राष्ट्रीय सुरक्षा माह के दौरान अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने 'शून्य क्षति' की प्रतिबद्धता को दोहराया
मुंबई, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। परिचालन उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के तहत, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने मार्च माह में अपने विभिन्न विभागों में राष्ट्रीय सुरक्षा माह मनाया।
राष्ट्रीय थीम, सुरक्षा बढ़ाने के लिए लोगों को शामिल करें, शिक्षित करें और सशक्त बनाएं के अनुरूप, कंपनी ने अपने कर्मचारियों और फील्ड टीमों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र, सुरक्षा अभ्यास और जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया।
यह पहल अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की शून्य क्षति नीति और अपने कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाती है।
हाल ही में, विविध क्षेत्रों में काम करने वाले अदाणी समूह का हिस्सा, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (अदाणी इलेक्ट्रिसिटी) ने लगातार दूसरे वर्ष भारत की शीर्ष वितरण कंपनी के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा है। कंपनी ने 92.5 का स्कोर हासिल किया है, जो प्रमुख मापदंडों पर कंपनी के निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
कंपनी के एक बयान के अनुसार, आपूर्ति की विश्वसनीयता, बिलिंग की सटीकता और प्रभावी शिकायत निवारण के कारण अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को देशभर में मूल्यांकित 66 बिजली वितरण कंपनियों में ए प्लस रेटिंग मिली है। यह रेटिंग दर्शाती है कि कंपनी के लिए ग्राहक संतुष्टि के परिणामों में क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाती है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कंदर्प पटेल ने कहा, “लगातार दूसरे वर्ष नंबर 1 स्थान बरकरार रखना हमारी टीमों के प्रतिदिन के निरंतर और अनुशासित कार्य को दर्शाता है। यह सम्मान प्रदर्शन मापदंडों से कहीं अधिक है।”
पटेल ने कहा, “यह हमारे द्वारा सेवा प्रदान किए जाने वाले शहर द्वारा हम पर रखे गए भरोसे को दर्शाता है और मुंबई में हमारे संचालन को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए विश्वसनीय, कुशल और सुदृढ़ बिजली आपूर्ति प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
भारत का बिजली वितरण क्षेत्र प्रदर्शन-आधारित मॉडल की ओर अग्रसर है, जिसमें परिचालन दक्षता, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता सेवा में सुधार देखा जा रहा है। यह बदलाव केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा आरईसी लिमिटेड के सहयोग से जारी नवीनतम वितरण उपयोगिता रैंकिंग (डीयूआर) और डिस्कॉम की उपभोक्ता सेवा रेटिंग (सीएसआरडी) में परिलक्षित होता है।
पूरे क्षेत्र में उपभोक्ता सेवा मानकों में सुधार हुआ है, जिसमें अधिक यूटिलिटी को ए प्लस, ए और बी प्लस रेटिंग मिली है। छह यूटिलिटी ने ए प्लस रेटिंग प्राप्त की, जबकि कोई भी यूटिलिटी सबसे निचले वर्ग में नहीं आई।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी का प्रदर्शन वित्तीय और परिचालन दक्षता, संसाधन पर्याप्तता, आपूर्ति नियोजन और उन्नत मीटरिंग और एनालिटिक्स के माध्यम से डिजिटलीकरण में मजबूती को दर्शाता है। कंपनी के अनुसार, मुंबई में 30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करने वाली यह यूटिलिटी विश्वसनीयता, जवाबदेही और पारदर्शिता को अपने प्रदर्शन के केंद्र में रखती है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आरबीआई के रेपो रेट फैसले से क्रेडिट ग्रोथ, आर्थिक सुधार और वित्तीय स्थिरता को मिलेगा बढ़ावा: विशेषज्ञ
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला अर्थव्यवस्था में चल रही रिकवरी को बनाए रखने, क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ावा देने और कर्ज की लागत को स्थिर रखने में मदद करेगा। अर्थशास्त्रियों और बैंकरों ने बुधवार को यह बात कही।
इंडियन ओवरसीज बैंक के एमडी और सीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्रीय बैंक का यह फैसला संतुलित और सेफ्टी-फर्स्ट दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर के लिए कारोबारी माहौल आसान बनाने पर आरबीआई के फोकस की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग के लिए ड्यू डिलिजेंस की शर्त हटाना एक सकारात्मक कदम है, जिससे छोटे व्यवसायों को लिक्विडिटी और वर्किंग कैपिटल तक आसान पहुंच मिलेगी।
साउथ इंडियन बैंक के एसजीएम और सीएफओ विनोद फ्रांसिस ने कहा, मौजूदा स्थिति में ब्याज दरों को स्थिर रखना बढ़ती महंगाई के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए वित्तीय प्रणाली को आवश्यक स्थिरता प्रदान करती है।
उन्होंने आगे कहा कि पर्याप्त लिक्विडिटी के साथ स्थिर ब्याज दर का माहौल रिटेल और एमएसएमई सेक्टर में कर्ज की मांग को बढ़ावा देगा और बैंकों के लिए एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट को मजबूत करेगा।
एस्सार कैपिटल के ऑपरेटिंग पार्टनर श्रीनिवासन वैद्यनाथन ने कहा कि आरबीआई का यह फैसला काफी हद तक उम्मीदों के अनुरूप है और यह दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक विकास और महंगाई नियंत्रण के बीच संतुलन बनाए रखना चाहता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच रुपए को ज्यादा कमजोर होने से बचाने पर भी आरबीआई का ध्यान है, जो आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी है।
वहीं, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के एमडी और सीईओ त्रिभुवन अधिकारी ने कहा कि ब्याज दरों में स्थिरता से खासकर किफायती और मध्यम आय वर्ग के घर खरीदारों के लिए कर्ज लेना आसान बना रहेगा।
इसके अलावा, क्रिसिल लिमिटेड की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट दीप्ति देशपांडे ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से ऊर्जा लागत के असर को कुछ हद तक नियंत्रित किया गया है, जिससे रिटेल महंगाई पर दबाव सीमित रहा है।
आईसीआरए लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और को-ग्रुप हेड, कॉर्पोरेट रेटिंग्स प्रशांत वशिष्ठ ने कहा कि युद्धविराम के बाद भी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई सामान्य होने में समय लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे सप्लाई शुरू होने से मौजूदा कमी में राहत मिलेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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