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ट्रेलर रिव्यू: टॉक्सिक:बंदूकें खूब चलीं, लेकिन कहानी एक कदम भी नहीं; 4 मिनट 38 सेकेंड के ट्रेलर में यश का स्टारडम भी फीका

यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का ट्रेलर आज 8 अगस्त को रिलीज हो गया। लंबे इंतजार के बाद आए ट्रेलर में यश बेहद खतरनाक गैंगस्टर अवतार में दिखाई देते हैं। फिल्म में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और यह 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसका स्केल, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन है। यश का लुक और स्क्रीन प्रेजेंस भी प्रभावशाली है। लेकिन करीब 4 मिनट 38 सेकेंड के ट्रेलर के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही रह जाता है- आखिर फिल्म की कहानी क्या है? ट्रेलर कई किरदारों, हिंसक एक्शन, स्टाइलिश विजुअल्स और तेज कट्स से दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश करता है, लेकिन कहानी का इमोशनल कनेक्शन उतनी मजबूती से सामने नहीं आता। ऐसे में यह आशंका बनी रहती है कि कहीं फिल्म अपने विजुअल्स और यश के स्टारडम के पीछे कहानी की कमजोरी तो नहीं छिपा रही। यश का अंदाज दमदार, लेकिन किरदार में नयापन कितना? यश को एक बार फिर ऐसे किरदार में देखा जा रहा है जो खतरनाक, हिंसक और बेहद स्टाइलिश है। ‘KGF’ के बाद उनका ऐसा अवतार दर्शकों के लिए नया नहीं है। यही वजह है कि ट्रेलर देखने के बाद एक सवाल उठता है- क्या ‘टॉक्सिक’ यश को ‘KGF’ के रॉकी भाई वाले जोन से बाहर निकाल पाएगी? उनका लुक और एक्शन निश्चित तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाए गए हैं, लेकिन सिर्फ स्वैग और हिंसा के दम पर फिल्म को अलग पहचान दिलाना आसान नहीं होगा। कहानी से ज्यादा दिख रहा है स्टाइल ‘टॉक्सिक’ को पीरियड गैंगस्टर एक्शन ड्रामा बताया गया है। फिल्म की कहानी गोवा की पृष्ठभूमि में एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द है जो अपराध की दुनिया में अपना साम्राज्य खड़ा करता है। लेकिन ट्रेलर में कहानी के बजाय एक्शन, हथियार, हिंसा, ग्लैमर और बड़े सेट पीसेज ज्यादा हावी नजर आते हैं। यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है। अगर कहानी मजबूत नहीं निकली तो इतना बड़ा स्केल भी दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। कियारा-नयनतारा समेत फीमेल स्टारकास्ट पर नजर फिल्म में पांच प्रमुख महिला कलाकार हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद भी उनके किरदारों को लेकर बहुत ज्यादा स्पष्टता नहीं मिलती। कियारा आडवाणी का किरदार नादिया पहले से ही ‘तबाही’ गाने के कारण चर्चा में है। ‘तबाही’ में यश और कियारा की केमिस्ट्री और इंटीमेट सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी हुआ था। इस विवाद के बीच ट्रेलर से उम्मीद थी कि कियारा के किरदार की कहानी में अहमियत साफ होगी, लेकिन फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती। ट्रेलर से पहले भी विवादों में रही फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज होने के बाद महिलाओं के चित्रण को लेकर आपत्तियां उठी थीं। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने शिकायत की थी, जबकि एक ईसाई संगठन ने टीजर में आर्कएंजल माइकल की प्रतिमा दिखाए जाने को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया था। ट्रेलर लॉन्च से ठीक पहले कमाल आर खान ने भी यश पर पेड रिव्यूज की व्यवस्था करने का आरोप लगाया था। हालांकि यह आरोप उनका दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फैसला: विजुअल्स शानदार, लेकिन कहानी की परीक्षा बाकी ‘टॉक्सिक’ का ट्रेलर तकनीकी रूप से बड़ा और भव्य दिखाई देता है। यश का स्क्रीन प्रेजेंस भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन कहानी को लेकर ट्रेलर अभी भी दर्शकों को पूरी तरह आश्वस्त नहीं करता। फिल्म की असली परीक्षा यही होगी कि क्या गीतू मोहनदास इस बड़े स्टार और विशाल बजट के साथ सिर्फ एक स्टाइलिश गैंगस्टर फिल्म बनाती हैं या इसके पीछे कोई मजबूत और भावनात्मक कहानी भी है। फिलहाल ट्रेलर का सबसे बड़ा सवाल यही है- ‘टॉक्सिक’ यश की अगली बड़ी फिल्म बनेगी या सिर्फ यश के स्टारडम पर टिकी एक और बड़ी एक्शन फिल्म साबित होगी?

