक सिस्टम की जांच जरूरी
बारिश और पानी से भरी सड़कों पर ब्रेकिंग पर अतिरिक्त ध्यान देना पड़ता है। इसलिए मानसून से पहले ब्रेक सिस्टम की पूरी जांच कराना बेहतर होता है। सर्विस के दौरान ब्रेक पैड, ब्रेक शू और ब्रेक फ्लूइड की स्थिति जरूर चेक कराएं।
अगर ब्रेक लगाने पर किसी तरह की आवाज आती है, ब्रेक पेडल ज्यादा सख्त या नरम महसूस होता है या कार रोकने में सामान्य से ज्यादा दूरी लग रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच करवाएं।
हेडलाइट्स और फॉग लैंप्स चेक करें
तेज बारिश के दौरान विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है। ऐसे में कार की लाइट्स का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है। मानसून से पहले हेडलाइट्स, टेललाइट्स, इंडिकेटर्स और फॉग लैंप्स की जांच जरूर कराएं।
अगर लाइट के कवर के अंदर नमी या धुंध जमा हो रही है, तो इसकी भी जांच करवाएं। साफ और सही तरीके से काम करने वाली लाइट्स न केवल आपको रास्ता देखने में मदद करती हैं, बल्कि दूसरी गाड़ियों को आपकी मौजूदगी का पता लगाने में भी मदद करती हैं।
बैटरी और वायरिंग की जांच करें
बारिश के दौरान नमी और पानी के संपर्क में आने से कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर असर पड़ सकता है। इसलिए बैटरी के टर्मिनल्स को साफ रखें और उन पर जंग या किसी तरह की गंदगी जमा न होने दें। जरूरत पड़ने पर टर्मिनल्स पर उपयुक्त एंटी-कोरोजन प्रोटेक्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर कार की बैटरी पुरानी हो चुकी है या इंजन स्टार्ट करने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है, तो मानसून से पहले उसकी जांच जरूर कराएं। साथ ही वायरिंग और इलेक्ट्रिकल कनेक्शंस की भी जांच कराना फायदेमंद रहेगा।
मानसून से पहले तैयारी है जरूरी
बारिश के मौसम में कार को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए इन छोटे-छोटे कामों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वाइपर, टायर, ब्रेक, लाइट्स और बैटरी की समय पर जांच कराने से न सिर्फ खराबी का खतरा कम होता है, बल्कि बारिश में ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक भी बनती है।
(मंजू कुमारी)
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