वैभव सूर्यवंशी ने किया खुलासा, बताया जसप्रीत बुमराह को 2 छक्के जड़ते समय क्या सोच रहे थे?
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— Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) April 8, 2026
Vaibhav reacts to facing Bumrah and more ???? pic.twitter.com/tVOJ0ZTbHU
कहानी देश की पहली मस्जिद की, केरल के राजा ने पैगंबर मोहम्मद से मिलने के बाद निर्माण करवाने का किया फैसला
केरलम में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. यहां एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला है. केरल ऐसा राज्य है, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक संख्या में हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केरलम एक ऐसा राज्य हैं, जहां देश की पहली मस्जिद है. इसका निर्माण 629 ईस्वी में हुआ था. अब सवाल है कि 629 ईस्वी में जब भारत भूमि में इस्लाम ने कदम भी नहीं रखा था तो केरलम में मस्जिद का निर्माण हुआ कैसे. आइये जानते हैं देश की पहली मस्जिद के निर्माण की कहानी…
आपको ले चलते हैं सातवीं शताब्दी में…मालाबार के राजा चेरामन हुआ करते थे. एक रात सोते समय उन्हें एक सपना आया, जिसमें उन्होंने देखा कि आसमान में चांद के दो टुकड़े हो गए हैं. अगले दिना राजा ने दरबार में विभिन्न ज्योतिषियों को बुलवाया और अपने के बारे में सवाल किया. ज्योत्षियों के जवाब से राजा संतुष्ट नहीं हुए. इसी दौरान, अरब से कुछ मुस्लिम व्यापारी राजा से मिलने पहुंचे. राजा ने उनको भी अपने सपने के बारे में बताया.
मक्का-मदीना के लिए रवाना हो गए राजा
राजा को व्यापारियों ने मक्का-मदीना के पैगंबर मोहम्मद के बारे में बताया और कहा कि ये चमत्कार होगा. राजा ने कहा कि मुझे पैगंबर से मिलना है. ये सुनकर मुस्लिम व्यापारी बहुत खुश हुए. वे मक्का-मदीना जाने की तैयारी में जुट गए. राजा ने अपना राज-पाठ का काम सौंप दिया. राजा इसके बाद व्यापारियों के साथ समुद्र के रास्ते नाव से मक्का के लिए रवाना हो गए.
उन्होंने मक्का-मदीने में पैगंबर मोहम्मद से मुलाकात की. कुछ समय वे उनके साथ रहे. राजा इस दौरान, दुनिया की पहली मस्जिद अल-हरम में गए. पैगंबर से प्रभावित होकर राजा चेरामन ने इस्लाम अपना लिया. उन्हें पैगंबर ने उन्हें नया नाम दिया गया है- ताजुद्दीन. यानी धर्म का मुकुट.
लौटते वक्त राजा की बिगड़ गई तबीयत
इसके बाद राजा चेरामन वापस मालाबार लौटने के लिए जमीनी रास्ते से रवाना हो गए. हालांकि, बीच रास्ते में उनकी तबियत बिगड़ गई. ओमान पहुंचते ही उनकी मृत्यु हो गई. बीमारी के दौरान, राजा को पहले से ही एहसास हो गया था कि वे जिंदा नहीं बचेंगे. इसलिए उन्होंने एक खत लिखा और इस्लामिक विद्वान मलिक बिन दीनार को सौंप दिया. दीनार जब कुछ समय बाद मालाबार पहुंचे तो उन्होंने राजा के अधिकरियों को खत सौंपा. खत में राजा ने आदेश देते हुए लिखा था कि ‘कोडंगलूर में वीरान पड़े एक बौद्ध विहार की जगह पर मस्जिद बनाई जाए.’
ऐसे 1400 साल पहले केरलम में बनी दुनिया की दूसरी मस्जिद
अधिकारियों ने खत प्राप्त होने के बाद राजा के नाम पर 629 ईस्वी में चेरामन जुमा मस्जिद बनवाई. यानी आज से करीब 1400 साल पहले एक हिंदू राजा ने केरलम में भारत की पहली और दुनिया की दूसरी मस्जिद बनवाई थी. इसके बाद धीरे-धीरे केरलम में इस्लाम धर्म फैलना शुरू हो गया.
अब जानें केरलम की धार्मिक आबादी के बारे में
वर्तमान में केरलम में 26.5 प्रतिशत मुसलमान रहते हैं. केरलम में 140 विधायकों में से 32 मुस्लिम विधायक हैं. विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 87 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. केरलम में कुल 883 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने चुनावी दंगल में उतरे हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य में हिंदू 1.83 करोड़ यानी 54.57 प्रतिशत मुस्लिम हैं. मुस्लिम 26.56 प्रतिशत है, जिनकी आबादी 88.73 लाख है. 18.38 प्रतिशत आबादी के साथ ईसाई राज्य का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है. राज्य में 61.41 लाख ईसाई धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं.
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