Driving Tips: बारिश में कार चलाने से पहले कर लें ये 5 जरूरी काम, सफर रहेगा सुरक्षित
Driving Tips: मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन बारिश के दौरान कार चलाना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जलभराव, कीचड़, फिसलन और कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, कार के जरूरी हिस्सों की सही तरह से जांच न होने पर बीच रास्ते में गाड़ी खराब भी हो सकती है। ऐसे में मानसून शुरू होने से पहले कार की सर्विस और जरूरी पार्ट्स की जांच कराना बेहद जरूरी है। यहां हम आपको 5 ऐसे जरूरी काम बता रहे हैं, जिन्हें बारिश के मौसम से पहले जरूर करा लेना चाहिए।
वाइपर ब्लेड और वॉशर लिक्विड की जांच
बारिश में ड्राइविंग के दौरान साफ विजिबिलिटी सबसे ज्यादा जरूरी होती है। अगर वाइपर चलाने पर विंडशील्ड पर पानी साफ होने के बजाय निशान रह जाते हैं या रबर के घिसने की आवाज आती है, तो वाइपर ब्लेड बदलवा देना चाहिए।
इसके साथ ही वॉशर लिक्विड टैंक को भी चेक करें। इसमें उचित विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड का इस्तेमाल करें, ताकि बारिश के दौरान शीशे पर जमा धूल और गंदगी को आसानी से साफ किया जा सके।
टायरों की ग्रिप और प्रेशर चेक करें
गीली सड़क पर कार की पकड़ बनाए रखने में टायरों की अहम भूमिका होती है। अगर टायरों का ट्रेड काफी घिस चुका है, तो बारिश में कार के फिसलने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मानसून से पहले सभी टायरों की स्थिति और ट्रेड डेप्थ की जांच जरूर कराएं।
इसके अलावा, टायरों में सही एयर प्रेशर बनाए रखें और स्पेयर टायर को भी चेक करें। इमरजेंसी की स्थिति में यही टायर आपके काम आ सकता है।
ब्रेक सिस्टम की जांच जरूरी
बारिश और पानी से भरी सड़कों पर ब्रेकिंग पर अतिरिक्त ध्यान देना पड़ता है। इसलिए मानसून से पहले ब्रेक सिस्टम की पूरी जांच कराना बेहतर होता है। सर्विस के दौरान ब्रेक पैड, ब्रेक शू और ब्रेक फ्लूइड की स्थिति जरूर चेक कराएं।
अगर ब्रेक लगाने पर किसी तरह की आवाज आती है, ब्रेक पेडल ज्यादा सख्त या नरम महसूस होता है या कार रोकने में सामान्य से ज्यादा दूरी लग रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच करवाएं।
हेडलाइट्स और फॉग लैंप्स चेक करें
तेज बारिश के दौरान विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है। ऐसे में कार की लाइट्स का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है। मानसून से पहले हेडलाइट्स, टेललाइट्स, इंडिकेटर्स और फॉग लैंप्स की जांच जरूर कराएं।
अगर लाइट के कवर के अंदर नमी या धुंध जमा हो रही है, तो इसकी भी जांच करवाएं। साफ और सही तरीके से काम करने वाली लाइट्स न केवल आपको रास्ता देखने में मदद करती हैं, बल्कि दूसरी गाड़ियों को आपकी मौजूदगी का पता लगाने में भी मदद करती हैं।
बैटरी और वायरिंग की जांच करें
बारिश के दौरान नमी और पानी के संपर्क में आने से कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर असर पड़ सकता है। इसलिए बैटरी के टर्मिनल्स को साफ रखें और उन पर जंग या किसी तरह की गंदगी जमा न होने दें। जरूरत पड़ने पर टर्मिनल्स पर उपयुक्त एंटी-कोरोजन प्रोटेक्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर कार की बैटरी पुरानी हो चुकी है या इंजन स्टार्ट करने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है, तो मानसून से पहले उसकी जांच जरूर कराएं। साथ ही वायरिंग और इलेक्ट्रिकल कनेक्शंस की भी जांच कराना फायदेमंद रहेगा।
मानसून से पहले तैयारी है जरूरी
बारिश के मौसम में कार को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए इन छोटे-छोटे कामों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वाइपर, टायर, ब्रेक, लाइट्स और बैटरी की समय पर जांच कराने से न सिर्फ खराबी का खतरा कम होता है, बल्कि बारिश में ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक भी बनती है।
(मंजू कुमारी)
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