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लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का निधन:13 साल की उम्र में मेसी को बार्सिलोना ले गए, दो दशक तक उनके एजेंट रहे

अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। पिछले कुछ महीनों से उनका इलाज चल रहा था। मेसी के बचपन के क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि की। क्लब ने शोक जताते हुए उन्हें मेसी के करियर की सबसे मजबूत ताकत बताया। जॉर्ज सिर्फ मेसी के पिता नहीं थे। वे दो दशक से ज्यादा समय तक उनके एजेंट और सलाहकार भी रहे। बार्सिलोना, PSG और इंटर मियामी जैसे बड़े क्लब ट्रांसफर में उनकी अहम भूमिका रही। क्लब ने आधा झंडा झुकाया न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने श्रद्धांजलि में क्लब का झंडा आधा झुका दिया। क्लब ने कहा, जॉर्ज और उनकी पत्नी सेलिया ने मेसी के हर सफर में साथ दिया। बचपन की ट्रेनिंग से लेकर वर्ल्ड फुटबॉल के टॉप तक पहुंचने में जॉर्ज का योगदान रहा। जून में परिवार ने मांगी थी प्राइवेसी जून में मेसी परिवार ने बताया था कि जॉर्ज स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं। वे डॉक्टरों की निगरानी में थे। परिवार ने मीडिया से अफवाहें न फैलाने और प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील भी की थी। 13 साल की उम्र में मेसी को बार्सिलोना ले गए जॉर्ज अर्जेंटीना के रोसारियो में स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। शुरुआती दिनों में उन्होंने मेसी को स्थानीय क्लब में ट्रेनिंग भी दी। जब मेसी में ग्रोथ हार्मोन डिफिशिएंसी का पता चला, तब इलाज का खर्च उठाना मुश्किल था। ऐसे में जॉर्ज 13 साल के मेसी को लेकर बार्सिलोना पहुंचे। बार्सिलोना ने ला मासिया अकादमी में दाखिला दिया। इलाज का खर्च भी क्लब ने उठाया। इसके बाद जॉर्ज हर कदम पर बेटे के साथ रहे। दो दशक तक संभाले प्रोफेशनल फैसले मेसी के प्रोफेशनल करियर की शुरुआत से ही जॉर्ज उनके एजेंट रहे। उन्होंने बार्सिलोना के बड़े कॉन्ट्रैक्ट, 2021 में क्लब छोड़ने की प्रक्रिया, PSG और बाद में इंटर मियामी ट्रांसफर तक सभी अहम बातचीत संभाली। 2023 में बार्सिलोना अध्यक्ष जोआन लापोर्टा को भी जॉर्ज ने ही मेसी के इंटर मियामी जाने का फैसला बताया था। वर्ल्ड कप के दौरान भी चर्चा में रहे 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान भी जॉर्ज की तबीयत चर्चा में रही। अल्जीरिया के खिलाफ गोल करने के बाद भावुक हुए मेसी ने कहा था कि पिछले कुछ दिन उनके लिए बेहद मुश्किल रहे हैं। बाद में परिवार ने बयान जारी कर बीमारी की पुष्टि की। 2016 में टैक्स केस में दोषी ठहरे 2016 में स्पेन की अदालत ने लियोनेल मेसी और जॉर्ज मेसी को टैक्स चोरी के मामले में दोषी ठहराया था। हालांकि दोनों को दो साल से कम सजा मिली। इसलिए उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। ----------------------------- फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता:फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। उसने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल किया। स्पेन दूसरी बार फीफा वर्ल्ड चैंपियन बना है। उसने पहली बार 2010 में नीदरलैंड को हराकर यह ट्रॉफी जीती थी। पढ़ें पूरी खबर…

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IND vs SLC 11: आगाज ऐसा है तो अंजाम कैसा होगा? ऋषभ पंत समेत 3 बल्लेबाज पहले इम्तेहान में ही फेल

पहले दिन भारतीय गेंदबाजों को संघर्ष करना पड़ा तो दूसरे दिन टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाजों को भी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि इस बीच देवदत्त पडिक्कल ने मौके का सबसे अच्छा फायदा उठाया. Sat, 08 Aug 2026 22:41:40 +0530

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IIT Delhi Convocation में PM Narendra Modi ने याद दिलाए Satpura Mess के पराठे #tmktech #vivo #v29pro
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Punjab Politics: BJP-SAD में फिर गठबंधन? | AAP | Assembly Elections | CM Mann | Hindi News |R Bharat #tmktech #vivo #v29pro
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